पिथौरागढ़

मध्य प्रदेश में इंजी. ललित शौर्य को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

मध्य प्रदेश में इंजी. ललित शौर्य को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

पिथौरागढ़
पिथौरागढ़: सीमांत के युवा बाल साहित्यकार इंजी. ललित शौर्य को मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय सम्मान मिलने जा रहा है। बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र भोपाल के निदेशक महेश सक्सेना एवं संयोजक जलज गुप्ता ने इंजी. शौर्य के नाम की घोषणा करते हुए बताया कि इस वर्ष का रंजन सेन गुप्ता राष्ट्रीय बाल साहित्य सम्मान उत्तराखंड के बाल साहित्यकार इंजी. ललित शौर्य को मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन मई माह में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित होगा। इस अवसर पर देश के दिग्गज बाल साहित्यकार उपस्थित रहेंगे। ललित शौर्य लंबे समय से बाल साहित्य लेखन में सक्रिय हैं। उनकी एक दर्जन बाल साहित्य की पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी रचनाओं का अनुवाद अंग्रेजी, तमिल, कन्नड़, तेलगु, मलयालम, गुजराती, मराठी, उड़िया, उर्दू, गुरुमुखी, कुमाउनी, गढ़वाली समेत अनेक भाषाओं में हो चुका है। शौर्य की रचनाएं देश की प्रतिष्ठित बाल पत...
पिथौरागढ़ : गर्वाधार के पास वाहन हुआ दुर्घटनाग्रस्त, SDRF ने किये शव बरामद

पिथौरागढ़ : गर्वाधार के पास वाहन हुआ दुर्घटनाग्रस्त, SDRF ने किये शव बरामद

पिथौरागढ़
पिथौरागढ़ : जनपद पिथौरागढ़ के गर्वाधार के पास वाहन हुआ दुर्घटनाग्रस्त, SDRF ने किये शव बरामद। आज 29 दिसम्बर 2023 को  जिला नियंत्रण कक्ष, पिथौरागढ़ द्वारा SDRF टीम को सूचित किया गया कि गर्वाधार के पास एक वाहन खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, जिसमे रेस्क्यू हेतु SDRF टीम की आवश्यकता है। उक्त सूचना प्राप्त होते ही SDRF टीम उप निरीक्षक राम सिंह बोरा के हमराह मय आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर एक बोलेरो वाहन UK05 CA 3021 जो कि नजम से गरुआ जा रहा था, अचानक रास्ते में अनियंत्रित होकर खाई में लगभग 150 मीटर नीचे दुर्घटनाग्रस्त हो गया। SDRF टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुऐ तत्काल रोप द्वारा खाई में उतरकर उक्त वाहन पहुँच बनाई। वाहन में 02 व्यक्ति सवार थे जिनकी मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी। SDRF टीम द्वारा दोनों व्यक्तियों के शवो को स्ट्रेचर के माध्यम से पैदल...
पीएम का पिथौरागढ़ दौरा: फिर दिखी पीएम मोदी-सीएम धामी की जुगलबंदी

पीएम का पिथौरागढ़ दौरा: फिर दिखी पीएम मोदी-सीएम धामी की जुगलबंदी

पिथौरागढ़
देहरादून: आज उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के दौरे पर पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बेहद खास जुगलबंदी देखने को मिली। दरअसल, पीएम मोदी ने पवित्र पार्वती सरोवर में दर्शन एवं पूजन से लेकर सेना के जवानों के बीच सीएम धामी को हर जगह अपने साथ-साथ रखा।प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से हमेशा से विशेष लगाव रहा है। बीते वर्ष भी प्रधानमंत्री मोदी बद्रीनाथ धाम में दर्शनों के बाद जब देश के अंतिम गांव(तब तक) माणा में पहुँचे तो यहां भी दोनों के बीच की केमेस्ट्री साफ झलकी। माणा में आयोजित जनसभा में पीएम मोदी ने अपने भाषण में सीएम धामी के उस कथन पर मुहर लगा दी, जिसमें माणा देश का पहला गांव होने की बात कही। इसके बाद से माणा को देश के प्रथम गांव के रूप में पहचान मिली है। यहां आयोजित जनसभा में भी पीएम मोदी ने सीएम धामी की मंच से मुक्तकंठ से प्रशंसा की। सीएम ...
आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने मोदी, सीएम धामी व स्थानीय लोगों ने किया जोरदार स्वागत, पीएम के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में अध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने मोदी, सीएम धामी व स्थानीय लोगों ने किया जोरदार स्वागत, पीएम के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में अध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

पिथौरागढ़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किए आदि कैलाश के विराट दर्शन। आदि कैलाश यात्रा से प्रधानमंत्री मोदी ने दिया भक्ति और शक्ति का संदेश। पिथौरागढ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को भारत की आध्यात्मिक भूमि आदि कैलाश पहुंचे। यहां शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर, 2023 को सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ जनपद में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से दाहिनी ओर करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुॅचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किय...
कैप्टन गुमान सिंह चिराल : प्रशिक्षण के समय बहाया पसीना युद्ध में खून को बचाता है!

कैप्टन गुमान सिंह चिराल : प्रशिक्षण के समय बहाया पसीना युद्ध में खून को बचाता है!

पिथौरागढ़
प्रकाश चन्द्र पुनेठा, सिलपाटा, पिथौरागढ़ उत्तराखंड का सीमांत जिला पिथौरागढ़ के अन्तर्गत मुनस्यारी एक अति सुन्दर, रमणीय व प्राकृतिक सौन्दर्य युक्त विश्वप्रसिद्ध पर्यटक स्थल है, और तिब्बत की सीमा से लगा हुआ है. इसके अतिरिक्त मुनस्यारी परिश्रमी, बहादुर, शौर्यशाली, व साहसी लोगों की धरती है. मुनस्यारी के निकट, गोरी नदी के किनारे, मदकोट नामक सुन्दर कस्बा है. पिथौरागढ़ से मदकोट की दूरी लगभग 123 किलोमीटर है. मदकोट के दूर-दराज गांवों के नवयुवक भारतीय सेना का अभिन्न अंग बनने के अधिक लालायित रहते हैं. इस क्षेत्र के अधिकतर नवयुवक सत्रह वर्ष की आयु पूरी होते ही सेना में भर्ती होने को प्राथमिकता देते हैं. इसलिए कह सकते है कि मदकोट एक सैनिक बहुल क्षेत्र है. मदकोट से लगभग 8 किलोमीटर दूर चैना गांव के कैप्टन गुमान सिंह चिराल का सैनिक जीवन वृतांत भी संघर्षमय रहा है. गुमान सिंह जब मात्र दो माह की शिशु अवस्था म...
पिथौरागढ़ : सरमोली गांव बना देश का श्रेष्ठ पर्यटन गांव

पिथौरागढ़ : सरमोली गांव बना देश का श्रेष्ठ पर्यटन गांव

पिथौरागढ़
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने श्रेष्ठ पर्यटन गांव प्रतियोगिता में उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के सरमोली गांव का चयन किया है. 27 सितंबर को सरमोली गांव को श्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार दिया जाएगा. हिमनगरी के नाम से मशहूर मुनस्यारी का यह गांव जहां एक ओर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है तो वही यहां के लोगों ने पर्यटकों के ठहरने के लिए होमस्टे में जो काम किया है वो पूरे देश के लिए एक नजीर पेश कर रहा है. सरमोली गांव उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मुनस्यारी के ऊपर स्थित एक छोटा सा गांव है. इसकी सीमाएं तिब्बत और नेपाल से लगती हैं. यहां से हिमालय, नंदा देवी, राजरंभा, पंचाचूली, नंदा कोट चोटियों का दृश्य हर किसी को आकर्षित करता है पिथौरागढ़ जिले का सरमोली गांव जल्द ही देश का श्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया जाएगा. पर्यटन मंत्रालय ने श्रेष्ठ पर्यटन गांव प्रतियोगिता में सरमोली गांव का चयन किया है. 27 स...
पिथौरागढ़ : चार युद्ध लड़ने वाले 82 वर्षीय मेजर त्रिलोक सिंह सौन

पिथौरागढ़ : चार युद्ध लड़ने वाले 82 वर्षीय मेजर त्रिलोक सिंह सौन

पिथौरागढ़
प्रकाश चन्द्र पुनेठा, सिलपाटा, पिथौरागढ़ पिथौरागढ़ से पूर्व में लगभग 35 किलोमीटर दूर नेपाल सीमा व काली नदी के निकट क्वीतड़ गाँव के तोक चैड़ा में 1 जनवरी, 1944 के दिन एक किसान करम सिंह सौन व उनकी पत्नी ग्वाली देवी के परिवार में एक शिशु का जन्म हुआ। उसका नामकरण बड़ी धूमधाम से मनाया गया और नाम रखा गया त्रिलोक सिंह सौन। करम सिंह 120 नाली  भूमी के स्वामी होने के साथ एक संपन्न तथा समृद्ध किसान थे। करम सिंह अपने परिश्रम के बलबूते, अपने खेतों में पसीना बहाकर, खेतों में अनाज उगाकर तथा गाय-भैंस पालकर अपने परिवार का भरण-पोषण बहुत अच्छी तरह करते थे। उनके घर में अनाज व दूध-दही-घी की कमी नहीं थी। अगर कमी थी तो आधुनिक सुख-सुविधाओं की। उस समय हमारा देश ब्रिटिश शासन के पराधीन था। हमारे पर्वतीय क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ तथा आवागमन की सुविधाओं का बहुत अधिक अभाव था। पिथौरागढ़ जिला अल्मोड़ा का एक परगना था, पिथौ...
मेरी माटी मेरा देश : जसवंतगढ़ से मिट्टी लाकर पहुंचाएंगे वीरोंखाल : डॉ धन सिंह रावत

मेरी माटी मेरा देश : जसवंतगढ़ से मिट्टी लाकर पहुंचाएंगे वीरोंखाल : डॉ धन सिंह रावत

पिथौरागढ़
वाडयूं-दुनाव गांव पहुँचकर शहीद जसवंत सिंह रावत का किया वंदन, मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत रिखणीखाल में अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि देहरादून/पौड़ी गढ़वाल. 'मेरी माटी मेरा देश' अभियान को धार देते हुये सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज पौड़ी जनपद के रिखणीखाल ब्लॉक् में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके अलावा डॉ. रावत ने  वाडयूं-दुनाव गांव पहुँचकर चीन युद्ध के रणबांकुरे शहीद जसवंत सिंह रावत  को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. उन्होंने ऐलान किया कि वह अरुणांचल प्रदेश जाकर जसवंतगढ़ से मिट्टी लेकर वीरोंखाल पहुंचाएंगे.  इस दौरान उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी को याद रखना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देना है. इसीलिए प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर आज पूरा देश भारत माता के अमर बलिदानियों को याद कर रहा है. आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत चलाये जा रहे “मेरी मा...
युवा बाल साहित्यकार ललित शौर्य का भव्य नागरिक अभिनंदन

युवा बाल साहित्यकार ललित शौर्य का भव्य नागरिक अभिनंदन

पिथौरागढ़
पिथौरागढ़: अपनी लेखनी से पूरे देश में चमक बिखेर रहे सीमान्त के ललित शौर्य को विभिन्न संगठनों ने सामूहिक रूप से सम्मानित किया. समाजसेवी जुगल किशोर पांडेय की पहल पर एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में ललित शौर्य को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने ललित के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की. राम सिंह ने कहा कि ललित वैश्विक पटल पर पिथौरागढ़ का नाम आगे बढ़ा रहे हैं. डां. कच्चाहारी ने ललित शौर्य को बाल साहित्य में उभरता हुआ सूर्य बताया. शिक्षाविद उमा पाठक ने कहा कि ललित की रचनाएं पाठ्यक्रम में लगनी चाहिए. ये रचनाएं भावी भविष्य को गढ़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. राकेश देवलाल ने शौर्य को युवाओं के लिए प्रेरणा बताया. डां पीताम्बर अवस्थी ने ललित शौर्य के रचनाकर्म को मार्गदर्शक बताया. कार्यक्रम के संयोजक जुगल किशोर पांडेय ने कहा ललित शौर्य की कहानियां मलायलम, कन्नड़, तेलगु, अ...
कैलाश पर्वत : अब भारत से भी होंगे दर्शन

कैलाश पर्वत : अब भारत से भी होंगे दर्शन

पिथौरागढ़
सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लिपुलेख से कैलाश पर्वत के दर्शन संभव है. स्थानीय लोगों ने जब चीन सीमा पर बसे ओल्ड लिपुपास की पहाड़ी से कैलाश पर्वत के दर्शन किये. उसके बाद उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इसके बारे में बताया. जिसके बाद जिला प्रशासन इस इलाके में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं की तलाश में जुट गया है. पिथौरागढ़ राज्य के साथ ही यह पूरे भारत के लिए गौरव की बात है जो भी श्रद्धालु काफी समय से कैलास मानसरोवर यात्रा नहीं होने से मायूस है वे यात्री अब पिथौरागढ़ से ही कैलास दर्शन कर सकते हैं यह हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है. इससे हमारा सीमांत क्षेत्र पयर्टन के क्षेत्र में आगे बढेगा और जो कैलास मानसरोवर को लेकर पिथौरागढ़ की जो पहचान थी वह दोबारा उसको मिल सकेगी. सरकार और प्रशासन को इस ओर जल्दी से जल्दी ध्यान देना चाहिए ताकि ऐसा रास्ता निकाला जाये कि पिथौरागढ़ से ही कैलास के दर्शन हो सके. पयर्टन विभाग के ...