पेंशन रुकी, घर अंधेरे में; चूल्हे के धुएं में कट रही वृद्धा की जिंदगी

Chandri Devi

 

घुंडाड़ा गांव की वृद्धा चंद्री देवी सरकारी योजनाओं से वंचित, एसडीएम ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

  • नीरज उत्तराखंडी, पुरोला

सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के दावों के बीच उत्तरकाशी जिले के पुरोला विकासखंड स्थित घुंडाड़ा गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव की वृद्ध महिला चंद्री देवी, पत्नी स्वर्गीय जतनी लाल, वृद्धावस्था पेंशन, बिजली कनेक्शन और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी बुनियादी सुविधाओं से अब तक वंचित हैं।

वृद्धावस्था में अकेले जीवन व्यतीत कर रहीं चंद्री देवी ने बताया कि उनके पति और एक पुत्र का निधन हो चुका है। परिवार में कोई सहारा नहीं होने के कारण वह बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रही हैं। उनके अनुसार, पिछले करीब छह माह से वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान भी नहीं हुआ है, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।

चंद्री देवी ने बताया कि उनके घर तक आज भी बिजली का कनेक्शन नहीं पहुंचा है। शाम ढलते ही पूरा घर अंधेरे में डूब जाता है और उन्हें दीपक अथवा अन्य अस्थायी साधनों के सहारे रात बितानी पड़ती है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ नहीं मिलने के कारण वह अब भी जंगल से लकड़ी लाकर पारंपरिक चूल्हे पर भोजन बनाने को मजबूर हैं। चूल्हे के धुएं से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गरीब, निराश्रित और वृद्ध लोगों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ समय पर नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर नियमित सत्यापन और निगरानी की व्यवस्था प्रभावी होती तो चंद्री देवी जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चंद्री देवी की वृद्धावस्था पेंशन तत्काल बहाल कर बकाया राशि का भुगतान किया जाए। साथ ही उनके घर तक बिजली का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत निःशुल्क गैस कनेक्शन दिया जाए, ताकि वह सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी सकें।

मामले की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी पुरोला, मुकेश रमोला ने संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समाज कल्याण, ऊर्जा और अन्य संबंधित विभागों से महिला की पात्रता तथा दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है।

यह मामला एक बार फिर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जिन योजनाओं का उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक राहत पहुंचाना है, यदि उन्हीं पात्र लोगों को समय पर लाभ न मिले तो व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। प्रशासन की त्वरित पहल के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि चंद्री देवी को जल्द ही सभी आवश्यक सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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