26 विद्वानों को दिया जाएगा हिंदी सेवी सम्मान, किसे मिलेगा कौन—सा पुरस्कार?

26 विद्वानों को दिया जाएगा हिंदी सेवी सम्मान, किसे मिलेगा कौन—सा पुरस्कार?

हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्ली केन्द्रीय हिदी संस्थान द्वारा वर्ष 2018 के लिए 12 श्रेणियों के पुरस्कारों के लिए देश -विदेश के 26 महत्वपूर्ण रचनाकारों की घोषणा की गई है. इसमें केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के because अनुमोदन व केन्द्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष अनिल जोशी की गरिमामय उपस्थिति में निदेशक सुश्री बीना शर्मा द्वारा […]

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 भारत में पहली बार ‘मॉन्क फल’ की खेती

भारत में पहली बार ‘मॉन्क फल’ की खेती

सीएसआईआर–आईएचबीटी, पालमपुर द्वारा की पहल जे.पी. मैठाणी/हिमाचल ब्यूरो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) (World Health Organization (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में 422 मिलियन लोग मधुमेह से पीड़ित हैं. अतिरिक्त गन्ना शर्करा के सेवन से इंसुलिन प्रतिरोध, टाइप 2 मधुमेह, यकृत की समस्याएं, चयापचय सिंड्रोम, हृदय रोग आदि जैसी अनेक जानलेवा बीमारियां हो सकती […]

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 यूसर्क : बाँस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता कार्यक्रम

यूसर्क : बाँस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता कार्यक्रम

 विश्व बाँस दिवस का आयोजन हिमांतर ब्यूरो, देहरादून उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) (Uttarakhand Center for Science Education and Research (USERC)) के सभागर में विश्व बाँस दिवस (world bamboo day) का आयोजन गत 18 सितम्बर 2021 को किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बाँस की प्रजाति के because बहुउपयोगी महत्व को देखते हुये बाँस […]

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 अखरोट के पेड़ का बलिदान

अखरोट के पेड़ का बलिदान

फकीरा सिंह चौहान स्नेही सड़क के किनारे बस को रोकते हुए ड्राइवर ने कहा, गांव आ गया है, सभी लोग उतर जाए. मैं बस की सीट पर गहरी नींद में  सोया हुआ था. ड्राइवर मुझे जगाते हुए बोला, “बाबू जी, “आपको कौन से because गांव जाना है. “आप का भाड़ा यहीं तक का है. “मैं […]

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 गंजी हो आई खोपड़ी में चार बालों सा हौसला

गंजी हो आई खोपड़ी में चार बालों सा हौसला

नीलम पांडेय नील जीवन में मित्रों का आना हमारे सर के बालों की तरह है. बाल जब नये – नये आते हैं, खूब चमकदार,घने होते हैं. देखने वाले भी सोचते हैं क्या चमक-दमक है? कुछ लोग because तो इस चमक-दमक से जल उठते हैं. चमकते मित्र व्यक्ति की सामाजिक एवम् वर्चुअल जिंदगी की कहानी में […]

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 जलवायु संकट और कोविड ने मिलाया हाथ, 140 मिलियन लोग झेल रहे एक साथ

जलवायु संकट और कोविड ने मिलाया हाथ, 140 मिलियन लोग झेल रहे एक साथ

निशांत   चरम मौसम की घटनाओं और महामारी ने न सिर्फ एक साथ लाखों लोगों को बुरी तरह प्रभावित किया है, बल्कि जलवायु और कोविड संकट के संयोजन ने रिलीफ़ because (राहत-सहायता प्रतिक्रिया) प्रयासों में बाधा डालने के साथ-साथ ‘अभूतपूर्व’ मानवीय ज़रूरतें पैदा की हैं। यह कहना है इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड […]

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 डॉक्टर रेखा उप्रेती के यात्रा संस्मरण ‘क्षितिज पर ठिठकी सॉंझ’ का लोकार्पण

डॉक्टर रेखा उप्रेती के यात्रा संस्मरण ‘क्षितिज पर ठिठकी सॉंझ’ का लोकार्पण

हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ कॉलेज के हिंदी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर रेखा उप्रेती के यात्रा संस्मरण ‘क्षितिज पर ठिठकी सॉंझ’ का रविवार को वसुंधरा में लोकार्पण हुआ. किताब में रेखा उप्रेती ने अपने यूरोप-यात्रा के संस्मरणों को शामिल किया है. 20 दिनों की इस यात्रा के दौरान लेखिका ने जो 15 संस्मरण लिखे थे, […]

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 ढाई दिन के झोंपड़े की तरह ढाई दिन का प्यार!

ढाई दिन के झोंपड़े की तरह ढाई दिन का प्यार!

घट यानी पनचक्की (घराट) डॉ. हरेन्द्र सिंह असवाल पिछली सदी की बात है. उनके लिए जिन्होंने ये देखा नहीं, लेकिन हमारे लिए तो जैसे कल की बात है कि हम रविवार को पीठ में तीस पैंतीस किलो गेहूं, जौ  लादकर घट जा रहे हैं. दूर से ही देख रहा हूँ जैसे घट का पानी टूटा […]

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 पशुधन की कुशलता और समृद्धि का लोकपर्व

पशुधन की कुशलता और समृद्धि का लोकपर्व

प्रकाश उप्रेती आज खतडू है. ठंड आरम्भ होने की सूचना देने वाला यह त्योहार गोठ-गुठयार से लेकर खेत- खलिहानों तक की सुख-समृद्धि का द्योतक है. ईजा भी कहती थीं- “खतडूक बाद च्यला जाड़ होने गोय” because (खतडू के ठंड होती गई). मैं, आज भी इसके इसी संदर्भ से वाकिफ हूँ कि खतडू ऋतु परिवर्तन और […]

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 चंदेरी साड़ियां : मी टू, अहिल्याबाई होल्कर

चंदेरी साड़ियां : मी टू, अहिल्याबाई होल्कर

मंजू दिल से… भाग-19 मंजू काला किसी भी भारतीय महिला की संदूकची, या अलमारी कोई …खोजी पति… खंगालेगा (जो पत्नी के खजाने की टोह लेता हो )  तो उसे  उनमें झिलमिल करती चंदेरी साड़ियां जरूर झांकते हुए नजर आ.. जायेंगी!   मैं भी जब अपने साड़ियों के पिटारे को खोलती हूँ… (यह मेरा प्रिय शगल है! […]

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