नैनीताल

आस्था का उमड़ा जनसैलाब, चालदा महाराज की अद्भुत प्रवास यात्रा व्यवस्था

  • भारत चौहान

जौनसार बावर, उत्तरकाशी एवं हिमाचल क्षेत्र के आराध्य महासू महाराज के प्रति यहां के स्थानीय लोगों की अपार श्रद्धा व आस्था है. विगत दिनों चालदा महाराज की मोहना मे 2 वर्ष रुकने के because पश्चात जब प्रवास यात्रा समालटा के लिए प्रस्थान की तो हजारों लोगों की आंखें नम थी, की अब महाराज वापस कब आएंगे?  यात्रा प्रारंभ हुई और 23 नवंबर की रात को चालदा महाराज समालटा गांव खत मझियारना में विराजित हुए, इस यात्रा में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा,  हजारों लोगों ने देव दर्शन किए, मन्नते मांगी व क्षेत्र की खुशहाली के लिए अपने इष्ट देव से प्रार्थना की.

ज्योतिष

यात्रा का प्रारंभ जौनसार बावर के मोहना गांव से हुआ जहां हजारों लोगों ने चालदा महाराज को समालटा के लिए विदा किया.यात्रा के आगे – आगे देव के प्रतीक के रूप में गाडवे (देवता के नाम के बकरे) चल रहे थे उसके पीछे हजारों का जनसैलाब कंधे पर महाराज की डोली और मुंह पर छतरधारी की जय के उद्घोष थे! मोहना गांव में because हजारों लोगों के भोजन प्रसाद और रुकने की व्यवस्था मोहन खत के तमाम लोगों द्वारा की गई साथ ही 2 वर्ष तक आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई.

ज्योतिष

महाराज की प्रवास यात्रा चकराता पहुंची तो वहां पर हजारों लोगों के लिए प्रसाद, जलपान की व्यवस्था चकरातावासियों की. रात्रि में महाराज जौनसार बावर के प्रतिष्ठित गांव थाणा में पहुंचे जहां महाराज रात्रि विश्राम के लिए रुके, थाणावासियों ने भंडारे की अत्यंत सुव्यवस्थित व्यवस्था की थी जिसमें इस खत के प्रत्येक नव युवक ने तन, मन because और धन से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इस गांव के बारे में कहा जाता है कि यह गांव पढ़ा लिखा है,  इसी गांव के निवासी श्रद्धेय स्वर्गीय कृपाराम गुरु जी जो अब हमारे बीच में नहीं है परंतु उनके द्वारा संस्कारित की गई टीम ने इस यात्रा को भोजन, लाइट, पानी आदि की व्यवस्था को अद्भुत तरीके से संपादित किया .

ज्योतिष

दूसरे दिन थाणा गांव से समालटा के लिए यात्रा प्रारंभ हुई रामताल गार्डन जहां शहीद केसरी चंद का प्रत्येक वर्ष शहीदी मेला आयोजित किया जाता है इस स्थान पर देवता व देशभक्ति एक साथ because दिखाई दी यहां पर जलपान और प्रसाद की व्यवस्था खत सैली के 24 गांववासियों ने की थी यह व्यवस्था भी अद्भुत थी इस रमणीक स्थान का लाभ उठाते हुए स्थानीय लोगों ने देव डोली के स्वागत में खूब सांस्कृतिक कार्यक्रम किए .

ज्योतिष

यात्रा समुद्र तल से 3500 मीटर की because ऊंचाई पर थी जिसे विरमोऊ डांडा कहते हैं यहां पर प्रसाद व जलपान की व्यवस्था कोस्ट गार्ड के पूर्व डायरेक्टर जनरल राजेंद्र सिंह तोमर जी की ओर से हुई यहां पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर जहां देवता के दर्शन किए वही प्रसाद व जलपान भी ग्रहण किया.

ज्योतिष

सूर्य पश्चिम दिशा की ओर प्रस्थान कर रहे थे और महाराज की प्रवास यात्रा देव डोली के साथ  पर्वतों की उच्च श्रृंखलाओं को लागंते हुए माख्टी पोखरी की ओर प्रस्थान कर रही थी. अपार because जनसैलाब छतरधारी की जय, महासू महाराज की जय के उद्घोष के साथ यात्रा आगे बढ़ती गई.

ज्योतिष

रात्रि2:00 बजे समालटा देव यात्रा because पहुंची जहां हजारों लोग देव डोली के स्वागत में हाथ जोड़े खड़े थे देव डोली ने लगभग 3:00 बजे रात्रि को नवनिर्मित फूलों से सुसज्जित मंदिर में जयघोष के साथ प्रवेश किया.

ज्योतिष

हजारों-हजार लोगों के लिए भोजन, because पानी रहन-सहन की व्यवस्था के लिए खत समालटावासियों ने विगत 6 महीने से व्यवस्था की थी इस अद्भुत व्यवस्था के लिए खत समालटा के सभी 9 गांव सहित आसपास के गांव वासियों का भी बड़ा योगदान रहा. समालटा में जिस सुव्यवस्थित एवं आधुनिक तरीके से श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई थी वह अद्भुत थी इसके लिए खत मझियारना वासियों का हृदय की गहराइयों से अभिनंदन.

ज्योतिष

देवता के प्रति यह आस्था व श्रद्धा देखकर उत्तराखंड सरकार के पर्यटन एवं तीर्थाटन मंत्री सतपाल महाराज ने यात्रा के प्रारंभ में मोहना पहुंचकर इस यात्रा को अद्भुत कहा! उन्होंने चालदा because महाराज के प्रति अपनी आस्था व श्रद्धा भी प्रकट की. यात्रा के समापन पर विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम चंद अग्रवाल जी ने भी 24 नंबर को सपरिवार समालटा पहुंचकर महाराज के मंदिर में माथा टेका और प्रदेश की खुशहाली की कामना की. दर्शकों का तांता लगा हुआ है अब लगभग डेढ वर्ष तक देवता समालटा मे ही विराजित रहेंगे.

ज्योतिष

खत समालटा मंदिर समिति ने because निर्णय लिया है कि नियमित आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की जाएगी. इस अद्भुत यात्रा के सफल संचालन में देवता के कारिंदे- देव वजीर, राजगुरु, ठाणी, पुजारी, माली, बाजगी, प्रशासन सभी क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उनका हृदय की गहराइयों से अभिनंदन.

Share this:

Himantar Uttarakhand

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *