होम

लोक पर्व-त्योहार

जीवन-जगत में हरियाली का प्रतीक ‘हरेला’

प्रकाश उप्रेती ईजा ने आज हरेला ‘बूत’ (बोना) दिया. जो लोग 10वे दिन हरेला काटते हैं उन्होंने 7 तारीख और हम 9वे दिन हरेला काटते हैं इसलिए ईजा ने आज यानि 8 तारीख को बोया. हरेला का अर्थ हरियाली से है. यह हरियाली जीवन के सभी रूपों में बनी रहे उसी का द्योतक यह लोकपर्व […]

शिक्षा

गर्व बच्चों पर कीजिए अंकों पर नहीं…

प्रकाश उप्रेती CBSE ने आज 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है. 22 जुलाई को 10वीं कक्षा का परिणाम भी घोषित किया था. इन दोनों 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों का बच्चों के लिए खासा महत्व होता है. इन परिणामों के आधार पर ही वह because भविष्य की राह चुनते हैं. बच्चों पर इन […]

संस्मरण

चोखी ढाणी देखने के बाद आमेर किले (आंबेर) की सैर

सुनीता भट्ट पैन्यूली सुबह के साढ़े दस बजे हैं हम घर से निकल गये हैं. मुश्क़िल यह है कि मुझे हर हाल में आमेर का किला देखना है और समय हमारे पास कम है और पतिदेव ने समय सीमा बता दी है कि दो बजे तक किसी भी सूरत में देहरादून के लिए निकलना है […]

More News

धर्मस्थल

त्रिजुगी नारायण के अवतार माने जाते हैं कौल देवता!

दिनेश सिंह रावत लोक मान्यतानुसार कौंल देवता का संबंध केदारनाथ से है. इन्हें त्रिजुगी नारायण का अवतार माना जाता है और इसी के चलते हर बारहवें वर्ष कौंल देवता

धर्मस्थल

जहां विराजते हैं सूर्य सुता यमुना व शनि

— दिनेश रावत देवभूमि उत्तराखंड के दिव्यधाम सदियों के लोगों के आस्था एवं विश्वास के केन्द्र रहे हैं. सांसारिक मोह-माया में फंसा व्यक्ति, आत्मीकशांति की राह

धर्मस्थल

लोक के विविध रंगों से रंगा एक महोत्सव

– दिनेश रावत उत्तराखंड का रवांई क्षेत्र अपने सांस्कृतिक वैशिष्टय के लिए सदैव विख्यात रहा है. लोकपर्व, त्योहार, उत्सव, मेले, थोले यहां की संस्कृति

Share this: