Saturday, March 2, 2024
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जल विज्ञान

महिला दिवस: होली और पहाड़

जे .पी. मैठाणी पीपलकोटी के बाजार के अंतिम छोर पर बाड़ेपानी के धारे से तड़के सुबह पानी की बोतलें भरती औरतें, अपनी कमर पर स्येलू या सीमेंट...

 भारत की कृषि कहावतें: कहे घाघ के सुन भडूरी!

मंजू दिल से… भाग-32 मंजू काला कुछ पखवाड़े पहले की बात है, सुबह की चाय सुड़कते हुए एक समाचार ने मेरा ध्यान आकर्षित किया था कि ...