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देहरादून

राज्य की जैवविविधता, बुग्यालों, राष्ट्रीय पार्कों एवं नदियों का सरंक्षण जरूरी

अंतराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, 2021 पर यूसर्क द्वारा ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजन हिमांतर ब्यूरो, देहरादून अंतराष्ट्रीय जैवविविधता दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) (Uttarakhand Science Education & Research Centre) द्वारा because एक ऑनलाइन कार्यक्रम का
स्मृति-शेष

कुमाऊंनी दुदबोलि को सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा मथुरादत्त मठपाल ने

श्रद्धांजलि लेख डॉ. मोहन चंद तिवारी उदेख भरी ह्यूं- हिंगवन संग करछी गुणमुण छीड़ा जौपन. निल अगास’क छैल कैं नित, भरनै रौछीं बादो जौपन.. सल्ल बोटन में सुसाट पाड़नै चलछी मादक पौन जती. रतन भरी ढै-डुडण्रा छी, ढै़-डुडण्रा भरी छी सकल मही, बसी हिमांचल’क आंचव में छी, मयर घर लै यती कईं.. बहुत दुःख के […]
समसामयिक

रोटी और कोविड आपदा से जूझता आम इंसान

भावना मासीवाल आपदा में संपदा बनाना किसी से सीखना हो या विपदा को कैसे अपने हित के अनुरूप काम में लेना हो, इसमें मनुष्य सर्वोपरि प्राणी है. बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है, but आज हम सभी कोविड-19 के जिस भयावह दौर से गुजर रहे हैं जहाँ हर दूसरा व्यक्ति अपने प्राणों की रक्षा के […]
देहरादून

उत्तराखण्ड कैबिनेट : पत्रकारों का परिचय पत्र ही कर्फ्यू पास होगा

उत्तराखण्ड कैबिनेट की बैठक में लिए गये महत्वपूर्ण निर्णय हिमांतर ब्‍यूरो, देहरादून 26 अप्रैल को हुई उत्तराखण्ड because मंत्री मण्डल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई जिनमें से महत्वपूर्ण निर्णय निम्नलिखित हैं- बातचीत प्रदेश में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए 18 because से 45 वर्ष के सभी […]
स्मृति-शेष

धर्म को आडम्बरों से मुक्त करने वाले परमहंस

श्रीरामचन्द्र दास की जन्मजयंती पर विशेष  डॉ. मोहन चंद तिवारी “धार्मिक मूल्यों के इस विप्लवकारी युग में जिस तरह से परमहंस श्री रामचन्द्रदास जी महाराज ने अपने त्याग और तपस्या के आदर्श मूल्यों से समाज का सही दिशा में मार्गदर्शन किया because तथा धार्मिक सहिष्णुता एवं कौमी एकता का प्रोत्साहन करते हुए श्री रामानन्द सम्प्रदाय […]
संस्मरण

अमावस्या की रात गध्यर में ‘छाव’, मसाण

मेरे हिस्से और पहाड़ के किस्से भाग—61 प्रकाश उप्रेती गाँव में किसी को कानों-कान खबर नहीं थी. शाम को नोह पानी लेने के लिए जमा हुए बच्चों के बीच में जरूर गहमागहमी थी- ‘हरि कुक भो टेलीविजन आमो बल’ because (हरीश लोगों के घर में कल टेलीविजन आ रहा है). भुवन ‘का’ (चाचा) की इस […]
लोक पर्व-त्योहार

जोयूं उत्तराखंड में मातृपूजा की वैदिक परम्परा

डॉ. मोहन चंद तिवारी समूचे देश में शारदीय नवरात्र का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. दुर्गा सप्तशती में इसे वार्षिक देवी पूजा की संज्ञा दी गई है.उत्तराखंड के द्वाराहाट क्षेत्र में जालली के निकट स्थित so जोयूं ग्राम आदिकालीन मातृ उपासकों का एक ऐसा ग्राम है,जहां आज भी शारदीय नवरात्र में प्रतिवर्ष मां […]
पर्यावरण

संकट में है आज हिमालय पर्यावरण

‘हिमालय दिवस’ (9 सितम्बर) पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी आज हिमालय दिवस है.पिछले कुछ वर्षों से देश भर में, खासकर उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश में 9 सितम्बर को ‘हिमालय दिवस’ मनाया जा रहा है. हिमालय दिवस की शुरुआत 9 सितंबर,2010 को हिमालय पर्यावरण को समर्पित जाने माने पर्यावरणविदों सर्वश्री सुन्दर लाल बहुगुणा, सुरेश भाई, […]
स्मृति-शेष

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के जननायक

विपिन त्रिपाठी की पुण्यतिथि (30 अगस्त) पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी “गांव से नेतृत्व पैदा होने तक मैं गांव में रहना पसंद करूंगा. सत्ता पगला देती है. समाजवादी बौराई सत्ता से दूर रहें.”                                 -विपिन त्रिपाठी 30 अगस्त को उत्तराखंड […]
खेती-बाड़ी

किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है कुटकी

बेहद कड़वी, लेकिन जीवनरक्षक है कुटकी जे. पी. मैठाणी मध्य हिमालय क्षेत्र में भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान के हिमालयी क्षेत्रों में बुग्यालों में जमीन पर रेंगने वाली गाढ़े हरे रंग की वनस्पति है कुटकी. उत्तराखण्ड के हिमालयी क्षेत्र जो अधिकतर 2000 मीटर यानी 6600 फीट से ऊपर अवस्थित हैं उन बुग्यालों में कुटकी पायी […]