
भरत सिंह राणा: बुरांश के जूस से लेकर सेब के बाग तक का सफर
बुरांश को बनाया रोजगार का जरियाप्रेम पंचोलीउत्तराखंड की यमुना घाटी का हरेक किसान अपनी खेती-किसानी के लिए विशेष तौर पर जाना जाता है. इस घाटी में लोग खेती-किसानी को ही महत्व देते हैं. उन्हें सरकार इसके लिए प्रोत्साहन करे because या न करे उन्हें इसका कोई मलाल नहीं है. यही वजह है कि आज राज्य की एक मात्र यमुनाघाटी है जहां से पलायन का दूर-दूर तलक कोई वास्ता नहीं है.नेता जी
यहां हम ऐसे ही एक शख्स से परिचय कराना चाहते हैं जिन्होंने बिना सरकारी सहायता के वह चमत्कार करके दिखाया जिसके लिए सरकारें व कम्पनियां बड़ी-बड़ी डीपीआर (डिटियेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाती हैं. हो-हल्ला होता है. विज्ञापन ईजाद किये जाते हैं. सपने दिखाये जाते हैं. रोजगार का डंका पीटा जाता है. इसके अलावा प्रचार-प्रसार के because सभी हथकण्डे ये सरकारी-गैर सरकारी लोग अपनाते हैं. मगर इसके इतर जो उत्तरकाशी जनपद के दूरस्थ गां...








