
उच्च शिक्षा, पर्यटन, स्कूली शिक्षा, वित्त, रोजगार, वन संरक्षण और
प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, उच्च शिक्षा, पर्यटन, वित्तीय प्रशासन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण और सुशासन को गति देने वाले अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
पिथौरागढ़ में सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के विस्तार के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी
एआईसीटीई के मानकों के अनुरूप पिथौरागढ़ के मढ़धुरा में निर्माणाधीन नन्हीं परी सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के समुचित विकास के लिए कुल 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।
इस भूमि पर शैक्षणिक भवन, छात्रावास, फैकल्टी आवास, खेल परिसर, ऑडिटोरियम और आधुनिक प्रयोगशालाओं सहित उच्चस्तरीय शैक्षणिक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता, रिवर राफ्टिंग और क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी
राज्य में साहसिक पर्यटन को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से “उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026” के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की गई।
संशोधित नियमावली में सुरक्षा मानकों को अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
श्रीनगर में अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से मिलेगा गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन
पीएम पोषण योजना के अंतर्गत श्रीनगर, जनपद पौड़ी गढ़वाल में स्थापित केंद्रीकृत किचन के माध्यम से अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा चयनित विद्यालयों के कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की गई।
इस निर्णय से विद्यार्थियों को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
राज्य भण्डारण निगम के कर्मचारियों को मिलेगा सातवें वेतनमान का लाभ
उत्तराखण्ड राज्य भण्डारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप संशोधित वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इस निर्णय से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। संबंधित व्यय निगम द्वारा अपने संसाधनों से वहन किया जाएगा।
कुंभ मेला-2027 की पारदर्शी लेखा परीक्षा के लिए दो पदों का सृजन
हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की समवर्ती लेखा परीक्षा को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक तकनीकी विशेषज्ञ और एक वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी सहित कुल दो पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई।
उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी
उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में पदोन्नति से संबंधित विसंगतियों को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस संशोधन से उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति की प्रक्रिया अधिक सुचारु, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगी।
वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ होगा और अधिक सशक्त
राज्य में वित्तीय अनुश्रवण और लेखा परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ की संरचना को अद्यतन करने का निर्णय लिया गया।
इसके अंतर्गत विभिन्न पदों के उच्चीकरण, भर्ती स्रोत में परिवर्तन और दो नए पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई।
विदेशों में रोजगार के अवसरों से जुड़ेंगे उत्तराखण्ड के युवा
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत सहसपुर स्किल हब में स्थापित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के प्रभावी संचालन के लिए सात पदों वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट—पीएमयू के गठन को मंजूरी दी गई।
इससे प्रदेश के युवाओं को विदेशों में उपलब्ध रोजगार अवसरों, कौशल प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और नियोजन से जोड़ने में सहायता मिलेगी।
बापूग्राम आरक्षित वन प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन पर कैबिनेट का मार्गदर्शन
ऋषिकेश स्थित बापूग्राम आरक्षित वन से संबंधित प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन और भविष्य की कार्यवाही के संबंध में राज्य मंत्रिमंडल ने आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
अरबिया मदरसों की अनुदान योजना का बजट मद वित्तीय वर्ष 2027-28 से समाप्त होगा
राज्य में लागू नई अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2027-28 से “अरबिया मदरसों को अनुदान” से संबंधित बजट मानक मद को समाप्त करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की।
नई व्यवस्था के अंतर्गत केवल उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को ही संचालित होने की अनुमति होगी।
राज्य मंत्रिमंडल के इन निर्णयों से प्रदेश में उच्च शिक्षा, साहसिक पर्यटन, स्कूली शिक्षा, वित्तीय सुशासन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को नई गति मिलेगी। साथ ही विकास और जनकल्याण से जुड़े प्रयासों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता मिलेगी।
