अल्‍मोड़ा

‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन

‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन

अल्‍मोड़ा
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला अल्मोड़ा (उत्तराखंड) के तत्वावधान में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. जया पांडे द्वारा की गयी. प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने व्यक्ति जीवन में नशे के दुष्प्रभाव एवं इससे कैसे स्वयं व समाज को बचा सकते हैं? विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी. इस कार्यक्रम के अंतर्गत ‘क्या मादक द्रव्यों के सेवन की लत: एक बीमारी है या एक शौक?’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के रूप में डॉ. गोरखनाथ,असिस्टेंट प्रोफेसर अर्थशास्त्र, डॉ. शैफाली सक्सेना, असिस्टेंट प्रोफेसर वनस्पति विज्ञान एवं डॉ. संतोष पंसारी असिस्टेंट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान उपस्थित रहे. निर्णायक मंडल ने छात्र-छात्राओं के आ...
हिमालय बचाओ : डॉ. जया पांडे ने दिलाई हिमालय संरक्षण की प्रतिज्ञा

हिमालय बचाओ : डॉ. जया पांडे ने दिलाई हिमालय संरक्षण की प्रतिज्ञा

अल्‍मोड़ा
‘हिमालय बचाओ पॉलीथिन हटाओ’ नारे के साथ ली प्रतिज्ञा अल्मोड़ा. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार मानिला अल्मोड़ा (उत्तराखंड) के तत्वावधान में हिमालय दिवस कार्यक्रम आयोजन किया गया. डॉ. जया पांडे, प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला, अल्मोड़ा द्वारा महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों तथा कर्मचारी वर्ग को संबोधित करते हुए, ‘हिमालय दिवस’ मनाए जाने के पीछे के कारणों पर विस्तार से अपना विचार व्यक्त किया गया.मैं प्रतिज्ञा करता हूं/ करती हूं कि मैं हिमालय की रक्षा का हर संभव प्रयास करूंगा/ करूंगी. ऐसा कोई काम नहीं करूंगा/ करूंगी, जिससे हिमालय को क्षति पहुंचे.डॉ. पांडे ने समस्त महाविद्यालय परिवार को "हिमालय बचाओ पॉलीथिन हटाओ" नारे के साथ हिमालय की हर संभव सुरक्षा व निजी प्रयास द्वारा संरक्षण करने की प्रतिज्ञा दिलाई- "हिमालय हमारे देश का मस्तक है. व...
पांच दिवसीय ‘शिक्षक पर्व’ में ऑनलाइन व ऑफलाइन व्यवस्था पर चर्चा

पांच दिवसीय ‘शिक्षक पर्व’ में ऑनलाइन व ऑफलाइन व्यवस्था पर चर्चा

अल्‍मोड़ा
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. जया पांडे की अध्यक्षता में पांच दिवसीय 'शिक्षक पर्व' समाप्त अल्मोड़ा. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला अल्मोड़ा (उत्तराखंड) के तत्वावधान में पांच दिवसीय 'शिक्षक पर्व' का आयोजन किया गया. पांच दिवसीय 'शिक्षक पर्व' के समापन सत्र की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. जया पांडे द्वारा किया गया. अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने छात्रों से शिक्षा की ऑनलाइन व ऑफलाइन व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की. पाँच दिवसीय ‘शिक्षक पर्व’ कार्यक्रम के समापन सत्र के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता: ऑनलाइन एवं ऑफ़लाइन शिक्षा पक्ष/विपक्ष का आयोजन किया गया.निर्णायक मंडल, डॉ. रेखा, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान, डॉ. रवीन्द्र कुमार मिश्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर, संस्कृत, डॉ. धर्मेन्द्र यादव, असिस्टेंट प्रोफेसर, इतिहास द्वारा संक्षिप्त रूप से वाद-विवाद प्रतियोग...
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मानिला के तत्वावधान में पांच दिवसीय ‘शिक्षक पर्व’ का शुभारंभ

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मानिला के तत्वावधान में पांच दिवसीय ‘शिक्षक पर्व’ का शुभारंभ

अल्‍मोड़ा
हिमांतर संवाददाता, अल्मोड़ाराजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला, अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) के तत्वावधान में पांच दिवसीय ‘शिक्षक पर्व’ का शुभारंभ किया गया. पांच दिवसीय शिक्षक पर्व के उद्घाटन सत्र में विचार गोष्ठी एवं  सह-नवागंतुक स्वागत समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. जया पांडे द्वारा की गयी. अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने छात्रों को डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन के जीवन प्रसंग पर विस्तार से बताया तथा शिक्षा, शिक्षक और छात्र संबंध पर भी अपने विचार प्रस्तुत किए. इसी क्रम में डॉ. जया पांडे ने नवागंतुक छात्रों का महाविद्यालय परिवार में स्वागत भी किया. उद्घाटन सत्र के प्रथम चरण ‘विचार गोष्ठी’ में वक्ता के रूप में डॉ. रेखा, सहायक प्राध्यापिका, राजनीति विज्ञान विभाग व डॉ. धर्मेन्द्र यादव, सहायक प्राध्यापक, इतिहास विभाग ने शिक्षक दिवस का इतिहास, शिक्षा के विस्तार में प्...
फेसबुक पर विधायक से रोड मांग रहे उत्तराखंड के इस गांव के लोग

फेसबुक पर विधायक से रोड मांग रहे उत्तराखंड के इस गांव के लोग

अल्‍मोड़ा
हिमांतर ब्यूरो, द्वाराहाटअल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट तहसील के पटास गांव के लोग इनदिनों सोशल मीडिया पर अपने विधायक से रोड मांग रहे हैं. तल्ला और मल्ला पटास के लोग भाजपा विधायक महेश नेगी से उनकी फेसबुक प्रोफाइल की पोस्टों पर टिप्पणी कर रोड के लिए विनती कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि रोड के बिना गांव में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. दु:ख तकलीफ के वक्त नौ-दस किलोमीटर तक मरीज को डोली में ले जाना पड़ता है. अगर गांव तक रोड होगी, तो इससे गांव का विकास होगा और आवाजाही में भी आसानी होगी. समाजसेवी और उत्तराखंड के मुद्दों पर सजग रहने वाले विजय फुलारा का कहना है कि गांव में रोड की बेहद जरूरत है. इसके लिए कई प्रयास भी किए गए. दो साल पहले पीडब्ल्यूडी ने सर्वे भी किया. पहले सर्वे को लेकर पल्ला पटास के कुछ लोगों को आपत्ति थी जिसके बाद दूसरा सर्वे हुआ. जिसमें रोड के रास्ते पर आने वाले कुछ पेड़...
चौखुटिया ब्लॉक के कई गांव में मूसलाधार बारिश के बाद आया भारी मलबा

चौखुटिया ब्लॉक के कई गांव में मूसलाधार बारिश के बाद आया भारी मलबा

अल्‍मोड़ा
पवन तिवारी, चौखुटियाअल्मोड़ा जिले के चौखुटिया विकासखंड के कई गांवों में मूसलाधार बारिश की वजह से भारी मलबा आ गया है. यहां तमाम बरसाती गधेरे उफान पर आ गए हैं और मलबा खेतों से होते हुए घरों की तरफ बढ़ रहा है. भारी मलबे की वजह से खेत तबाह हो गए हैं और जन-जीवन अस्तव्यस्त हो गया है. ओलों और बारिश की वजह से फसल को काफी क्षति पहुंची है. कई जगहों पर घरों में भी पानी घुसने और मलबा आने की सूचना मिल रही है. द्वाराहाट बदरीनाथ हाईवे जलमग्न है और जगह-जगह भूस्खलन हुआ है. बता दें कि पूरे क्षेत्र में बुधवार को भारी बारिश हुई है जिसकी वजह से जलभराव हो गया है.सभी वीडियो: पवन तिवारी, चौखुटिया...
सल्ट उपचुनाव: महेश जीना जीते, कांग्रेस ने लगाया मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप

सल्ट उपचुनाव: महेश जीना जीते, कांग्रेस ने लगाया मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप

अल्‍मोड़ा
हिमांतर ब्यूरो, अल्मोड़ासल्ट उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी महेश जीना जीत गए हैं. उन्होंने कांग्रेस की गंगा पंचोली को 4697 वोटों से हराया है. महेश जीना की जीत पर भाजपा में जश्न का माहौल है. वर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ से रावत से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री त्रीवेंद्र सिंह रावत तक ने उनको जीत की बधाई दी है. यह सीट भाजपा नेता सुरेंद्र जीना की मौत के बाद खाली हुई थी. जीना को 21874 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की गंगा पंचौली के खाते में 17177 वोट आए. वहीं, कांग्रेस ने इस जीत के लिए भाजपा पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. कांग्रेस नेता नवीन जोशी का कहना है कि इस चुनाव में सरकारी मशीनरी का उपयोग भाजपा को जीताने के लिए किया गया था. भाजपा नेता महेश जीना को इस सीट पर सहानुभूति वोट भी मिले हैं. भाजपा ने सुरेंद्र जीना की मृत्यु के बाद उनके भाई महेश जीना को इस सीट पर टिकट दिया था. सु...
नारी संवेदनाओं का हृदयस्पर्शी स्वर गोपाल बाबू गोस्वामी

नारी संवेदनाओं का हृदयस्पर्शी स्वर गोपाल बाबू गोस्वामी

अल्‍मोड़ा
जन्मदिवस (2 फरवरी ) पर विशेषडॉ. मोहन चंद तिवारीआज 2 फरवरी उत्तराखंड सुर सम्राट स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी का जन्म दिवस है. यह जानकर हर्ष हो रहा है कि उनके पुत्र रमेश बाबू गोस्वामी द्वारा चौखुटिया स्थित because चांदीखेत,वैराठेश्वर में गोस्वामी जी की 79वीं जन्म जयंती बडे धूमधाम से मनाई जा रही है. इस अवसर पर विभिन्न स्थानों से लोक कलाकार इस समारोह में उपस्थित हो कर गोस्वामी जी के कलात्मक योगदान को पुनः ताजा करेंगे. इस अवसर पर गोस्वामी परिवार को भजन सम्राट अनूप जलोटा ने बधाई देते हुए एक वीडियो संदेश भेजा है,जिसमें उन्होंने उत्तराखंड के स्वर सम्राट गोपाल बाबू गोस्वामी को याद करते हुए उनके परिवार को कार्यक्रम की शुभकामनाएं दी हैं. प्रत्येक वर्ष दो फरवरी को गोस्वामी परिवार के परिजन स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी का जन्म उत्सव पैतृक गांव चांदीखेत में बड़े धूमधाम से मनाता है. चौखुटिया ...
न्यायदेवता ग्वेलज्यू की जन्मभूमि कहां? धूमाकोट में, चंपावत में या नेपाल में?

न्यायदेवता ग्वेलज्यू की जन्मभूमि कहां? धूमाकोट में, चंपावत में या नेपाल में?

अल्‍मोड़ा
डॉ. मोहन चन्द तिवारीउत्तराखंड के न्याय देवता ग्वेलज्यू के जन्म से सम्बंधित विभिन्न जनश्रुतियां एवं जागर कथाएं इतनी विविधताओं को लिए हुए हैं कि ग्वेल देवता की वास्तविक जन्मभूमि निर्धारित करना आज भी बहुत कठिन है. because न्याय देवता की जन्मभूमि धूमाकोट में है,चम्पावत में है या फिर नेपाल में? इस सम्बंध में भिन्न भिन्न लोक मान्यताएं प्रचलित हैं. कहीं ग्वेल देवता को ग्वालियर कोट चम्पावत में राजा झालराई का पुत्र कहा गया है तो किसी जागर कथा में उन्हें नेपाल के हालराई का पुत्र बताया जाता है. विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित पारम्परिक जागर कथाओं और लोकश्रुतियों में भी but न्यायदेवता ग्वेल की जन्मभूमि के बारे में अनिश्चयता की स्थिति देखने में आती है. पिछले कुछ वर्षों में जो ग्वेल देवता से सम्बंधित लिखित साहित्य सामने आया है,उसमें भी जन्मभूमि के सम्बंध में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. उदाहरण के लिए मथ...
सुरेग्वेल नौले में वराह और नृसिंह अवतार की दुर्लभ मूर्तियां

सुरेग्वेल नौले में वराह और नृसिंह अवतार की दुर्लभ मूर्तियां

अल्‍मोड़ा
सुरेग्वेल क्षेत्र के पुरातात्त्विक सर्वेक्षण की नवीनतम खोजडॉ. मोहन चंद तिवारी15, अक्टूबर 2019 को सुरेग्वेल से ऊपर लगभग एक कि.मी. की दूरी पर स्थित ग्राम सूरे के एक अति प्राचीन नौले के पुरातत्त्वीय सर्वेक्षण के दौरान मुझे वहां नवनिर्मित मन्दिर में ऐसी दो प्राचीन मूर्तियां मिली हैं, जो भगवान विष्णु के दो अवतारों- वराह अवतार और नृसिंह अवतार से सम्बंधित पुरातात्त्विक महत्त्व की अत्यंत दुर्लभ मूर्तियां हैं. becauseइनमें से एक विष्णु की खड़ी प्रतिमा है जिसके दाईं ओर सिंह तथा बाईं ओर वराह की मुखाकृति उकेरी गई है. मूर्तिकार ने विष्णुमूर्ति के दाईं ओर नरसिंह, बाईं ओर वराहावतार की मुद्रा को दर्शाने का प्रयास किया है. इस विष्णुमूर्ति का शिल्प और अलंकरण वैष्णव परम्परा की मूर्तिकला जैसा ही है. मन्दिर के दूसरे कोने में प्राचीन प्रस्तर खंड में एक साथ बैठी हुई मुद्रा में तीन देव प्रतिमाएं भी उकेरी...