
- हिमांतर ब्यूरो, बड़कोट/उत्तरकाशी
नगाण गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। उन्होंने कथा स्थल पर पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया और क्षेत्रवासियों के साथ आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। मुख्यमंत्री ने कथा श्रवण कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
यह धार्मिक आयोजन भाजपा मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान की धर्मपत्नी स्वर्गीय उमा जी के वार्षिक श्राद्ध अवसर पर किया गया। कथा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नई कार्यशैली की शुरुआत हुई है, जिससे सनातन संस्कृति और धार्मिक विरासत को नया सम्मान मिला है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं भारत की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है। इसके श्रवण से मनुष्य की बुद्धि और विवेक जागृत होता है तथा सकारात्मक विचारों का संचार होता है। उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भागवत कथा का श्रवण पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष से भी जुड़ा माना जाता है।

उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि बताते हुए कहा कि जैसे वृंदावन में भक्ति की विशेष पहचान है, उसी प्रकार उत्तराखंड में चारधाम की दिव्य उपस्थिति इसे आध्यात्मिक केंद्र बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन और तीर्थ स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने केदारनाथ मंदिर पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मंदिर मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास एक सतत प्रक्रिया है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधान द्वारा रखी गई मांग पर नगाण गांव में बारात घर निर्माण का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, एसडीएम देवानंद शर्मा, विधायकगण, भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इस धार्मिक आयोजन को ऐतिहासिक बताया। कथा स्थल पर दिनभर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
