November 30, 2020

पर्यावरण

इतिहास

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ट्रैवलॉग

काकड़ीघाट: स्वामी विवेकानंद, ग्वेल ज्यू और चंदन सिंह जंतवाल

ललित फुलारा यह काकड़ीघाट का वही because पीपल वृक्ष है, जहां स्वामी विवेकानंद जी को 1890 में ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. असल वृक्ष 2014 में ही सूख गया था और

समसामयिक

घड़ी परीक्षा की  है पर हिम्मत न हारें  

प्रो. गिरीश्वर मिश्र आज कोरोना की महामारी ने ठण्ड because और प्रदूषण के साथ मिल कर आम आदमी की जिन्दगी की मुश्किलों को बहुत बढ़ा दिया है. बहुत कुछ अचानक हो

समसामयिक

सर्दियों के इस मौसम में पर्यटकों के स्वागत को तैयार है औली

हिमांतर ब्यूरो, देहरादून उत्तराखंड में because बहुत से पर्यटन स्थल हैं जो अपनी प्राकृतिक सुदंरता से सैलानियों को चकित कर देते हैं. उत्तराखंड पर्यटन का ऐसा

किस्से/कहानियां

सरुली और चाय की केतली….

लघु कथा अमृता पांडे सरुली चाय की केतली से because निकलती भाप को एकटक देख रही थी. पत्थरों का ऊंचा नीचा आंगन, एक कोने पर मिट्टी का बना कच्चा जिसमें सूखी

कविताएं

अपना गाँव

अंकिता पंत गाँवों में फिर से हँसी ठिठोली है बुजुर्गों ने, फिर किस्सों की गठरी खोली है. रिश्तों में बरस रहा फिर से प्यार मन रहा संग, खुशी से हर त्यौहार.

लोक पर्व/त्योहार

यतो धर्मस्ततो  जय: 

विजया दशमी पर विशेष प्रो. गिरीश्वर मिश्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भारतीय लोक-जीवन में गहरे पैठे हुए हैं और उनकी कथा आश्चर्यजनक रूप से हजारों वर्षों से

समसामयिक

उत्तराखंड की वादियों से गुमानी पंत ने उठाई थी,आज़ादी की पहली आवाज

संविधान दिवस (26 नवम्बर) पर विशेष डॉ.  मोहन चंद तिवारी मैं पिछले अनेक वर्षों से अपने लेखों द्वारा लोकमान्य गुमानी पन्त के साहित्यिक योगदान की राष्ट्रीय

संस्मरण

सहारनपुर जाने वाली बसों की हड़ताल सुनकर…

जवाबदेही की अविस्मरणीय यात्रा – भाग-5 सुनीता भट्ट पैन्यूली मेरे माथा ठनकने को पतिदेव ने तनिक भी विश्राम न करने दिया कार में बैठे और आईएसबीटी से कार

लोक पर्व/त्योहार

‘देवोत्थान’ एकादशी देवों के जागने का पर्व

ऋतुविज्ञान का भी पर्व डॉ. मोहन चंद तिवारी “उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविंद त्यज निद्रां जगत्पते. त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत सुप्तं भवेदिदम्.” अर्थात् हे

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‘चलो गांव की ओर’ मुहिम के तहत डॉ. जोशी ने  उत्तरकाशी में लगाया फ्री मेडिकल हैल्थ कैम्प

‘विचार एक नई सोच’ संस्था ने बांटे मास्क और सैनिटाइजर, कोरोना को लेकर किया लोगों को जागरूक हिमांतर ब्‍यूरो, देहरादून डॉक्‍टर को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता