April 11, 2021
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संस्मरण

स्मृतियों के उस पार…

सुनीता भट्ट पैन्यूली कोई अदृश्य शक्ति किसी because हादसे के उपरांत स्वयं को संबल देने या मज़बूत बनाने की प्रक्रिया के अंतर्गत भावनाओं का उत्स है, यह किसी अदृश्य, दैवीय शक्ति को नकारने वालों का मत हो सकता है किंतु अपने संदर्भ में कहूं तो मेरा हृदय सहर्ष स्वीकार करता है कि मैंने जिंदगी में किसी
उत्तराखंड

न्यायदेवता ग्वेलज्यू की जन्मभूमि कहां? धूमाकोट में, चंपावत में या नेपाल में?

डॉ. मोहन चन्द तिवारी उत्तराखंड के न्याय देवता ग्वेलज्यू के जन्म से सम्बंधित विभिन्न जनश्रुतियां एवं जागर कथाएं इतनी विविधताओं को लिए हुए हैं कि ग्वेल देवता की वास्तविक जन्मभूमि निर्धारित करना आज भी बहुत कठिन है. because न्याय देवता की जन्मभूमि धूमाकोट में है,चम्पावत में है या फिर नेपाल में? इस सम्बंध में भिन्न […]
बाल चौपाल

हिप्पू का साहस

बाल कहानी ललित शौर्य “तुम्हें अभी वहां नहीं जाना चाहिए. because वहां बहुत खतरा है.”, हिप्पू हाथी की माँ ने कहा. “नहीं माँ, मुझे जाने दो. मुझे अपने दोस्त but की जान बचानी है.वो चार दिन से भूखे प्यासे हैं.”, हिप्पू ने कहा. खतरा दरअसल भयंकर बारिस और बाढ़ के कारण because हिप्पू के दोस्त […]
कविताएं

आमरऽ उत्तराखंड क हाल

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 2020 (रवांल्टी कविता ) अनुरूपा “अनुश्री” उत्तराखण्ड बणी के कति साल हइगे, बेरोजगार यो पहाड़ी मुलुकई रइगो. कति पायो कति खोयो यूं सालु पोडो, त पु किचा न पड्यो आमार पला ओडो. इक्कीस साल बिचिगे यां आस मा, कि किचा रोजगार आलो कतरांई त आमर हातु मा. जियूं नेताऊं क बाना यो राज्य […]
कविताएं

प्यारा उत्तराखंड

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 2020 आदेश सिंह राणा  केदारखण्ड और मानसखण्ड, देवभुमि है मेरी उत्तराखंड. पहाड़ों और फूलों की घाटी, वीर धरा है मेरी राज्य की माटी. प्रदेश में मेरे मिलता है ऐसा सुकून, लगता है माँ का आँचल. देवभूमि के नाम से विख्यात है, यह है अपना प्यारा उत्तरांचल. गढ़वाल और कुमाऊँ दो खंड […]
किस्से/कहानियां

सरुली और चाय की केतली….

लघु कथा अमृता पांडे सरुली चाय की केतली से because निकलती भाप को एकटक देख रही थी. पत्थरों का ऊंचा नीचा आंगन, एक कोने पर मिट्टी का बना कच्चा जिसमें सूखी लकड़ियां जलकर धुआं बनकर गायब हो जातीं. चाय उबलकर काढ़ा हो गई थी पर सरुली ना जाने किन विचारों में निमग्न थी. because न […]
इतिहास

मुनिया चौरा की ओखलियां मातृपूजा के वैदिक कालीन अवशेष

डॉ. मोहन चंद तिवारी मेरे लिए दिनांक 28 अक्टूबर, 2020 का दिन इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि इस दिन  रानीखेत-मासी मोटर मार्ग में लगभग 40 कि.मी.की दूरी पर स्थित सुरेग्वेल के निकट मुनिया चौरा में because पुरातात्त्विक महत्त्व की महापाषाण कालीन तीन ओखलियों के पुनरान्वेषण में सफलता प्राप्त हुई. सुरेग्वेल से एक कि.मी.दूर मुनिया चौरा […]
उत्तराखंड समसामयिक

अच्छी किस्म का बीज ने मिलने से काश्तकार लाचार

डा० राजेंद्र कुकसाल जिन सपनों को लेकर पहाड़ी राज्य की स्थापना की गई थी, वे सपने आज भी सपने बन कर रह गये है उत्तराखंड राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में, नगदी फसल के रूप में अदरक का उत्पादन कई दशकों से किया जा रहा है। विभागीय आकड़ों के अनुसार 4876 हैक्टियर में अदरक की कास्त […]
इतिहास उत्तराखंड

गढ़वाल की जातियों का इतिहास भाग-1

नवीन नौटियाल उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं में विभिन्न जातियों का वास है। इस श्रृंखला में गढ़वाल में निवास कर रही ब्राह्मण जातियों के बारे में बता रहे हैं नवीन नौटियाल गढ़वाल में प्राचीन समय से ब्राह्मणों के तीन वर्ग हैं। इतिहासकारों ने ये नाम सरोला, निरोला (नानागोत्री या हसली) तथा गंगाड़ी दिए हैं। राहुल […]
इतिहास उत्तराखंड

तिलाड़ी कांड: जब दहाड़ उठी रवाँई घाटी

उत्तराखंड का जलियावाला बाग तिलाड़ी कांड सकलचन्द रावत आज रवाँई जौनपुर की नई पीढ़ी के किशोर कल्पना ही नहीं कर सकते कि सन 1930 में रवाँई की तरुणाई को आजादी की राह पर चलने में कितनी बाधाओं का सामना करना पड़ा था। पौरुष का इतिहास खामोश था, वक्त की वाणी मूक थी, लेखक की कृतियां गुमशुम […]