समसामयिक

संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कोरोना में क्या काम कर रहे हैं RSS स्वयंसेवक

संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कोरोना में क्या काम कर रहे हैं RSS स्वयंसेवक

समसामयिक
ललित फुलारा, नई दिल्लीराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर का कहना है कि वैश्विक कोरोना महामारी के दौरान संघ के कार्यकर्ता सक्रिय तौर पर सामाजिक कार्यों में जुटे हुए हैं. आरएसएस कार्यकर्ता जरूरतमंदों को ऑक्सीजन सिलेंडरों की सप्लाई से लेकर जरूरी दवाओं की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस महामारी के because दौरान केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के साथ ही देशभर में संघ कार्यकर्ता भी अपने-अपने स्तर के कार्यों में लगे हुए हैं. संघ कार्यकर्ता इस विकट आपदा के दौरान डॉक्टरी सहायता मुहैया कराने में भी जुटे हुए हैं. उन्होंने कहा कि संघ कार्यकर्ता सेवा भारती के जरिए देशभर के प्रभावित इलाकों में 12 प्रकार के कार्यों में जुटे हुए हैं. इनमें प्लाज्मा डोनेशन का कार्य भी शामिल है.भटकोटी संघ के कार्यकर्ताओं ने बनाये आइसोलेशन केंद्र आंबेकर ने बताया कि संघ ...
अवसाद पैदा करने वाले इस दौर में अपने बच्चों से बात कीजिये

अवसाद पैदा करने वाले इस दौर में अपने बच्चों से बात कीजिये

समसामयिक
कमलेश चंद्र जोशीदेश बहुत गंभीर समस्याओं से गुजर रहा है. कोरोना महामारी की दूसरी लहर क़हर बनकर देश पर टूट पड़ी है जिस वजह से तस्वीर और भयावह होती जा रही है. तमाम दोस्तों से बात करता हूँ तो पता चलता है किसी को नौकरी नहीं मिल रही तो किसी की नौकरी जा चुकी है या फिर सैलरी में कट लग चुका है because और किस दिन नौकरी से निकाल दिये जाएँ इसका भी पता नहीं है. जब वह जमीनी हकीकत बताते हैं तो एक सिहरन सी पैदा होने लगती है. असंगठित क्षेत्र के लघु मध्यम उद्योग व छोटी कंपनियों में से बहुतायत में ताले लग चुके हैं. जमीनी हकीकत अगर सरकारी कागजों में उतर पाती तो समझ आता कि जीडीपी रसातल पर पहुँच चुकी है. रोजगार के जो आंकड़े कागजों पर हैं वो सिर्फ दिखावटी हैं. जीडीपी रसातल बेरोजगारी पिछले 45 वर्षों के उच्चतम शिखर पर है. सर्विस सेक्टर की बात करूँ तो तमाम प्राइवेट कंपनियों ने पिछले साल ही मार्च-अप्रैल माह मे...
वरिष्ठ पत्रकार मनजीत नेगी ने पीएम मोदी को भेंट की अपनी पुस्तक ‘साधु से सेवक’ की पहली प्रति

वरिष्ठ पत्रकार मनजीत नेगी ने पीएम मोदी को भेंट की अपनी पुस्तक ‘साधु से सेवक’ की पहली प्रति

समसामयिक
पीएम मोदी की आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है पुस्तक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखी है पुस्तक की प्रस्तावना. पीएम मोदी ने अपने उत्तराखंड से जुड़ाव और शुरुआती सफर को याद करते हुए कई आध्यात्मिक स्थलों का जिक्र कियाहिमांतर ब्‍यूरो, नई दिल्‍लीवरिष्ठ पत्रकार मनजीत नेगी ने अपनी नई पुस्तक 'साधु से सेवक' की पहली प्रति सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भेंट की. यह पुस्तक नरेंद्र मोदी के शुरुआती जीवन की आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है. इसमें विशेष रूप से उत्तराखंड में विभिन्न स्थलों में बिताए गए दिनों और घटनाओं को प्रस्तुत किया गया है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात के दौरान अपने उत्तराखंड से जुड़ाव और शुरुआती सफर को याद करते हुए कई आध्यात्मिक स्थलों का जिक्र किया. साथ ही पिथौरागढ़ जिले के नारायण आश्रम, रामकृष्ण कुटीर अल्मोड़ा, केदारनाथ स्थित गरूड़चट्टी और दयानंद आश...
किरण नेगी के हत्यारों को फांसी देने की मांग को लेकर उत्तराखंडी समाज ने निकाला कैंडल मार्च

किरण नेगी के हत्यारों को फांसी देने की मांग को लेकर उत्तराखंडी समाज ने निकाला कैंडल मार्च

समसामयिक
तमाम समाजिक संगठनों और लोगों ने उत्तराखंड एकता मंच से न्याय के लिए गुहार लगाईपंकज ध्यानी, नई दिल्लीदिल्ली-एनसीआर में काम कर रहे सामाजिक संगठन और उत्तराखंड के लोगों ने जंतर मंतर में कैंडल मार्च निकाला. सभी ने एक स्वर में मांग की है कि उत्तराखंड की बेटी किरण नेगी के साथ जिन दरिन्दों ने गैंगरेप किया और हैवानियत की सारी हदें पार की, इन दरिंदों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए.उत्तराखंड कैंडल मार्च में उत्तराखण्ड की बेटी किरन नेगी के माता-पिता ने कहा कि हमें देश के सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है, उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का न्याय हमारे हक में होगा.उत्तराखंड आपको बता दें की उत्तराखंड की बेटी किरण नेगी 9 फरवरी 2012 को गुड़गांव स्थित कंपनी से काम करके अपनी तीन सहेलियों के साथ रात करीब 8:30 बजे नजफगढ़, छावला कला कॉलोनी पहुंची थी कि तभी कार में सवार तीन ...
पुत्र तर्क-वितर्कों में मस्त, मां एक कोने में बेबस!

पुत्र तर्क-वितर्कों में मस्त, मां एक कोने में बेबस!

समसामयिक
नरेन्द्र कठैतमातृभाषा दिवस अर्थात 21 फरवरी नियत तिथि! किंतु कैसे भूल सकते हैं नियति की वह परिणति जो इसी माह की सातवीं तिथि को ऋषिगंगा घाटी में ग्लेशियर टूटने के बाद because घटित हुई. और...... रैणी तपोवन में  हमारे हिस्से में आंसूओं का न थमने वाला सैलाब छोड़ गई. किसी ने पुत्र खोया- किसी ने पति - किसी ने सगा भाई ! किंतु थे तो वे सभी मां के लाल ही!! और हां! वे पालतू मवेशी भी जिनपर कई परिवारों because की रोजी रोटी टिकी हुई थी उनको भी विपदा लील गई. हर बार विपदा में हमें ढांढस बंधाने वाले यही कहते है कि ‘हिम्मत रखिए!! पहाड़ विकट परिस्थितियों में भी नहीं झुकते!!’ लेकिन ये कौन कहे कि मां का हृदय पत्थर का नहीं है. मित्र यह तिथि को जो पर्वप्रिय मित्र पर्व के रूप में मना रहे हैं वे बधाई स्वीकार करें!  किंतु सत्य कहें हम आज की तिथि में इसे पर्व के रूप में मनाने की स्थिति में कदापि नहीं हैं. क्योंक...
पैंगोंग झील से कदम पीछे हटाने को मजबूर हुआ चीन

पैंगोंग झील से कदम पीछे हटाने को मजबूर हुआ चीन

समसामयिक
वाई एस बिष्ट, नई दिल्लीरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज राज्यसभा में पूर्वी लद्दाख के मौजूदा हालात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पैंगोंग झील इलाके में चीन के साथ पीछे हटने को लेकर समझौता हो गया है. पिछले 8 महीने से ज्यादा समय से भारत और चीन की सेनाएं आमने सामने हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं सदन को यह भी बताना चाहता हूं कि भारत ने चीन को हमेशा यह कहा है कि द्विपक्षीय संबंध दोनों पक्षों के प्रयास से ही विकसित हो सकते हैं, साथ ही सीमा के प्रश्न को भी बातचीत के जरिए हल किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति में किसी प्रकार की प्रतिकूल स्थिति का हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर बुरा असर पड़ता है. कई उच्च स्तरीय संयुक्त बयानों में भी यह जिक्र किया गया है कि एलएसी तथा सीमाओं पर शांति कायम रखना द्विपक्षीय संबंधों के लिए अत्यंत आवश्यक है. पिछले वर्ष मैंने इस सदन क...
राष्ट्रीय बीज निगम के सीएसडी ने कृषि मंत्री को सौंपा लाभांश का चेक

राष्ट्रीय बीज निगम के सीएसडी ने कृषि मंत्री को सौंपा लाभांश का चेक

समसामयिक
वाई एस बिष्टपूसा के राष्ट्रीय बीज भवन पर राष्ट्रीय बीज निगम लि. (भारत सरकार का उपक्रम ‘मिनी रत्न’ कंपनी) ने भारत सरकार के कृषि मंत्री को 8 करोड़, 97 लाख, 58 हजार, so 722 रूपए लाभांश का चैक सौंपा. यह चेक विनोद कुमार गौड़, सीएमडी, एनएससी ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, कृषि राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला और कृषि राज्य मंत्री कैलाश चैधरी को सौंपा. विनोद कुमार गौड़ इस अवसर पर कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि खेती के क्षेत्र में बीज की बड़ी महत्ता है, ऐसे में बीज के क्षेत्र में काम करने वालों की बहुत अहम because जवाबदेही होती है. उन्होंने कहा कि व्यक्ति हो या संस्था, दोनों को सफर के स्मरण को संजोना बहुत ही सुखद होता है. इस अवसर पर सीड ट्रेसबिलिटी मोबाइल एप लांच किया. इस एप के माध्यम से असली बीजों की जानकारी मिलेगी और किसान धोखाधड़ी से बच सकेंगे. because केंद्रीय मंत्री ने इस ...
कब पूरा होगा गांधी जी के ‘ग्राम स्वराज’ का अधूरा सपना?

कब पूरा होगा गांधी जी के ‘ग्राम स्वराज’ का अधूरा सपना?

समसामयिक
गणतंत्र दिवस पर विशेषडॉ. मोहन चंद तिवारीआज 26 जनवरी का दिन पूरे देश में गणतंत्र दिवस के रूप में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है. 26 जनवरी सन् 1950 को देश का संविधान लागू किया गया because और हमारे देश भारत को गणतंत्र देश के रूप में घोषित किया गया था.उसी उपलक्ष में भारत देश के प्रत्येक नागरिक के द्वारा गणतंत्र दिवस को बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है.माथा भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन के इतिहास में यह दिन इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि 31 दिसम्बर,1929 को पं.जवाहर so लाल नेहरू की अध्यक्षता में लाहौर में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में ब्रिटिश साम्राज्यवादी शासकों के सामने यह मांग रखी गई थी, कि यदि अंग्रेज सरकार 26 जनवरी,1930 तक भारत को 'डोमेनियम स्टेटस' नहीं प्रदान करेगी तो भारत अपने को पूर्ण स्वतंत्र घोषित कर देगा. किन्तु अंग्रेज सरकार पर इस घोषणा का कोई असर न...
गांवों में बदलाव की मुहिम छेड़ रहा है गढ़वाल कुमाऊं वार्रियर्स!

गांवों में बदलाव की मुहिम छेड़ रहा है गढ़वाल कुमाऊं वार्रियर्स!

समसामयिक
हिमांतर ब्‍यूरो, नई दिल्लीप्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीके सामंत ने कहा कि गढ़वाल कुमाऊं वार्रियर्स के तहत हम हर जिले से हमारे इस संगठन में एक लाख लोगों को जोड़ेंगे, उसके उपरांत हमारी कोशिश रहेगी की अपने संगठन के माध्यम से जिलों के हर उन गांवों तक पहुंचें जो सामाजिक व विकास की दृष्टि से पिछड़े हों, इन गांवों को गोद लेने के बाद हम गांवों में शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, पानी, सड़क, रास्ते, खेती, because संस्कृति व खेलों को लेकर व्यापक पैमाने पर काम करेंगे.संगठन उन्होंने आगे कहा कि हम युवाओं में बढ़ रहे नशे के खिलाफ भी निर्णायक मुहिम छेड़ेंगे, गांवों को गोद लेने की हमारे संगठन की एक अपनी प्रक्रिया होगी, जैसे कि गांव की आबादी व गांव से पलायन चुके लोगों की आबादी, अपने गांव से पलायन कर चुके लोगों को हम कैसे उन्हें उनके गांव से जोड़ें इसको लेकर भी हमारे...
भारतीय किसान की चुनौतियां सुलझाना जरूरी…

भारतीय किसान की चुनौतियां सुलझाना जरूरी…

समसामयिक
गाँव और शहर के बीच की बढ़ती खाई ने शहर को ही विकास की नीति का केंद्र बना दियाप्रो. गिरीश्वर मिश्रभारत बहुत दिनों से गाँवों की धरती के रूप में पहचाना जाता रहा है. भारत के परम्परागत सामाज के मौलिक प्रतिनिधि के रूप में गाव को लिया गया. so सन सैतालिस में पचासी प्रतिशत भारतवासी गाँवों में रहते थे. खेती-बाड़ी ही आम जन की आजीविका का मुख्य साधन था. तब भारत की राष्ट्रीय आय में 55 प्रतिशत हिस्सा खेती का था. किसान देश की मजबूती की कड़ी था. राष्ट्र के निर्माण में किसान मुख्य था. because असली  भारत का प्रतिनिधि था गाँव. आर्थिक विकास में सत्तर के दशक की हरित क्रांति के आधार पर भारत खाद्यान्न में आत्म निर्भर हुआ था. सात दशक बाद गाव की यह छवि बदल चुकी है. अब भारत तेजी से आगे बढ़ते शहरों और मध्यवर्ग की छवि वाला हो रहा है.भारतगांव या कृषि क्षेत्र एक बेवजह के भार जैसा, पिछड़ेपन, अशिक्षा और गरी...