
आजादी के अमृत महोत्सव में गुमनाम नायकों की प्रतिष्ठा
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को किया गया सम्मानितहिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीभारत अपनी आजादी के अमृत महोत्सव में कुशल राजनीतिक नेतृत्व के कारण सभी जगह और हर मोर्चे पर प्रतिष्ठित हो रहा है. सुनियोजित दुष्प्रचार के जरिए जो विमर्श गढ़े गए उनकी कलई खुल रही है. सत्ता के इशारे पर चाहे राजशाही ने हो या लोकतांत्रिक निरंकुशता ने, जिसने भी देश की आजादी के महानायकों को हाशिए पर पहुंचाया ,देश उनकी वास्तविकता को भांपकर अब धूल चटा रहा है. अपने एक ही जीवन में मृत्युदंड की सजा पाने वाले because वीर दामोदर सावरकर हों या 84 दिन की भूख हड़ताल कर अंग्रेजी दासता और निरंकुश राजशाही के विरुद्ध बिगुल बजाने वाले टिहरी के मुक्तिनायक अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन. इस परंपरा के असंख्य राष्ट्रभक्तों के सत्कर्म और समर्पण कोई नहीं भुला सकता.ज्योतिष
देश में नई शिक्षा नीति में म...









