चमोली

खबर का असर: निजमुला घाटी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

  • हिमांतर ब्यूरो, चमोली

जनपद चमोली के जिला मुख्यालय गोपेश्वर से बमुश्किल 26 किमी दूर स्थित बिरही वैली के कुछ गांवों में ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं. इस घाटी में पाणा, ईराणी, झिंझी, दूरमी, because पगना, सैंजी, गौंणा बगड़, निजमुुला, ब्यारा और गाड़ी गांंव हैं. विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि निजमुला घाटी के कुछ गांवों मेंbecause पिछले एक हफ्ते से बुखार का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन दूसरी ओर, यातायात बंद होने और बिरही घाटी में मूलभूत सुविधायुक्त कोई अस्पताल भी नहीं होने से स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमाई हुई है.

स्वरोजगार

ग्रामीणों के बुखार से पीड़ित होने की सूचना पर आज रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उक्त घाटी में पहुंच कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की. विभाग ने 40 गांववासियों के because कोविड के सैंपल लिए और 100 से ज्यादा लोगों को दवाईयां दी गई.

स्वरोजगार

क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले काफी समय से लोग बुखार से पीड़ित थे, जिसकी सूचना स्वा​स्थ्य विभाग को दी गई थी. इसी पर कार्रवाई करते हुए आज स्वास्थ्य because विभााग की टीम ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की. विभाग ने जिन 40 लोगों के कोविड सैंपल लिए उनको होम आइसोलेशन में रहने की हिदायत भी दी है. स्वास्थ्य विभाग ने 100 से ज्यादा ग्रामीणों को दवा वितरित की.

स्वरोजगार

पढ़ें— बुखार से पीड़ित हैं निजमुला घाटी में ग्रामीण, लॉकडाउन की वजह से नहीं मिल पा रहा उपचार

स्थानीय लोगों की मांग है कि क्षेत्र में बुखार से कई लोग पीड़ित हैं अत: स्वास्थ्य विभाग को बारी—बारी सभी लोगों की जांच करनी चाहिए. लोगों का कहना है कि गांवों में because कई लोगों के बुखार से पीड़ित होने के कारण लोगों में भय का माहौल व्याप्त है. इसलिए विभाग को सभी जांच करनी चाहिए, जिससे लोगों में कोविड संक्रमण की रोकथाम करने में मदद मिलेगी. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमोली के डॉ. राहुल बिष्ट के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की चार लाोगोंं की टीम ने गांव में पहुंच कर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया.

स्वरोजगार

पीपलकोटी का विहंगम दृश्य. फोटो हरीश पुरोहित

ऑक्सीजन बेड की अग्रीम व्यवस्था को because लिए विधायक को दिया पत्र

दूसरी तरफ, पीपलकोटी नगर पंचायत से लगे गांव मठ झड़ेता, किरली, गुनियाला, कम्यार, रैतोली, गडोरा और जैंसाल में भी बहुत से ग्रामीणों को बुखार, खांसी—जुकाम से because पीड़ित होने की खबर आ रही हैं. अगर यही स्थिति रही तो, संक्रमण बढ़ सकता है. यहां यह जानकारी देना उचित होगा कि इस क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेमरू, अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीपलकोटी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सालय मायापुर सहित तीनों अस्पतालों में सिर्फ एक ही ऑक्सीजन सिलेंडर है. इन अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसटेटर, पल्स ऑक्सीमीटर जैसी कोई सुविधा मौजूद नहीं है.

स्वरोजगार

इस बारे में क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा क्षेत्र के विधायक महेंद्र भट्ट को 6 मई को पल्स ऑक्सी मीटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सी फ्लो मीटर, नेब्युलाइज़र और पीपलकोटी के because सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था अग्रीम रूप से करने के लिए 6 मई को पत्र लिखा है. विधायक ने आश्वासन दिया कि सीएमओ अगर मंगा देंगे तो तभी विधायक निधि से हम व्यवस्था करवा देंगे.

Share this:

Himantar Uttarakhand

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *