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राष्ट्र-पुरुष के आराधक भारत-भारती के अमर सपूत  

राष्ट्र-पुरुष के आराधक भारत-भारती के अमर सपूत  

स्मृति-शेष
अटल बिहारी वाजपेयी जन्म दिवस (25 दिसम्बर) पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र  भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जगता राष्ट्रपुरुष है. हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है, पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं. पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघाएँ हैं. कन्याकुमारी इसके चरण हैं, सागर इसके पग पखारता है. यह चन्दन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है, यह तर्पण की भूमि है, यह अर्पण की भूमि है, इसका कंकर-कंकर शंकर है, इसका बिंदु-बिंदु गंगाजल है. हम जिएंगे तो इसके लिए मरेंगे तो इसके लिए. ज्योतिष -अटल बिहारी वाजपेयी भारतवर्ष की सभ्यता निरंतर गतिमान और सृजनशील रही है. साहित्य और कला ही नहीं सामाजिक जीवन और राजनीति के क्षेत्र में भी यह सृजनात्मकता दिखती है. पर दोनों का एक ही व्यक्ति में सम्मिलन होना अद्भुत है. श्री अटल बिहारी वाजपेयी में इन दोनों धाराओं का संगम होता है. ऊपर उद्धृत काव्य पंक्तियों में ...
नदी द्वीप- माजुली और मलाई कोठानी

नदी द्वीप- माजुली और मलाई कोठानी

ट्रैवलॉग
मंजू दिल से… भाग-23मंजू काला‘एकांत कभी-कभी सबसेअच्छा समयहोता है.’ - जान मिल्टन, इन पैराडाइज़ लास्ट मिल्टन की उपरोक्त पंक्तियों को परिभाषित करती हैं जाड़ों की बोझिल और ठिठुररती शामें. इन ठिठुररती शामों के  दौरान मै बैठे-ठाले ही यात्राएँ करने लगती हूँ. असल में कुछ यात्राएँ हम रेल मार्ग से करते हैं, because कुछ सड़क मार्ग से, कुछ हवाई मार्ग से और कुछ स्मृति मार्ग से.  स्मृति के माध्यम से की जाने वाली यात्राओं का फायदा यह है कि इसके लिए कुछ खर्च नहीं करना पड़ता. सहुलियत रहती है, बस जब भी, और जहाँ भी एकांत उपलब्ध हो जाये वहीं से यात्राएँ शुरू हो सकती है. आज जब सांझ की बेला,  हाड़ कंपाती ठंडी में दांत बजाते हुए अपनी चादर समेटने की तैयारी कर रही थी कि तभी क्षितिज में डूबते  मटियाले और धुंधलाते सूरज दा ने प्यार से अपनी गर्माहट का लिहाफ मुझे ओढाया और ढकेल दिया   स्मृति की ट्रेन में. "क...
सनातन हिन्दू धर्म की आत्मा है गीता : महात्मा गांधी

सनातन हिन्दू धर्म की आत्मा है गीता : महात्मा गांधी

साहित्‍य-संस्कृति
डॉ. मोहन चंद तिवारीहिन्दू-धर्म का अध्ययन करने की इच्छा रखने वाले प्रत्येक हिन्दू के लिए यह गीता एकमात्र सुलभ ग्रंथ है और यदि अन्य सभी धर्मशास्त्र जलकर भस्म हो जाये तब भी इस अमर ग्रंथ के because सात सौ श्लोक यह बताने के लिए पर्याप्त होंगे कि हिन्दू-धर्म क्या है? और उसे जीवन में किस प्रकार उतारा जाए? मैं सनातनी होने का दावा करता हूँ; क्योंकि चालीस वर्षो से उस ग्रंथ के उपदेशों को जीवन में अक्षरशः उतारने का मैं प्रयत्न करता आया हूँ. - महात्मा गांधीआधुनिक युग में भारतीय पुनर्जागरण की वैचारिक परंपरा को सुदृढ आधार देने के लिए एव आध्यात्मिक भारत के पुनर्निर्माण के लिए जो जन आंदोलन चले उन्हें प्रोत्साहित करने में गीता के चिंतन की अहम भूमिका रही थी. गीता के निष्काम कर्मयोग से प्रेरणा लेते हुए ही आधुनिक युग के विचारकों, समाज सुधारकों और स्वन्त्रता आंदोलन के because सेनानियों ने ब्रिटिश साम्...
संस्कृति और जमीन बचाने के जुलूस के साथ उत्तराखंड महिला मंच ने मनाया अपना 28वां स्थापना दिवस

संस्कृति और जमीन बचाने के जुलूस के साथ उत्तराखंड महिला मंच ने मनाया अपना 28वां स्थापना दिवस

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनउत्तराखंड महिला मंच ने आज अपना 28 वां स्थापना दिवस, गांधी पार्क से शहीद स्थल तक एक सांस्कृतिक जुलूस निकालते हुए मनाया. इस सांस्कृतिक जुलूस की शुरुआत करते हुए, गांधी पार्क में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्तराखंडी वेशभूषा में उत्तराखंडी वाद्य यंत्रों की गर्जना के साथ अपने अलग-अलग क्षेत्रीय सामूहिक सांस्कृतिक गीतों व नृत्य का प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए भारी नारेबाजी भी की.भारी संख्या मे महिलाओं के अलावा आज मंच के स्थापना दिवस पर उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए "भू-कानून संयुक्त संघर्ष मोर्चा" से जुड़े युवा शक्ति संगठन के युवाओं ने भी भारी संख्या में इस अवसर पर अपनी भागीदारी दी, इसके अलावा मोर्चा से जुड़े आंदोलनकारी मंच, गढ़वाल सभा,  अन्य संघर्षशील भू-कानून संघर्ष समर्थक जन संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में जु...
भद्रज मंदिर मानो बांज की सरणी से चमकती मणि

भद्रज मंदिर मानो बांज की सरणी से चमकती मणि

ट्रैवलॉग
भद्रज मंदिर: यात्रा वृत्तांतसुनीता भट्ट पैन्यूली जिज्ञासा से था आकुल मन वह मिट्टी, हुई कब तन्मय मैं, विश्वास मांगती थी प्रतिक्षण आधार पा गयी निश्चय मैं! बाधा-विरोध अनुकूल बने अंतर्चेतन अरूणोदय में, पर भूल विहंस मृदु फूल बने मैं विजयी प्रिय,तेरी जय में. -सुमित्रा नंदन पंत जिस चरम पर पहुंचकर आकांक्षाओं की पूर्ति तो हो जाती है, किंतु जिज्ञासायें नये स्वरूप में जन्म लेकर मन को और विस्मित कर देती हैं,ऐसी भावनाओं को शब्दों में कैसे अभिव्यक्त किया जाये ? जब अंतर्मन में  प्रश्न उठते हैं. हम यहां क्यों आये हैं?कौन सी अदृश्य शक्ति हमें यहां खींच लायी है? हम नहीं आते तो क्या उस सर्वशक्तिमान की अनूस्यूत सत्ता को महसूस करने से हम वंचित न रह जाते? क्यों विराजती है यह सर्वोच्चमान शक्ति मानवीय पहुंच से इतनी दूर? शायद धार्मिक यात्राओं के दौरान मानव की इस चित्तवृत्ति  हेतु कि हम कहां जा रहे है...
हिमाचल: करसोग में दिखाए गए विलुप्त होते पुराने अनाजों के बीज और खिलाए गए व्यंजन

हिमाचल: करसोग में दिखाए गए विलुप्त होते पुराने अनाजों के बीज और खिलाए गए व्यंजन

हिमाचल-प्रदेश
करसोग में बनाया जाएगा जैविक कृषि के लिए बाजार बनेगा फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशनहिमांतर, करसोगएक समय था जब हमारे देश में अनाज की कमी हो गई थी. उस समय सरकारों ने अपने देशी बीजों को विकसित करने की बजाए विदेशी हाइब्रिड बीजों को तवज्जो दी गई. इन बीजों से अनाज की कमी तो पूरी हो गई लेकिन इन बीजों के कारण हमारे देश की खेती विदेशी कंपनियों के हाथों का खिलौना बन गई. बाहर से जो बीज आए उनके लिए भरी मात्रा में रासायनिक खाद और दवाइयों का इस्तेमाल भी किया गया. अत्यधिक पानी का दोहन किया गया। इसका दुष्परिणाम ये हुआ कि हमारे देश की मिट्टी बर्बाद हो गई, इंसानों में कई किस्म की बीमारियों को बढ़ावा मिला. इन सबके बुरे परिणाम हुए उनको ठीक करने की कोशिश के तहत पर्वतीय टिकाऊ खेती अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश द्वारा पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. महिला मंडलों के साथ मिलकर पुराने अनाजो...
हाथी स्वांग के साथ नौ दिवसीय पांडव मंडाण का समापन

हाथी स्वांग के साथ नौ दिवसीय पांडव मंडाण का समापन

उत्तरकाशी
अंतिम दिवस पर पांडव मंडाण के साथ ही हाथी नृत्य कर किया समापननीरज उत्तराखंडीविकासखण्ड के कमल सिराईं पट्टी के करड़ा गांव में नौ दिवसीय पांडव नवरात्रों का सोमबार सांय को पांडव मंडाण लगाकर हाथी स्वांग के साथ पांडव नवरात्रों का पूजा अर्चना के because साथ समापन किया गया. मंगशीर की दीपावली के दूसरे दिन बलिराज से सुरु हुए पांडव नवरात्रों का सोमबार देर सांय तक चले हाथी स्वांग, पांडव मंडाण व हवन पूजन कर गांव की सुख, समृद्धि की मंगल कामनाओं के साथ समापन किया गया. ज्योतिष बताते चले कि रवांई घाटी के नौगांव व पुरोला विकासखण्ड में मुख्यतः सभी गांवों में थात पूजन के साथ साथ पांडव नवरात्रों की भी एक धार्मिक व अनूठी लोक परम्परा सदियों से चली because आ रही है. क्षेत्र में लगभग सभी गांवों में मुख्यतः पांडव नवरात्रों का आयोजन मंगशीर माह में होने वाली बग्वाल व देवलांग पर्व के बाद बलिराज के दिन से शुर...
नम आंखों से पूरा देश दे रहा सीडीएस जनरल रावत को अंतिम विदाई, श्रद्धांजलि देने पहुंची कई हस्तियां

नम आंखों से पूरा देश दे रहा सीडीएस जनरल रावत को अंतिम विदाई, श्रद्धांजलि देने पहुंची कई हस्तियां

देश—विदेश
हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीभारत अपने पंसदीदा शीर्ष सैन्य अधिकारी सीडीएस जनरल बिपिन रावत को नम आंखों से अंतिम विदाई दे रहा है. दिल्ली स्थिति उनके आधिकारिक निवास 3, कामराज मार्ग पर जानी मानी शख्सियतें और बड़ी संख्या में आम लोग उन्हें आखिरी सलामी देने पहुंचे.ज्योतिषकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल, राहुल गांधी, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व because मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरियाणा के सीएम मनोजर खट्टर, एनसीपी चीफ शरद पवार, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत तमाम राजनीतिक शख्सियतें और तीनों सेनाओं के बड़े अफसर सीडीएस जनरल बिपिन रावत because और उनकी पत्नी मधुलिका रावत को पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे हैं. उन्‍हें श्रद्धांजलि देने वालों में विदेशी राजनयिक भी शामिल हैं. यहां प...
रवांई की संस्कृति, परम्पराओं व आस्था का अनूठा मेल है थाती माता पूजन

रवांई की संस्कृति, परम्पराओं व आस्था का अनूठा मेल है थाती माता पूजन

उत्तरकाशी
पुरोला गांव में पांडव मंडाण के साथ धूमधाम से मनाई गई मंगशीर बग्वाल, गांव में 9 दिवसीय थात पूजन समारोह शुरूनीरज उत्तराखंडीनगर पंचायत क्षेत्र के पुरोला गांव में शनिवार रातभर मंगशीर बग्वाल के साथ ही 9दिवसीय थात माता पूजन में पांडव मंडाण धूमधाम से मनाया गया. गांव में चल रहे 9 दिवसीय थात (जाग) माता की विशेष पूजा अर्चना का भी इन दिनों आयोजन किया जा रहा है. ज्योतिष थात माता की यह विशेष पूजा अर्चना हर पांच वर्षों में गांव की शुख-शांति,समृद्धि के लिए 9 दिनों तक की जाती है. रात-भर हवन पूजा अर्चना पांडव मंडाण रवांई की संस्कृति आस्था व परम्पराओं का because नजारा देखने को मिलता है. 9 दिवसीय पूजा के अंतिम दिन गांव व क्षेत्र की सुख-समृद्वि व बूरी आत्माओं से बचानें को क्षेत्र के ईष्ट ओडारू जखंडी देवताओं की पालकी के साथ विद्वान पंडित कच्चे सूत का धागा, सात प्रकार के अनाज (सतनजा), कद्दू आदि की...
डा. मनमोहन सिंह चौहान की अगुवाई में एनडीआरआई करनाल देश बना का शीर्ष कृषि संस्थान

डा. मनमोहन सिंह चौहान की अगुवाई में एनडीआरआई करनाल देश बना का शीर्ष कृषि संस्थान

देश—विदेश
वाई एस बिष्टएनडीआरआई के निदेशक डा. चौहान की गिनती देश के शीर्ष पशु विज्ञानियों में होती है. इससे पहले, केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा के निदेशक रहे डा. मनमोहन सिंह चैहान भारत में जानवरों की क्लोनिंग के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हैं. उन्हें कृषि और दुग्ध पालन के क्षेत्र में इनोवेटिव पहल के लिए जाना जाता है. राष्ट्रीय डेरी because अनुसंधान संस्थान ने देश के प्रमुख डेरी अनुसंधान संस्थान के रूप में पिछले पांच दशकों से डेरी उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रबंधन और मानव संसाधन विकास के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम कर रहा है और इनमें इसको विशेषज्ञता हासिल हुई है.ज्योतिष डा. मनमोहन सिंह चौहान ने एक बार फिर देवभूमि को गौरवान्वित किया है. उनकी अगुवाई में लगातार दूसरी बार करनाल स्थित राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान - एनडीआरआई को देश because में सबसे बेहतर कृषि संस्थान आंका गया है. भारतीय ...