उत्तरकाशी

मोरी ब्लॉक में औचक निरीक्षण का असर: तीन शिक्षक सस्पेंड, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

मोरी ब्लॉक में औचक निरीक्षण का असर: तीन शिक्षक सस्पेंड, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, मोरी/उत्तरकाशीजिले के मोरी ब्लॉक के सुदूरवर्ती विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए किए गए औचक निरीक्षण में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। निरीक्षण के दौरान तीन शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं एक शिक्षा मित्र से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जांच में समग्र शिक्षा अभियान की धनराशि के उपयोग में अनियमितताएं भी सामने आई हैं, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।दरअसल, बीते सप्ताह मोरी क्षेत्र के एक विद्यालय में एक शिक्षक के नशे की हालत में होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शिक्षा व्यवस्था की सघन जांच के निर्देश दिए। इसके तहत मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोठियाल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने मोरी ब्लॉक के दूरस्थ विद्यालयों का औचक निरी...
खलाड़ी में जागमाता महाअनुष्ठान संपन्न: पांच दिवसीय पूजा में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंज उठी रवांई घाटी

खलाड़ी में जागमाता महाअनुष्ठान संपन्न: पांच दिवसीय पूजा में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंज उठी रवांई घाटी

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, पुरोलाप्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोक आस्था का अद्भुत संगम एक बार फिर रवांई घाटी में देखने को मिला। खलाड़ी गांव में आयोजित जागमाता का पांच दिवसीय विशेष पूजा एवं महाअनुष्ठान सोमवार को पूर्ण विधि-विधान, गहरे धार्मिक उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालु विभिन्न क्षेत्रों से यहां पहुंचे और माता के जयकारों से पूरी घाटी भक्तिमय माहौल में डूबी रही। समुद्र तल से लगभग 1772 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खलाड़ी गांव का यह प्राचीन शक्तिपीठ आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं और इतिहासकारों के अनुसार यह स्थल 15वीं शताब्दी से भी पूर्व का है। शक्तिपीठ परिसर के आसपास नेपाल और विक्टोरिया काल के प्राचीन सिक्कों के रोपित होने की मान्यता इस क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को दर्शाती है। महाअनुष्ठान क...
उत्तरकाशी: हॉट मिक्स प्लांट के जहरीले धुएं से दहशत में जरड़ा गांव, ग्रामीणों ने उठाई हटाने की मांग

उत्तरकाशी: हॉट मिक्स प्लांट के जहरीले धुएं से दहशत में जरड़ा गांव, ग्रामीणों ने उठाई हटाने की मांग

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडी,  नौगांवबिल्ला–जरड़ा मोटर मार्ग पर संचालित हॉट मिक्स प्लांट से निकल रहे कथित जहरीले धुएं ने जरड़ा गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट नियमों के विपरीत संचालित हो रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बड़कोट को ज्ञापन सौंपकर प्लांट की जांच कर उसे आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्लांट से उठने वाला धुआं आसपास की फसलों और चारा पत्ती को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट मंडराने लगा है। कास्तकार रणजोर सिंह, प्रताप सिंह, दिवान सिंह, सोमेन्द्र सिंह, अकबर सिंह, राजवीर सिंह, अब्बल सिंह और संदीप सिंह सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि प्लांट के बेहद करीब उनकी कृषि भूमि स्थित है। गांव और प्लांट के बीच हवाई दूरी ...
रवांई में विलुप्त होती ‘कुनाई तेल पिराई’ परंपरा, रिफाइंड तेल ने छीना पारंपरिक स्वाद

रवांई में विलुप्त होती ‘कुनाई तेल पिराई’ परंपरा, रिफाइंड तेल ने छीना पारंपरिक स्वाद

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, पुरोला (उत्तरकाशी)रवांई घाटी की सुबहें कभी सिर्फ सूरज की रोशनी से नहीं, बल्कि सरसों और खुबानी (चुलु) के ताजे तेल की खुशबू से भी जगती थीं। आंगन में रखी लकड़ी की कुनाई, आसपास जुटी महिलाएं, और हंसी-ठिठोली के बीच चलती तेल पिराई- यह दृश्य यहां के जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करता था। आज वही खुशबू धुंधली पड़ चुकी है। बाजार के रिफाइंड तेल ने न सिर्फ रसोई का स्वाद बदला है, बल्कि एक पूरी परंपरा को धीरे-धीरे खत्म होने के कगार पर ला खड़ा किया है।जब परंपरा थी सामूहिक उत्सव मोरी क्षेत्र के पंचगाई, अठोर, बढ़ासु, फतेपर्वत और आराकोट जैसे गांवों में सर्दियों की शुरुआत तेल पिराई के मौसम का संकेत होती थी। यह केवल एक काम नहीं, बल्कि सामूहिक उत्सव जैसा अनुभव था। गांव की महिलाएं सप्ताहभर तक एक-दूसरे के घरों में जुटतीं, गीत गातीं और काम के साथ रिश्तों को भी मजबूत करतीं। कुनाई ...
चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज़, खुले यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट

चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज़, खुले यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट

उत्तरकाशी
  कपाटोद्घाटन के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की पहली पूजा अर्चनाहिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशी/बड़कोटअक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम एवं यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके साथ ही ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। शुभ मुहूर्त के अनुसार गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 35 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। परंपराओं के साथ निकली डोली यात्रा मां यमुना की डोली अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली (खुशीमठ) से अपने भाई शनिदेव की अगुवाई में यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। खरसाली में ग्रामीणों और लोक देवताओं की डोलियों ने भावुक माहौल में मां यमुना को विदाई दी। यमुनोत्री धाम पहुंचने पर हवन-पू...
अक्षय तृतीया पर खुले यमुनोत्री धाम के कपाट, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ

अक्षय तृतीया पर खुले यमुनोत्री धाम के कपाट, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, बड़कोट (उत्तरकाशी)अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। शुभ लग्नानुसार दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर कपाटोद्घाटन हुआ, जिसके साथ ही ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया।कपाट खुलने के बाद अब आगामी छह माह तक देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे।अक्षय तृतीया के अवसर पर सुबह मां यमुना की शीतकालीन गद्दी स्थल खरसाली (खुशीमठ) से पारंपरिक विधि-विधान के साथ डोली यात्रा प्रारंभ हुई। शनिदेव की डोली की अगुवाई में सुबह करीब साढ़े आठ बजे मां यमुना की डोली यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई।इस दौरान ग्रामीणों ने भव्य ढंग से मां यमुना को विदाई दी। पूरा क्षेत्र पारंपरिक वाद्य यंत्रों और आईटीबीपी के बैंड की मधुर धुनो...
मोरी में खाड़ी (हाथकरघा) से आत्मनिर्भरता की मिसाल: पारंपरिक ऊनी शिल्प से बढ़ रही ग्रामीणों की आय

मोरी में खाड़ी (हाथकरघा) से आत्मनिर्भरता की मिसाल: पारंपरिक ऊनी शिल्प से बढ़ रही ग्रामीणों की आय

अभिनव पहल, उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, पुरोला-मोरीविकासखंड मोरी के दूरस्थ गांवों में आज भी परंपरा और आत्मनिर्भरता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। आधुनिकता की तेज रफ्तार के बीच यहां खाड़ी (हाथकरघा) पर ऊनी वस्त्र बनाने की सदियों पुरानी परंपरा न केवल जीवित है, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका का मजबूत आधार भी बन चुकी है। परंपरा में रची-बसी आजीविका मोरी क्षेत्र के गांवों में महिलाएं और पुरुष मिलकर ऊन से पारंपरिक वस्त्र तैयार करते हैं। भेड़ों से ऊन निकालने से लेकर उसे साफ करने, हाथ से कातने और खाड़ी पर बुनने तक की पूरी प्रक्रिया बड़े धैर्य और कौशल से निभाई जाती है।फजी, सुन्तण, साफ़ा, जुड़की और लखोटि जैसे पारंपरिक ऊनी वस्त्र न केवल कड़ाके की ठंड से बचाते हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, पहचान और विरासत के प्रतीक भी हैं।तालुका क्षेत्र की महिला केशरमणि कहती हैं, “यह काम सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि हमारी ...
चारधाम यात्रा-2026 : मुखवा से गंगोत्री धाम रवाना हुई मां गंगा की डोली, कल खुलेंगे कपाट

चारधाम यात्रा-2026 : मुखवा से गंगोत्री धाम रवाना हुई मां गंगा की डोली, कल खुलेंगे कपाट

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, गंगोत्री धाम / मुखवा गांवचारधाम यात्रा की पावन परंपरा के तहत मां गंगा की उत्सव डोली शनिवार को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव से गंगोत्री धाम के लिए विधिवत पूजा-अर्चना के साथ रवाना हो गई। डोली यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। मुखवा गांव में डोली प्रस्थान के अवसर पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों, धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु, तीर्थ पुरोहित और प्रशासनिक अधिकारी इस पावन यात्रा के साक्षी बने। मां गंगा के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने भावभीनी विदाई दी।गंगोत्री धाम के कपाट आज (रविवार) निर्धारित शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाए...
चारधाम यात्रा से पहले चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं: टेक्नीशियन न होने से ठप एक्सरे और जांचें

चारधाम यात्रा से पहले चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं: टेक्नीशियन न होने से ठप एक्सरे और जांचें

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, नौगांव (उत्तरकाशी)चारधाम यात्रा शुरू होने से ठीक पहले उत्तरकाशी जनपद के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर संकट से गुजर रही हैं. आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत एक्सरे और लैब टेक्नीशियनों का वार्षिक अनुबंध समाप्त होने के कारण पिछले करीब एक माह से कई अस्पतालों में एक्सरे और पैथोलॉजी जांचें ठप पड़ी हैं. सबसे ज्यादा असर यमुनोत्री धाम के प्रमुख यात्रा पड़ाव नौगांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में देखने को मिल रहा है. यहां टेक्नीशियन के अभाव में एक्सरे मशीन बंद है, जबकि पैथोलॉजी जांचें भी नियमित रूप से नहीं हो पा रही हैं. इससे स्थानीय मरीजों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी परेशानी बढ़ने की आशंका है. जानकारी के अनुसार, नौगांव, बड़कोट, डुंडा, चिन्यालीसौड़ और भटवाड़ी ब्लॉकों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मार्च ...
चारधाम यात्रा-2026: उत्तरकाशी पुलिस पूरी तरह तैयार, सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम

चारधाम यात्रा-2026: उत्तरकाशी पुलिस पूरी तरह तैयार, सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशीचारधाम यात्रा-2026 के शुभारंभ से पहले उत्तरकाशी पुलिस ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। आगामी 19 अप्रैल को श्री यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा प्रारंभ होगी। इसे देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी, कमलेश उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष यात्रा की थीम ‘सुरक्षा, सुविधा एवं सम्मान’ रखी गई है। इसी के अनुरूप सभी पुलिसकर्मियों को यात्रियों की सेवा और सुरक्षा के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को ब्रीफ कर उनके-उनके तैनाती स्थलों पर भेजा जा चुका है। क्षेत्र का प्रभावी विभाजन यात्रा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्र को मिलाकर पूरे इलाके को 2 सुपरजोन, 12 जोन और 30 सेक्टरो...