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देवलांग से रू-ब-रू करवाता दिनेश रावत द्वारा लिखित एक तथ्यात्मक गीत

पूर्णता एवं तथ्यात्मकता के साथ देवलांग की विशेषताओं से परिचय करवाता दिनेश रावत का यह गीत शशि मोहन रवांल्टा सीमांत जनपद उपर साहित्यकार दिनेश रावत द्वारा लिखित गीत अब तक का सबसे पूर्णता एवं तथ्यात्मकता गीत है. रवांई घाटी के सुप्रसिद्ध देवलांग उत्सव की विशेषताओं को दर्शाता यह गीत रामनवमी के अवसर
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कश्मीर फाइल्स को ‘मुस्लिम विरोधी’ बताने वाले नफ़रत का बीज बोने वाले हैं

Kashmir Files Film: फिल्म कश्मीर फाइल्स को ‘मु्स्लिम विरोधी’ बताने वाले असल में नफ़रत के बीच बोने वाले हैं. जबकि इस नरसंहार के चश्मदीद मुस्लिम भी यह मानते हैं कि वह अपने कश्मीरी पंडित भाइयों को बचाने में नाकाम रहे थे. घाटी के मुस्लिम परिवारों ने भी इस फिल्म के आने के बाद कश्मीरी पंडितों […]
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जानिए ‘मैं एक पुरुष हूं’ कहने पर क्यों ट्रोल हो रहे हैं कवि गीत चतुर्वेदी?

हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्ली गीत चतुर्वेदी युवाओं के प्रिय कवि हैं. कवि एवं लेखक संदीप नाईक के शब्दों में कहें तो, ‘उजबक किस्म के लौंडो – लपेड़ो के बीच लोकप्रिय हैं.’ पर इनदिनों सोशल मीडिया पर युवा ही उनको सबसे ज्यादा ट्रोल कर रहे हैं. इसकी वजह है उनकी स्लोगननुमा कविता की चार लाइनें, जिसे […]
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जनपद पौड़ी में लोकपाल पद पर नियुक्त हुए डॉ. अरुण कुकसाल

वरिष्ठ समाज विज्ञानी, प्रशिक्षक, लेखक एवं घुमक्कड़ डॉ. अरुण कुकसाल को भारत सरकार के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी ‘मनरेगा’ से सम्बद्ध so शिकायतों के निवारण एवं उनके अनुश्रवण के लिए जनपद पौड़ी में लोकपाल के पद पर नियुक्त होने पर सभी क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है. ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना […]
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वेब सीरिज: आखिर कब तक ऐसे तांडव होते रहेंगे?

शिव तांडव करते हैं तो प्रकृति कांपने लगती है… ललित फुलारा समझ नहीं आ रहा कि सैफ़ अली ख़ान ने अभी तक वेब सीरीज़ ‘तांडव’ को लेकर बयान क्यों नहीं दिया? माफ़ी क्यों नहीं मागी? खेद क्यों because नहीं जताया? उन्हें धार्मिक भावनाओं को लेकर अच्छी समझ होनी चाहिए. क्योंकि मां से हिंदू और पिता […]
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किसान आंदोलन में फ्री में दाड़ी बनाने और बाल काटने वाले उत्तराखंड के एक शख्स की कहानी

जो कंटेंट अच्छा होता है और जिसमें मानवीय भावनाएं, संवेदनाएं और सौहार्द के संदेश की सीख होती है, उसे वायरल होने में वक्त नहीं लगता। पिछले दिनों ऐसे ही एक वीडियो पर नज़र गई, जिसकी ऑर्गेनिक रीच 1 मिलियन से ज्यादा हो चुकी है और 5 हजार से ज्यादा टिप्पणियां और 15 हजार से ज्यादा […]
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आभासी दुनिया के बेगाने परिन्दे

भुवन चन्द्र पन्त जमीनी हकीकत से दूर आज हम एक ऐसे काल खण्ड में प्रवेश कर चुके हैं, जहां हमारे चारों तरफ सब कुछ है भी, और नहीं भी. बस यों समझ लीजिए कि आप दर्पण के आगे खड़े हैं, दर्पण में आपकी स्पष्ट छवि दिख रही है, आपको अपना आभास भी हो रहा है, […]
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जावेद साहब कंगना को घर बुलाकर हड़काना सहिष्णुता है क्या?

ललित फुलारा जावेद साहब पिछले छह साल से भड़क रहे हैं. कभी टीवी पर, तो कभी मंचों पर, लेकिन मुझे उनका यह भड़कना अभी तक इतना ख़राब नहीं लगता था, पर जब से कंगना पर भड़कने की ख़बर सुनी है, तब से जावेद साहब की बौद्धिकता और उदारता से रश्क होने लगा है. कथित गढ़ी […]