चमोली

विश्व पृथ्वी दिवस पर आगाज ने रोपे मेडिसिनल प्लांट

विश्व पृथ्वी दिवस पर आगाज ने रोपे मेडिसिनल प्लांट

चमोली
विश्व पृथ्वी दिवस पर - आगाज फेडरेशन  और टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस के छात्रों ने बायोटूरिज्म पार्क पीपलकोटी में विभिन्न फल प्रजाति और मेडिसिनल प्लांट का रोपण किया!पीपलकोटी में आगाज संस्था द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों से अनेक प्रकार के फल , जड़ी बूटी  और आजीविका वर्धन में सहायता करने वाले पेड़ पौधों का एक जेनेटिक बैंक बनाया जा रहा है !वर्तमान तक इस कैम्पस में 288 प्रकार के विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष, घास प्रजातियाँ , झाड़ियाँ, रिंगाल, बांस, सजावटी पेड़ पौधों के अलावा आगर वुड, गुग्गल, मोंक फ्रूट , किवी , कई प्रकार के नट आदि के पेड़ पौधों को संरक्षित किया गया है!22 अप्रैल पृथ्वी दिवस के अवसर टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस के- सेंटर फॉर लाइवलीहुड एंड इंटरप्रेनयूरशिप चार विद्यार्थियों - जिनमे से एक विद्यार्थी - म्यांमार (बर्मा) - सु प्याई, उड़ीसा से रोहन , बंगलुरु से कार्तिक,  जमशेदपुर ...
जोशीमठ : दो दिवसीय औली मैराथन प्रतियोगिता शुरू

जोशीमठ : दो दिवसीय औली मैराथन प्रतियोगिता शुरू

चमोली
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया प्रतियोगिता का उद्घाटन, देश के विभिन्न राज्यों के 300 से अधिक एथलीट्स ने हिस्सा लेकर सुरक्षित जोशीमठ का दिया संदेश उत्तराखंड स्की माउंटेनियरिंग एसोसिएशन एवं स्काई रनिंग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में जोशीमठ में राष्ट्रीय स्तर की दो दिवसीय मैराथन प्रतियोगिता शनिवार से शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ नरसिंह एवं नव दुर्गा मंदिर प्रांगण से मैराथन प्रतियोगिता का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जोशीमठ औली में मैराथन सहित अन्य साहसिक और रोमांचक खेल प्रारंभ होने पर हार्दिक बधाई एंव शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज जोशीमठ औली से हिमालयन मैराथन, फन रेस सहित अन्य खेलों का शुभारंभ होना हमारे लिए गौरव की बात है. हम लगातार उत्तराखंड में ऐसे कार्य, धरातल पर उतारने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे यहां के पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिले. उन...
अवैज्ञानिक और अनियोजित विकासकार्यों का नतीजा है जोशीमठ भू-धसाव

अवैज्ञानिक और अनियोजित विकासकार्यों का नतीजा है जोशीमठ भू-धसाव

चमोली
उत्तराखंड के जनपद चमोली के सीमांत विकासखंड जोशीमठ में लगातार हो रहे भू-धसाव और भूस्खलन की प्रक्रिया से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जोशीमठ नगर भारत सुदूर उत्तर में चीन से सीमा से लगा सबसे पुराना नगर है, जिसका 1500 वर्ष पुराना क्रोनोलॉजिकल इतिहास है. यह नगर भारत की आजादी के बाद के वर्ष 1975 से क्रीपिंग मूवमेंट के साथ ऑली से लेकर अलकनंदा नदी तट के पास स्थित सेमा-कमद गांव के साथ-साथ प्रति वर्ष कुछ सेंटीमीटर अलकनदां में समा रहा है. इस क्षेत्र का 1996-97 से लेकर वर्तमान तक विभिन्न भूगर्भीय एवं पर्यावरणीय अध्ययनों पर कार्य कर रहे जे.पी. मैठाणी, हिमांतर के माध्यम से  जोशीमठ भू-धसाव की कहानी बयां कर रहे हैं- प्रस्तुत है जोशीमठ भू-धसाव पहली कड़ी. फोटोग्राफ- अनुज नंबूदरी, नितिन सेमवाल और जयदीप किशोर. देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दूरभाष पर ...
जोशीमठ भू-धंसाव : इस स्थिति के लिए आखिर कौन जिम्मेदार?

जोशीमठ भू-धंसाव : इस स्थिति के लिए आखिर कौन जिम्मेदार?

चमोली
जोशीमठ में भू-धंसान की त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित की जाए!डॉ. मोहन चंद तिवारीधार्मिक,पौराणिक एवं ऐतिहासिक नगर जोशीमठ भू-धंसाव के कारण इस साल की सबसे बड़ी त्रासदी झेल रहा है. उत्तराखंड के जोशीमठ शहर में भू-धसाव की त्रासदी को लेकर हर तरफ चिंता है. जोशीमठ के डीएम ने बताया है कि नगर में कुल 561 भवनों में दरार आई है. साथ ही दो बहुमंजिला होटलों के खतरे की जद में आए पांच भवन खाली कराए गए हैं. उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट सिनोप्सिस (उदास) की रिपोर्ट के अनुसार, भी जोशीमठ में 500 घर रहने के लायक नहीं हैं. जोशी मठ की ग्राउंड जीरो से मिली मीडिया रिपोर्टों के आधार पर कहा जा सकता है कि जोशीमठ में भू-धंसाव किसी बड़ी अनहोनी की ओर इशारा कर रहा है. इस ऐतिहासिक शहर में पड़ी दरारें, इस बात की गवाह हैं कि हालात ठीक नहीं. वहीं प्रशासन के राहत बचाव कार्य संतोष जनक नहीं हैं, जिससे प्रभावितों को ...
पीपलकोटी : प्रशिक्षणार्थियों ने बनाये सुंदर, आकर्षक लैम्प शेड, बैग, डलिया और गिफ्ट बैग

पीपलकोटी : प्रशिक्षणार्थियों ने बनाये सुंदर, आकर्षक लैम्प शेड, बैग, डलिया और गिफ्ट बैग

चमोली
ग्रोथ सेंटर में 60 दिवसीय रिंगाल हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्नहिमांतर ब्यूरो, चमोलीपीपलकोटी स्थित रिंगाल एवं वुडक्राफ्ट ग्रोथ सेंटर में जिला उद्योग केन्द्र एवं उद्योग निदेशालय द्वारा हिमालयी स्वायत्त सहकारिता के माध्यम से संचालित 60 दिवसीय रिंगाल हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ. प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर जनपद चमोली के जिलाधिकारी प्रतिनिधि बतौर विशिष्ट अतिथि बोलते हुए प्रभारी महा प्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र चमोली विक्रम सिंह कुंवर ने कहा कि रिंगाल हस्तशिल्प के प्रोत्साहन हेतु संचालित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा. इससे न केवल आर्थिक रूप से कमजोर माने जाने वाले हस्तशिल्पी परिवारों को सतत् रोजगार मिलेगा नहीं बल्कि उनके जीवन में उन्नति के नये द्वार खुलेंगे.उद्योग विभाग द्वारा ग्रोथ सेंटर पीपलकोटी के...
आगाज़ फैडरेशन ने स्वास्थ्य विभाग चमोली को उपलब्ध कराई 3 लाख 20 हजार रूपये मूल्य की चिकित्सा सामग्री!

आगाज़ फैडरेशन ने स्वास्थ्य विभाग चमोली को उपलब्ध कराई 3 लाख 20 हजार रूपये मूल्य की चिकित्सा सामग्री!

चमोली
संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए सामाजिक संस्था आगाज़ फैडरेशन पीपलकोटी ने स्वास्थ्य विभाग को दी जीवनरक्षक दवायें और स्वास्थ्य सामग्री  हिमांतर ब्‍यूरो, चमोलीकोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए जनपद चमोली के स्वास्थ्य विभाग और क्षेत्र में कार्यरत् सामाजिक संस्था आगाज़ फैडरेशन द्वारा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक चमोली so को जीवनरक्षक दवायें और स्वास्थ्य सामग्री उपलब्ध करायी गयीं. सामाजिक संस्था आगाज़ फैडरेशन पीपलकोटी की देहरादून की समाजसेवी एवं ह्यूमैनिटेरियन संगठनों - अमाया (सोशियल सर्विस इनीशिएटिव),  देहरादून राउंड टेबल 51 और देहरादून लेडीज़ सर्कल 106 के माध्यम से लगभग 3 लाख 20 हजार रूपये मूल्य की चिकित्सा सामग्री स्वास्थ्य विभाग चमोली को उपलब्ध कराई गयी.शिवसामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती उषा रावत एवं आगाज़ फैडरेशन के अध्यक्ष जेपी मैठाणी को मुख्य चिक...
कोरोनाकाल में मदद को आगे आ रहे सामाजिक संगठन

कोरोनाकाल में मदद को आगे आ रहे सामाजिक संगठन

चमोली
हिमांतर ब्यूरो, चमोलीकोरोना के इस संकटकाल में जनपद चमोली के सुदूरवर्ती विकासखण्ड घाट स्थित सामुदायिक चिकित्सालय के प्रभारी डाॅ मुकेश पाल और पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती उषा रावत, पिलंग वार्ड दशोली द्वारा दूरस्थ गाँवों के लिए स्वास्थ्य सुविधायें जुटाने का प्रयास किया जा रहा है. उनके इन प्रयासों को सहयोग करने के लिए सामाजिक संगठन उनका साथ दे रहे हैं. इसी क्रम में आगाज़ फैडरेशन पीपलकोटी के आग्रह पर देहरादून स्थित सामाजिक संस्था आसरा ट्रस्ट ने सामुदायिक चिकित्सालय घाट को 2 आक्सीजन कंसन्ट्रेटर इनवर्टर के साथ, कोरोना के इलाज के लिए आवश्यक उपकरण जैसे- ग्लव्स, मास्क, फेस शील्ड, सेनिटाइज़र, दवायें, हेयर नेट, थर्मामीटर, पल्स आक्सीमीटर, पीपीई किट सहित 28 से अधिक दवायें और उपकरण घाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को उपलब्ध कराये गये. आसरा ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमित बलोदी ने ...
मुख्यमंत्री ने किया ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने किया ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन

चमोली
हिमांतर ब्यूरो, चमोलीमुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सोमवार को जिला so अस्पताल गोपेश्वर में 45.90 लाख लागत से स्थापित 200 एलपीएम ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया. यूसर्क ऑक्सीजन प्लांट लगने से जिला अस्पताल के but सभी बेड तक निर्वाध रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू हो गई है. इस कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, ब्रदीनाथ विधायक महेन्द्र प्रसाद भट्ट, थराली विधायक मुन्नी देवी शाह, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट एवं अन्य जनप्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया. यूसर्क मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने वर्चुअल because संबोधन के दौरान स्थानीय विधायकों, जनप्रतिनिधयों, अधिकारियों एवं समस्त जनपद वासियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि कोविड के दृष्टिगत स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी संसाधन जुटाए जा रहे हैं और जहां पर जो...
खबर का असर: निजमुला घाटी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

खबर का असर: निजमुला घाटी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

चमोली
हिमांतर ब्यूरो, चमोलीजनपद चमोली के जिला मुख्यालय गोपेश्वर से बमुश्किल 26 किमी दूर स्थित बिरही वैली के कुछ गांवों में ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं. इस घाटी में पाणा, ईराणी, झिंझी, दूरमी, because पगना, सैंजी, गौंणा बगड़, निजमुुला, ब्यारा और गाड़ी गांंव हैं. विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि निजमुला घाटी के कुछ गांवों मेंbecause पिछले एक हफ्ते से बुखार का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन दूसरी ओर, यातायात बंद होने और बिरही घाटी में मूलभूत सुविधायुक्त कोई अस्पताल भी नहीं होने से स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमाई हुई है.स्वरोजगार ग्रामीणों के बुखार से पीड़ित होने की सूचना पर आज रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उक्त घाटी में पहुंच कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की. विभाग ने 40 गांववासियों के because कोविड के सैंपल लिए और 100 से ज्यादा लोगों को दवाईयां दी गई.स्वरोजगार क्षेत्रीय ग्...
बुखार से पीड़ित हैं निजमुला घाटी में ग्रामीण, लॉकडाउन की वजह से नहीं मिल पा रहा उपचार

बुखार से पीड़ित हैं निजमुला घाटी में ग्रामीण, लॉकडाउन की वजह से नहीं मिल पा रहा उपचार

चमोली
शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं so और संचार सुविधाओं से ​महरूम निजमुला घाटी, लॉकडाउन की वजह से अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे मरीज और उनके तीमारदारहिमांतर ब्यूरो, चमोलीजनपद चमोली के जिला मुख्यालय गोपेश्वर से बमुश्किल 26 किमी दूर स्थित बिरही वैली के कुछ गांवों में ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं. इस घाटी में पाणा, किराणी, झिंझी, दूरमी, पगना, सैंजी, गौंणा बगड़, निजमूला, ब्यारा because और गाड़ी गांंव हैं. विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि जिनमूला घाटी के कुछ गांवों में पिछले एक हफ्ते से बुखार का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन दूसरी ओर, यातायात बंद होने और बिरही घाटी में मूलभूत सुविधायुक्त कोई अस्पताल भी नहीं होने से स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमाई हुई है. स्वरोजगारगौरतलब है कि इस क्षेत्र के 6—7 ग्रामसभाओं के ग्रामीण देश की आजादी की बाद से ही स्वास्थ्य एवं दूरसंचार की सुविधाओं से वंचित हैं. ...