चमोली

आगाज फैडरेशन ने दिया मैड की टीम को बीज बम बनाने का प्रशिक्षण

आगाज फैडरेशन ने दिया मैड की टीम को बीज बम बनाने का प्रशिक्षण

चमोली
  पहले दिन बनाए - 1000 बीज बम दून घाटी में पर्यावरण संरक्षण और बहुमूल्य वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए युवाओं के संगठन मैड संस्था और आगाज़ फैडरेशन ने बीज बम निर्माण एवं प्रचार प्रसार प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। मैड संस्था की वरिष्ठ कोऑर्डिनेटर आर्ची बिष्ट ने बताया कि मैड संस्था की कोर टीम के सदस्यों को बीज बम या सीड बम बनाने के प्रशिक्षण की आवश्यकता थी। इसलिए उन्होंने उत्तराखण्ड में बीज बम अभियान से प्रमुखता से जुड़ी जाड़ी संस्था और आगाज़ फैडरेशन से अपनी टीम को प्रशिक्षित करने का आग्रह किया। उनके आग्रह पर आगाज़ संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष जो जनपद देहरादून और चमोली में इस वर्ष 10 हजार बीज बम का निर्माण स्वयं संस्था के स्रोतों से करके उन्हें दोनों जनपदों में ऐसे स्थानों पर प्रत्यारोपित करेंगे जहाँ पिछले दिनों बड़े स्तर पर जंगल की आग लगी हो, भूस्खलन हुआ है और या तो ऐसे स्थानों ...
नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान में चतुर्थ जैव विविधता अनुश्रवण दशकीय अभियान सफलतापूर्वक संपन्न

नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान में चतुर्थ जैव विविधता अनुश्रवण दशकीय अभियान सफलतापूर्वक संपन्न

चमोली
 हिमांतर ब्यूरो, चमोलीयूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान में 7 से 28 जून तक आयोजित चतुर्थ नंदादेवी जैव विविधता अनुश्रवण दशकीय अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। अभियान में शामिल वैज्ञानिकों, उत्तराखंड वन विभाग, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तथा राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की संयुक्त टीम ने उच्च हिमालयी क्षेत्र की जैव विविधता, वनस्पतियों, वन्यजीवों और हिमनदों का विस्तृत अध्ययन कर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आंकड़े संकलित किए। अभियान के दौरान दल ने लाता गांव से सरसोपाताल बेस कैंप तक दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान कैमरा ट्रैप, ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) तथा अन्य आधुनिक तकनीकों की सहायता से बुग्यालों, वृक्षरेखा, हिमनदों, दुर्लभ वनस्पतियों एवं वन्यजीवों का वैज्ञानिक आकलन किया गया।अध्ययन के दौरान हिमालयी ...
‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ सीमांत क्षेत्रों में नए विश्वास, पर्यटन और रोजगार का बनेगा माध्यम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ सीमांत क्षेत्रों में नए विश्वास, पर्यटन और रोजगार का बनेगा माध्यम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

चमोली
नीति घाटी का जागरण सीमांत स्वाभिमान की नई इबारत नीति घाटी में गूंजा फिट इंडिया का संदेश, ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का पुरस्कार वितरण समारोह संपन्नहिमांतर ब्यूरो | चमोलीसीमांत जनपद चमोली की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के तहत विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को सम्मानित करते हुए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप सीमांत गांवों को "देश का पहला गांव" मानकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से ज...
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 का भव्य आगाज, नीति घाटी में देशभर के 933 धावकों ने दिखाई दमखम

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 का भव्य आगाज, नीति घाटी में देशभर के 933 धावकों ने दिखाई दमखम

चमोली
  फिट इंडिया और सीमांत पर्यटन को नई उड़ान देने की पहलहिमांतर ब्यूरो | चमोलीचमोली जनपद की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में रविवार को ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।कार्यक्रम का शुभारंभ काबीना मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धाम...
रिंगाल शिल्प से आत्मनिर्भरता की राह: पीपलकोटी में एक माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

रिंगाल शिल्प से आत्मनिर्भरता की राह: पीपलकोटी में एक माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

चमोली
  रिंगाल जैसे स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग और आधुनिक प्रशिक्षण ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड की नींव: आरती नवानीहिमांतर ब्यूरो, पीपलकोटी (चमोली)उत्तराखंड की पारंपरिक हस्तशिल्प कला ‘रिंगाल’ अब पहाड़ की पहचान के साथ-साथ स्थानीय शिल्पियों की आय का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। आधुनिक तकनीक के समावेश से इस कला को नया आयाम मिल रहा है।इसी दिशा में पीपलकोटी स्थित रिंगाल एवं काष्ठ शिल्प ग्रोथ सेंटर में अनुसूचित जाति उपयोजना (SCP) के अंतर्गत जिला उद्योग केंद्र, चमोली के सहयोग से संचालित एक माह का विशेष रिंगाल प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।एक माह के इस गहन प्रशिक्षण शिविर में 24 प्रशिक्षणार्थियों को उत्पादन एवं नवीन डिज़ाइन आधारित प्रशिक्षण दिया गया। शिल्पियों ने रिंगाल और बांस के संयोजन से घरेलू उपयोग एवं सजावटी उत्पाद तैयार करने की आधुनिक तकनीकें सीखीं, जिससे उनक...
सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई देश के प्रहरी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई देश के प्रहरी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

चमोली
 हिमांतर ब्यूरो, चमोलीमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद चमोली के बिरही (बेडूबगड़) में नीति-माणा जनजाति कल्याण समिति, चमोली द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “जनजाति समागम 2026” के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. नीति-माणा क्षेत्र की भोटिया समुदाय की महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में मुख्यमंत्री का स्वागत किया. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं. उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने सदियों से अपनी परंपराओं, लोकज्ञान और प्रकृति संरक्षण की भावना से हमारी सभ्यता को समृद्ध किया है. सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई-बहन देश के सजग प्रहरी हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय...
औली : बर्फ, रोमांच और संस्कृति का संगम

औली : बर्फ, रोमांच और संस्कृति का संगम

चमोली
  औली में सजेगा ‘स्कीइंग विंटर कार्निवल 2026’, बनेगा उत्तराखंड का शीतकालीन पहचान पत्रहिमांतर ब्यूरो, चमोलीदेवभूमि उत्तराखंड अब केवल चारधाम और ट्रैकिंग तक सीमित नहीं, बल्कि शीतकालीन पर्यटन और विंटर स्पोर्ट्स के वैश्विक नक्शे पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है. इसी कड़ी में 13 से 16 फरवरी 2026 तक चमोली जिले के विश्वविख्यात स्की स्थल औली में ‘औली स्कीइंग विंटर कार्निवल एवं राष्ट्रीय शीतकालीन खेल प्रतियोगिता/चैंपियनशिप 2026’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है. यह कार्निवल सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि खेल, संस्कृति, साहसिक पर्यटन और स्थानीय आजीविका का ऐसा संगम होगा, जो औली को भारत के स्थायी विंटर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है.राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं, अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव चा...
“देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” का भव्य समापन, मुख्यमंत्री धामी बोले – सीमांत गांवों में पर्यटन और आर्थिकी को मिलेगी नई दिशा

“देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” का भव्य समापन, मुख्यमंत्री धामी बोले – सीमांत गांवों में पर्यटन और आर्थिकी को मिलेगी नई दिशा

चमोली
हिमांतर ब्यूरो, माणा (चमोली)देश के प्रथम गांव माणा में आयोजित दो दिवसीय “देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” का रविवार को भव्य समापन हुआ. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इस आयोजन में स्थानीय समुदायों, पर्यटकों, भारतीय सेना के जवानों और गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली. महोत्सव का आयोजन भारतीय सेना एवं उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था. मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “स्थानीय जनता, सेना और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से यह आयोजन बेहद सफल रहा है, जिसने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है.”मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन एवं सेना द्वारा लगाए गए स्टॉलों और “नो योर आर्मी” प्रदर्शनी का अवलोकन किया. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी भारतीय सेना और ना...
कपूर कचरी की खेती – सुगंध से आजीविका तक

कपूर कचरी की खेती – सुगंध से आजीविका तक

खेती-बाड़ी, चमोली
कपूर कचरी की हिमालयकी एक बहुमूल्य जड़ी-बूटीजे. पी. मैठाणी हिमालय अपनी अनूठी जैव विविधता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां की वादियों में सैकड़ों औषधीय पौधे और वनस्पतियां स्वाभाविक रूप से उगती हैं। इन्हीं में से एक है – कपूर कचरी (Hedychium spicatum) जिसे स्थानीय भाषा में स्येडू या सैडू कहा जाता है और आम बोलचाल में इसे जिंजर लिली भी कहते हैं। इसका कुल नाम जिंजिबेरेसी है और यह अदरक-हल्दी की तरह कंद वाली औषधीय वनस्पति है।सांस्कृतिक महत्व चमोली जनपद के ग्रामीण अंचल में शादियों के समय होने वाले मंगल स्नान की परंपरा में कपूर कचरी और सुगंधबाला की जड़ों को हल्दी के साथ मिलाकर दूल्हा-दुल्हन के स्नान में प्रयोग किया जाता है। इसकी विशिष्ट सुगंध और औषधीय गुण इसे पर्वतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाते हैं।पीपलकोटी में सफल प्रयोग पीपलकोटी (चमोली) में लगभग 1300 मीटर की ऊंचाई पर ‘आगाज़’ स...
मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण से दिया ”हर घर योग, हर जन निरोग” का संदेश

मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण से दिया ”हर घर योग, हर जन निरोग” का संदेश

चमोली
गैरसैंण की धरती से मुख्यमंत्री का उदघोष : उत्तराखंड को बनाएंगे योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को भराड़ीसैंण, गैरसैंण स्थित विधानसभा परिसर में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण एवं 8 देशों के डेलिगेट्स के साथ योग किया. योग कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योग नीति पर आधारित पुस्तिका का विमोचन करते हुए राज्य में योग नीति का औपचारिक शुभारंभ भी किया. उन्होंने "एक वृक्ष, योग के नाम" कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभा परिसर में सेब का पौधा भी लगाया.इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ...