October 20, 2020

पर्यावरण

इतिहास

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किस्से/कहानियां

रनिया की तीसरी बेटी

कहानी मुनमुन ढाली ‘मून’ आंगन में चुकु-मुकु हो कर बैठी, because रनिया सिर पर घूंघट डाले, गोद मे अपनी प्यारी सी बेटी को दूध पिलाती है और बीच-बीच मे घूंघट हटा

ट्रैवलॉग

रिसाले- मसालों के…

मंजू दिल से… भाग-2 मंजू काला जब भी मैं पहाडों पर भ्रमण करती हूँ, तो अक्सर महिलाओं को सिल बट्टे पर मसाले रगड़ते हुए गीत गाते देखकर एक कथानक की अविस्मरणीय

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‘चलो गांव की ओर’ मुहिम के तहत डॉ. जोशी ने  उत्तरकाशी में लगाया फ्री मेडिकल हैल्थ कैम्प

‘विचार एक नई सोच’ संस्था ने बांटे मास्क और सैनिटाइजर, कोरोना को लेकर किया लोगों को जागरूक हिमांतर ब्‍यूरो, देहरादून डॉक्‍टर को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता

संस्मरण

लकड़ी जो लकड़ी को “फोड़ने” में सहारा देती

मेरे हिस्से और पहाड़ के किस्से भाग—57 प्रकाश उप्रेती पहाड़ की संरचना में लकड़ी कई रूपों में उपस्थित है. वहाँ लकड़ी सिर्फ लकड़ी नहीं रहती. उसके कई रूप, नाम और

समसामयिक

गांधी चिंतन ने ‘भारतराष्ट्र’ को सांस्कृतिक पहचान दी

151वीं गांधी जयंती पर विशेष  डॉ. मोहन चंद तिवारी आज 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 151वीं जयंती becauseपूरे देश में राष्ट्रीय गौरव और

समसामयिक

यूसर्क द्वारा एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार

हिमांतर ब्‍योरो उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) एवं अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के संयुक्त तत्वाधान में

शिक्षा

हिंदी की स्थिति, गति और उपस्थिति

भारत भाषाओं की दृष्टि से एक अद्भुत देश है जिसमें सोलह सौ से अधिक भाषाएं हैं… प्रो. गिरीश्वर मिश्र किसी भी देश के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश में अभिव्यक्ति

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शिलागत जलान्वेषण के सन्दर्भ में वर्त्तमान ‘एक्वीफर’ अवधारणा

भारत की जल संस्कृति-19 आधुनिक भूवैज्ञानिक विश्लेषण डॉ. मोहन चंद तिवारी वराहमिहिर ने निर्जल प्रदेशों में मिट्टी और भूमिगत शिलाओं के लक्षणों के आधार पर

समसामयिक

वर्तमान परिदृश्य पर गांधी जी की आर्थिक दृष्टि

151वीं गांधी जयंती पर विशेष  प्रो. गिरीश्वर मिश्र आज पूरे संसार में एक विकटbecause वैश्विक आपदा के चलते उदयोग और व्यवसाय की दुनिया के सारे कारोबार और