देहरादून

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच संपन्न हुआ घुघुति महोत्सव

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच संपन्न हुआ घुघुति महोत्सव

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनप्राउड पहाड़ी सोसाइटी द्वारा आयोजित नवम घुघुति महोत्सव में पूरे पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत मानो धरातल पर उतर आई. गढ़वाल, कुमाऊँ, जौनसार, तिब्बत, हिमाचल सहित समूचे हिमालयी क्षेत्र की लोकसंस्कृति को संजोते हुए यह सांस्कृतिक संध्या सांस्कृतिक उल्लास और सामाजिक चेतना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई. कार्यक्रम में गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी, गोरखाली एवं तिब्बती नृत्य समूहों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को पहाड़ी संस्कृति की विविध झलक दिखाई. वहीं टीम देवस्थली बैंड ने अपने लोकगायन से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया.महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त कर्नल अजय कोठियाल, भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बिष्ट, जयदीप सकलानी, सतीश धौलाखंडी सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प...
गणतंत्र दिवस: संविधान की चेतना से विकास का संकल्प

गणतंत्र दिवस: संविधान की चेतना से विकास का संकल्प

देहरादून
  गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उत्तराखण्ड के भविष्य का रोडमैपहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनगणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश केवल औपचारिक शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसमें संविधान की आत्मा, लोकतांत्रिक मूल्यों और उत्तराखण्ड के समग्र विकास का स्पष्ट दृष्टिकोण झलकता नजर आया. स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस को संविधान निर्माण का महापर्व बताया.“गणतंत्र दिवस हमारे संविधान के निर्माण का महापर्व है, जो हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूल्यों से जोड़ता है.” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्डमुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन हर नागरिक को स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने दायि...
माल्टा को मिले स्टेट फ्रूट का दर्जा

माल्टा को मिले स्टेट फ्रूट का दर्जा

देहरादून
  सिट्रस फल बदल सकते हैं पहाड़ के आर्थिक तंत्र का चेहराहिमांतर ब्यूरो, देहरादून‘माल्टा का महीना’ अभियान के तहत सिट्रस आर्थिकी पर दून लाइब्रेरी में एक विचार-विमर्श आयोजित किया गया. हरेला गांव, धाद की पहल पर आयोजित इस संवाद में विशेषज्ञों ने माल्टा सहित सिट्रस फलों को पहाड़ की आर्थिकी का मजबूत आधार बताते हुए इसे स्टेट फ्रूट का दर्जा देने की माँग रखी. कार्यक्रम में आगाज फेडरेशन के जगदम्बा मैठानी, कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव अजय डबराल और गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. तेजपाल बिष्ट ने अपने विचार रखे. स्वागत संबोधन में हरेला उद्यान के संयोजक पवन बिष्ट ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से चल रहा ‘माल्टा का महीना’ अभियान इस वर्ष निर्णायक मोड़ पर पहुंचा है. समाज से लेकर शासन तक इसकी धमक बनी है और आम लोगों ने अभियान के तहत लगभग 12 टन माल्टा की खरीद कर किसानों को सीधा समर्थन दिया...
स्व.अंजली देवी स्मृति सम्मान-2026 व कल्यो पुस्तक का लोकार्पण

स्व.अंजली देवी स्मृति सम्मान-2026 व कल्यो पुस्तक का लोकार्पण

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदेहरादून स्थित कुकरेजा इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के ऑडिटोरियम में बीते रविवार को गढ़रत्न गढ़ गौरव श्री नरेंद्र सिंह नेगी की अगुवाई में स्वर्गीय अंजली देवी स्मृति सम्मान 2026 का समारोह संपन्न हुआ. अंजली देवी जो की भिलंगना विकासखंड के दूरस्थ गांव भिगुन निवासी स्वर्गीय गणेश राम नौटियाल और गीता देवी की पुत्री थी बचपन से ही प्रतिभा की धनी और गुणों के खान होने के साथ-साथ आंग्ल विषय में विशेष योग्यता रखती थी पर वही ना पहाड़ की नारी का पहाड़ सा दर्द उसे कब किस मोड़ पर लेकर जाता है कुछ पता नहीं अंजली देवी के साथ वही हुआ पहाड़ सा दर्द ढोते ढोते वह अल्पायु में मृत्यु का शिकार हो गई पर उनकी अल्पायु में मृत्यु होने के कारण छोटी बहन आशा को मानसिक रूप से बहुत ही पीड़ा दे गया जिसका परिणाम यह हुआ की आशा अपनी बहन की याद में ये सम्मान शुरू कर गई और अंजली देवी सम्म...
दून पुस्तकालय में श्याम सिंह ‘श्याम’ की कृति ‘उर्वशी’ का लोकार्पण

दून पुस्तकालय में श्याम सिंह ‘श्याम’ की कृति ‘उर्वशी’ का लोकार्पण

देहरादून
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज प्रसिद्ध साहित्यकार श्याम सिंह ‘श्याम’ की खंडकाव्य कृति ‘उर्वशी’ का सभागार में लोकार्पण और उसके बाद एक चर्चा का कार्यक्रम संपन्न हुआ. वक्ताओं ने इस कृति की रचना-प्रक्रिया, भावभूमि और दार्शनिक पक्षों पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में उर्वशी के बहाने हिंदी साहित्य की सांस्कृतिक निरंतरता और वैचारिक परंपरा पर चर्चा हुई. इस साहित्यिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. इंदु कुमार पांडेय ने कृति का लोकार्पण करते हुए कहा कि ‘उर्वशी’ भारतीय काव्य-परंपरा की उस शाश्वत धारा से जुड़ती है, जिसमें सौंदर्य, त्याग और मानवीय मूल्यों का गहन दर्शन मिलता है. उन्होंने दून पुस्तकालय को बौद्धिक संवाद और साहित्यिक विमर्श का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए पुस्तक की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए श्याम सिंह श्याम की इस कृति को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया....
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026–36 का किया शुभारम्भ

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026–36 का किया शुभारम्भ

देहरादून
  23 हजार हेक्टेयर में होगी सुगंधित फसलों की खेती, 1 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य टिमरू/तिम्मुर की खेती और विपणन के लिए डाबर से एमओयू मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 का शुभारम्भ किया। उन्होंने सेटेलाइट सेन्टर भाऊवाला का लोकार्पण एवं सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई स्थित ए.एम.एस (C-14) प्रयोगशाला का भी शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 5 सेटेलाइट सेन्टरों का भी शिलान्यास किया। यह सेटेलाइट सेंटर - परसारी ( चमोली ), रैथल ( उत्तरकाशी), भैसोड़ी ( अल्मोड़ा), खतेड़ा ( चंपावत) एवं विषाड ( पिथौरागढ़) में स्थापित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान सुगंध पौधा केन्द्र और डाबर इंडिया लिमिटेड के बीच एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य एक्सट...
कृषि आधारित विकास मॉडल ही उत्तराखंड की भावी दिशा : डॉ. बी. पी. मैठाणी

कृषि आधारित विकास मॉडल ही उत्तराखंड की भावी दिशा : डॉ. बी. पी. मैठाणी

देहरादून
  हिमालयी संवाद की पहली व्याख्यान श्रृंखला में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था पर गहन मंथन देहरादून. स्थानीय दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के सभागार में सोमवार को ‘हिमालयी संवाद’ नामक नई पहल के अंतर्गत आयोजित प्रथम व्याख्यान में विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए कृषि, जैविक उत्पादन, बागवानी और वनाधारित आजीविका को मजबूत करना होगा. कार्यक्रम का विषय था ‘उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा’. पूर्वमंत्री स्व.मोहन सिंह रावत गांववासी की स्मृति में आयोजित इस व्याख्यान में मुख्य वक्ता ग्रामीण विकास के विशेषज्ञ एवं भारत सरकार के राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. बी. पी. मैठाणी ने कहा कि उत्तराखंड में विकास तो हुआ, लेकिन कृषि की जगह लगातार कम होती गई. राज्य निर्माण के समय जहाँ कृषि का योगदान 31% था, वहीं आज यह घटकर 8% रह गया है, जो चिंताजनक स्थित...
कलम की गरिमा को नमन: संकट में पत्रकारों के साथ खड़ी हुई सरकार

कलम की गरिमा को नमन: संकट में पत्रकारों के साथ खड़ी हुई सरकार

देहरादून
पत्रकार कल्याण कोष और सम्मान पेंशन योजना की बैठक में महत्वपूर्ण फैसले देहरादून. पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, समाज का नैतिक प्रहरी है और जब यही प्रहरी कठिन दौर से गुजरते हैं, तो राज्य का दायित्व और संवेदनशीलता दोनों परखा जाता है. सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित पत्रकार कल्याण कोष (कॉरपस फंड) एवं मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना समिति की बैठक में यही मूल भावना हावी रही. बैठक ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनका उद्देश्य पत्रकारों व उनके परिवारों को सुरक्षा और सम्मान देना है.दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को सहारा समिति ने 15 दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5–5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने की संस्तुति की है. यह केवल रकम नहीं, बल्कि उन परिवारों के प्रति संवेदना का प्रतीक है, जिन्होंने अपने किसी प्रिय को खोने के साथ-साथ आर्थिक कठिनाइयों का सामना भी किया.बीमा...
जड़ी-बूटी इकोनॉमी को गति देने के लिए सरकार का नया रोडमैप

जड़ी-बूटी इकोनॉमी को गति देने के लिए सरकार का नया रोडमैप

देहरादून
  हिमालय की गोद में उभरता हर्बल क्रांति का नया अध्याय देहरादून. हिमालय की उच्च तराइयों में सदियों से पलती–बढ़ती औषधीय वनस्पतियाँ अब उत्तराखंड के ग्रामीण जीवन, रोजगार और आर्थिकी को एक नई दिशा देने जा रही हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में हुई जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की बैठक में स्पष्ट कहा- “हर्बल और जड़ी-बूटी सेक्टर में नवाचार, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग भविष्य का असली मंत्र है.” राज्य की पहाड़ी मिट्टी में छिपे इस ‘हरी–सोने’ को पहचानकर उसे वैज्ञानिक तरीके से विकसित करने की योजना अब तेज रफ्तार पकड़ने वाली है.गांवों में हर्बल क्लस्टर: जंगली घास नहीं, अब ब्रांडेड उत्पाद की कहानी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गांवों में हर्बल क्लस्टर विकसित किए जाएँ, जहाँ किसान केवल कच्ची जड़ी-बूटियाँ न उगाएँ, बल्कि उनका प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग भी स्थानीय स्तर पर हो. इससे खेत...
हरिद्वार कुंभ 2027 के स्नान की महत्वपूर्ण तिथियां घोषित

हरिद्वार कुंभ 2027 के स्नान की महत्वपूर्ण तिथियां घोषित

देहरादून
  गंगा तट पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ली अखाड़ों से राय हरिद्वार. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार में गंगा तट पर अखाड़ों के आचार्यों एवं संतों के साथ विशेष बैठक कर कुंभ 2027 के प्रमुख स्नान की तिथियों की घोषणा की. पहली बार गंगा किनारे आयोजित हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ की तैयारियों में संत समाज की परम्पराओं और आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.कुंभ 2027 के प्रमुख स्नान पर्व मुख्यमंत्री ने निम्न प्रमुख तिथियों की घोषणा की—14 जनवरी 2027 – मकर संक्रांति 06 फरवरी 2027 – मौनी अमावस्या 11 फरवरी 2027 – वसंत पंचमी 20 फरवरी 2027 – माघ पूर्णिमा 06 मार्च 2027 – महाशिवरात्रि (अमृत स्नान) 08 मार्च 2027 – फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान) 07 अप्रैल 2027 – नव संवत्सर (नव वर्ष) 14 अप्रैल 2027 – मेष संक...