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…ताकि ओडॉयर कि मौत की गूँज दुनिया भर को सुनाई दे!

फ़िल्म समीक्षा : एक खूबसूरत दर्दभरी कहानी है फिल्म ‘सरदार उधम सिंह’ कमलेश चंद्र जोशी माइकल ओडॉयर को गोली मारने के बाद उधम सिंह को ब्रिटिश जेल में जिस तरह की यातनाएँ दी गई उसके बारे में सोचकर भी किसी की रूह काँप जाए, लेकिन उधम सिंह मानो मौत का because कफन बाँधकर ही ओडॉयर को […]
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क्रांति और भ्रांति के बीच उलझी देश की जनता!

भावना मासीवाल इस वर्ष हम सभी देशवासी आज़ादी के पिचहत्तरवें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं. आजादी के यह वर्ष हम सभी के जीवन में बहुत सारे विरोध-प्रतिरोध को लेकर आया है. सामाजिक न्याय और व्यक्तिगत आजादी जैसे प्रश्न मुखर होकर उभरें हैं. ऐसा नहीं है कि इससे पूर्व तक यह प्रश्न मुखर नहीं थे. […]
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मेघ पिता है धरती माता, ‘पितृदेवो भव’

‘फादर्स डे’ 20 जून पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी आज 20 जून को महीने का तृतीय रविवार होने के कारण ‘फादर्स डे’ के रूप में मनाया जाता है. ‘फादर्स डे’ पिताओं के सम्मान में मनाया जाने वाला दिवस है जिसमें पितृत्व (फादरहुड) के because प्रभाव को समारोह पूर्वक मनाने की भावना संन्निहित रहती है. […]
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हिंदी पत्रकारिता का काल, कंकाल और महाकाल

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विशेष प्रकाश उप्रेती हिन्दी पत्रकारिता का सफर कई उतार-चढाव से होकर गुजरा है. उसका कोई स्वर्ण काल जैसा नहीं रहा है और होना भी नहीं चाहिए लेकिन पत्रकारिता का भक्तिकाल शाश्वत सत्य है. वह लगभग इन 200 वर्षों की यात्रा में नजर आता है.मासिक, साप्ताहिक और दैनिक से लेकर 24×7 तक […]
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अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना ही पत्रकार का धर्म

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विशेष डॉ. राकेश रयाल हिंदी भाषा में ‘उदन्त मार्तण्ड’ के नाम से पहला समाचार पत्र आज के ही दिन 30 मई 1826 में निकाला गया था. इसलिए इस दिन को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है. because हिंदी भाषा के प्रथम पत्रकार (सम्पादक)  पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने […]
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गधेरों से उठता सिर्फ धुआँ…

प्रकाश उप्रेती पहाड़ के गाँव महामारी के कई रूपों से लड़ रहे हैं. स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का आलम सरकार दर सरकार दर जर्ज़र होता गया. तहसील और जिले के अस्पतालों में डॉ. के नाम रेफर बाबू हैं और दवा के नाम पर कैल्शियम की गोलियां. अखबारों में अस्पताल के अभाव में दम तोड़ते लोग, प्रसव पीड़ा […]
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कोरोना महामारी और हमारा हेल्थ सिस्टम

कमलेश चंद्र जोशी कभी-कभी यूँ लगता है जैसे एक स्वप्न सा चल रहा है. जिसमें एक महामारी दुनिया भर में फैली है जिस वजह से लोग घरों में कैद है. ऐसा लगता है जैसे अभी सपना टूटेगा, आँख खुलेगी because और एक गहरी साँस भरते हुए दिल के किसी कोने से आवाज आएगी उफ़्फ क्या […]
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रोटी और कोविड आपदा से जूझता आम इंसान

भावना मासीवाल आपदा में संपदा बनाना किसी से सीखना हो या विपदा को कैसे अपने हित के अनुरूप काम में लेना हो, इसमें मनुष्य सर्वोपरि प्राणी है. बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है, but आज हम सभी कोविड-19 के जिस भयावह दौर से गुजर रहे हैं जहाँ हर दूसरा व्यक्ति अपने प्राणों की रक्षा के […]
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संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कोरोना में क्या काम कर रहे हैं RSS स्वयंसेवक

ललित फुलारा, नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर का कहना है कि वैश्विक कोरोना महामारी के दौरान संघ के कार्यकर्ता सक्रिय तौर पर सामाजिक कार्यों में जुटे हुए हैं. आरएसएस कार्यकर्ता जरूरतमंदों को ऑक्सीजन सिलेंडरों की सप्लाई से लेकर जरूरी दवाओं की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं. उन्होंने […]
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अवसाद पैदा करने वाले इस दौर में अपने बच्चों से बात कीजिये

कमलेश चंद्र जोशी देश बहुत गंभीर समस्याओं से गुजर रहा है. कोरोना महामारी की दूसरी लहर क़हर बनकर देश पर टूट पड़ी है जिस वजह से तस्वीर और भयावह होती जा रही है. तमाम दोस्तों से बात करता हूँ तो पता चलता है किसी को नौकरी नहीं मिल रही तो किसी की नौकरी जा चुकी […]