
- हिमांतर ब्यूरो, देहरादून
देहरादून में गांधी पार्क से घण्टाघर तक मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में आयोजित महिला आक्रोश मशाल यात्रा में भारी जनसमूह उमड़ा। इस दौरान महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में माताएं, बहनें और बेटियां सड़कों पर उतरीं, जिसने प्रदेश में एक सशक्त सामाजिक और राजनीतिक संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मशाल यात्रा केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में उठी सामूहिक आवाज है। उन्होंने कहा कि देश की नारी अब अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर पहले से अधिक जागरूक और मुखर हो चुकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय लंबे समय तक लंबित रहे, जबकि हाल के वर्षों में इस दिशा में ठोस पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल महिलाओं के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लेते और उन्हें केवल राजनीतिक एजेंडा बनाकर रखते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, आज की महिला केवल भागीदार ही नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली शक्ति के रूप में उभर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि इनका असर अब जमीन पर भी दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पारंपरिक राजनीति करने वाले कुछ दलों को असहज कर रही है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

इस मशाल यात्रा के माध्यम से यह संदेश उभरकर सामने आया कि आने वाले समय में महिला शक्ति अपने अधिकारों के लिए और अधिक संगठित होकर सामने आएगी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रदेश भर से आई बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
