
पहाड़ और स्वयं के भीतरी तापमान को समझने में नाकाम रही बीजेपी
प्रकाश उप्रेती
पहाड़ों में गिरते तापमान के बीच चुनाव परिणामों ने हिमाचल के मौसम में गर्माहट पैदा कर दी है. इस बार के चुनाव परिणामों ने नब्बे के दशक से चले आ रहे पैटर्न को दोहराते हुए भी कई बड़े संकेत दिए हैं. इन संकेतों को “पाँच साल कांग्रेस और फिर पाँच साल बीजेपी” वाले फार्मूले से हटकर देखने की जरूरत हैं क्योंकि एक तरफ जहां बीजेपी राष्ट्रीय मुद्दों और चेहरों के साथ राज्य-दर-राज्य जीत रही है वहीं कांग्रेस लगातार कमजोर हो रही है. साथ ही इधर के कुछ वर्षों में बीजेपी ने जिस तरह से चुनाव लड़े हैं उसे देखकर भी इन परिणामों को सिर्फ पैटर्न के तौर पर नहीं देखा जा सकता है. बीजेपी निकाय से लेकर लोकसभा तक के चुनावों को पूरी ताकत से लड़ती है. हिमाचल में तो पाँच साल उसकी सरकार रही है और केंद्र में अनुराग ठाकुर जैसे बड़े कद के मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इसी प्रदेश से आते हैं. ऐसे में हिमाचल में बीजेपी क...









