
- हिमांतर ब्यूरो, नौगांव उत्तरकाशी
यमुनाघाटी के खरादी और गगटाड़ी क्षेत्र में रविवार को हुई अचानक भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज बारिश के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने खेतों में खड़ी फसलों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, मौसम ने अचानक करवट ली और कुछ ही मिनटों में तेज ओलावृष्टि शुरू हो गई। ओलों की मार से तैयार गेहूं, मटर, सब्जियां और बागवानी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। कई स्थानों पर पेड़ों से फल झड़ गए, जिससे बागवानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस बार उनकी आय का मुख्य आधार यही फसलें थीं, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। खेतों में बिछी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं और कई किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही देर में बर्बाद हो गई।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल नुकसान का सर्वे कराने और शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली, तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
ग्रामीणों ने सरकार से फसल बीमा योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए ठोस एवं स्थायी समाधान विकसित करने की मांग की है। ओलावृष्टि के बाद पूरे क्षेत्र में मायूसी का माहौल है और किसान अब प्रशासनिक सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
