
देहरादून में बाबा बौखनाग देव डोली के दिव्य आगमन पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब;
मंदिर समिति और क्षेत्रवासियों ने निर्णय को बताया ऐतिहासिक
- हिमांतर वेब डेस्क
देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध देव संस्कृति और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। श्रद्धालुओं के प्रसिद्ध आराध्य देव बाबा बौखनाग देवता के पवित्र स्थल बौख टीबा (बौखनाग धाम) को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बौख टीबा को पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने की घोषणा की।
यह घोषणा देहरादून के सारथी बिहार स्थित रुचि भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा उत्तराखंड एवं अरविंद भट्ट के आवास पर आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के विश्वविख्यात ईष्टदेव बाबा बौखनाग देव डोली का दिव्य आगमन हुआ।
बाबा बौखनाग देव डोली के आगमन के साथ ही पूरा क्षेत्र जयकारों, ढोल-दमाऊं और पारंपरिक देव संस्कृति की ध्वनियों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा के दिव्य दर्शन कर सुख, समृद्धि, शांति और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
इस पावन अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री, विधायक, राज्य मंत्री, विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, क्षेत्रीय नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी भक्तों ने पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ बाबा बौखनाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की घोषणा के बाद मंदिर समिति के पदाधिकारियों, क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने इसे बाबा बौखनाग धाम के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया।
धार्मिक आस्था और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई शक्ति
बौख टीबा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने से यहां सड़क, पेयजल, विश्राम स्थल, श्रद्धालु सुविधाएं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार हो सकेंगे।
धाम के व्यवस्थित विकास से उत्तराखंड के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा बौखनाग देवता के दर्शन करने में सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प, भोजन, परिवहन, होमस्टे और अन्य पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
बाबा बौखनाग की कृपा से क्षेत्र को मिलेगी नई पहचान : संजय डिमरी
बाबा बौखनाग देवता के माली संजय डिमरी ने बौख टीबा को पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “बाबा बौखनाग देवता अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले जागृत देवता हैं। बौख टीबा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की घोषणा बाबा की कृपा और सभी श्रद्धालुओं की सामूहिक आस्था का प्रतिफल है। इससे धाम की धार्मिक महत्ता और प्राचीन देव परंपरा को देश-दुनिया में नई पहचान मिलेगी।”
उन्होंने कहा कि बौखनाग धाम के विकास के दौरान इसकी पवित्रता, प्राकृतिक स्वरूप और पारंपरिक देव संस्कृति का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से अधिक संख्या में भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंच सकेंगे और स्थानीय लोगों को भी रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
संजय डिमरी ने पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज, उत्तराखंड सरकार, मंदिर समिति और धाम के विकास के लिए प्रयासरत सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा बौखनाग देवता का आशीर्वाद पूरे प्रदेश और देशवासियों पर सदैव बना रहे।
स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर : श्याम डोभाल
उत्तराखंड ओबीसी आयोग के उपाध्यक्ष श्याम डोभाल ने इस घोषणा को धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “बौख टीबा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने का निर्णय धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्र से पलायन रोकने में भी सहायता मिलेगी।”
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की देव संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य राज्य की सबसे बड़ी पहचान हैं। ऐसे धार्मिक स्थलों का विकास स्थानीय संस्कृति को मजबूत करने के साथ राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाता है।

धाम के सुनियोजित विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ : जयेन्द्र सिंह रावत
बाबा बौखनाग मंदिर समिति के अध्यक्ष जयेन्द्र सिंह रावत ने कहा, “बौखनाग धाम को पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र के सुनियोजित विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मंदिर समिति लंबे समय से श्रद्धालुओं के लिए सड़क, आवास, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता महसूस कर रही थी।”
उन्होंने कहा कि यह घोषणा बाबा बौखनाग मंदिर समिति, क्षेत्रीय जनता और सभी श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। मंदिर समिति सरकार और पर्यटन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर धाम के विकास में पूरा सहयोग करेगी। जयेन्द्र सिंह रावत ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, प्रदेश सरकार और इस दिशा में प्रयास करने वाले सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
बाबा की कृपा से वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई : यशवंत सिंह रावत
बाबा बौखनाग के वजीर यशवंत सिंह रावत ने पर्यटन मंत्री की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “बौख टीबा केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और देव परंपरा का प्रमुख केंद्र है। इसे पर्यटन क्षेत्र घोषित किया जाना बाबा बौखनाग की कृपा और क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी भावना का सम्मान है। इस निर्णय से धाम की दिव्यता और पहचान देश-दुनिया तक पहुंचेगी।”
उन्होंने कहा कि बाबा बौखनाग देवता में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है और हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग धाम पहुंचते हैं। पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकास होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का भी संरक्षण होगा।

क्षेत्रवासियों ने जताया सरकार का आभार
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने पर्यटन मंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए उत्तराखंड सरकार का आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि बौख टीबा को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किए जाने से बाबा बौखनाग धाम की धार्मिक महत्ता को व्यापक पहचान मिलेगी।
श्रद्धालुओं ने उम्मीद जताई कि सरकार शीघ्र ही धाम के विकास की कार्ययोजना तैयार कर आधारभूत सुविधाओं का निर्माण शुरू करेगी, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिल सके।
बाबा बौखनाग देव डोली के दिव्य आगमन और पर्यटन क्षेत्र की घोषणा ने इस धार्मिक आयोजन को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने बाबा बौखनाग देवता के जयकारे लगाए और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की प्रार्थना की।
