Tag: उत्तरकाशी

ऑपरेशन सिलक्यारा: जायजा लेने पहुंचे PMO उप सचिव मंगेश घिल्डियाल

ऑपरेशन सिलक्यारा: जायजा लेने पहुंचे PMO उप सचिव मंगेश घिल्डियाल

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी: दीपावली के दिन से अब तक सिलक्यारा-बड़कोट टनल में फंसी 40 जिंदगियों को बाहर नहीं निकाला जा सका है। देश की और दुनिया की एजेसिंयों के साथ ही कई एक्सपर्ट इस रेस्क्यू में जुटे हैं, लेकिन अब तक सभी इंतजाम पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक इस पर नजर बनाए हुए है। लेकिन, कामायाबी नहीं मिल पा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे ऑपरेशन पर नजर लगाए हुए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने उप सचिव मंगेश घिल्डियाल को मौके पर भेजा है। घिल्ड़ियाल ने रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से बात की और आ रही अड़चनों के बारे में जाना। सिल्क्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चल रहे बचाव अभियान में लगातार समस्या आ रही है। शनिवार को सुरंग में ड्रिलिंग कार्य को रोक दिया गया। सुरंग बनाने वाली कंपनी NHIDCIL के निदेशक अंशू मनीष खुल्को ने ...
उत्तरकाशी : ऑपरेशन सिलक्यारा जारी, कल एयरलिफ्ट की जाएगी और एक मशीन

उत्तरकाशी : ऑपरेशन सिलक्यारा जारी, कल एयरलिफ्ट की जाएगी और एक मशीन

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी: ऑपरेशन सिलक्यारा फिलहाल सफल नहीं हो पाया है। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है। ऑगरर मशीन के जरिए पाइप पुशिंग का काम किया जा रहा है। अब तक मशीन चार पाइपों को पुश कर चुकी है। इनमें प्रत्येक पाइप की लंबाई 6 मीटर है। पांचवें पाइप को पुश करने में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच NHIDCL ने मध्य प्रदेश से एक और मशीन को बैकअप के तौर पर एयरलिफ्ट करने का फैसला लिया है, जो कल सुबह तक एयरफोर्स के चिन्यालीसौड़ बेस पर पहुंच जाएगी। NHIDCL के निदेशक अंशु मनीष खलको ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एम एस पाइप की स्केप टनल बनाने के लिए ऑगर मशीन की सहायता से पाइप पुशिंग का कार्य प्रगति पर है। अभी तक मलवे के भीतर 24 मीटर की दूरी तक पाइप डाला जा चुका है। रेस्क्यू अभियान की प्रतिधारण क्षमता बढ़ाने के लिए इंदौर से एक और ऑगर...
ऑपरेशन सिलक्यारा : 22 मीटर पर पहुंचा उम्मीदों का पाइप, आखिर कब तक कैद में रहेंगी 40 जिंदगियां…?

ऑपरेशन सिलक्यारा : 22 मीटर पर पहुंचा उम्मीदों का पाइप, आखिर कब तक कैद में रहेंगी 40 जिंदगियां…?

उत्तराखंड हलचल
सिलक्यारा-बड़कोट टनल में कैद 40 जिंदगियों की सांसों पर ‘खतरे’ का पहरा जारी। अब तक 22 मीटर तक के गयी ड्रिलिंग।प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’उत्तरकाशी: सिलक्यारा-बड़कोट टनल में कैद 40 जिंदगियों की सांसों पर ‘खतरे’ का पहरा जारी है। ये पहरा कब हटेगा? मजदूरों को बाहर कब निकाला जाएगा? कब तक ऐसे ही वो भीतर इंतजार करते रहेंगे? ये सवाल हर कोई पूछ रहा है। अब टनल के भीतर कैद मजदूरों का हौसला भी जवाब देने लगा है। आखिर कब तक ऐसे ही वो खतरे की आगोश में टनल के भीतर कैद रहेंगे? मदूरों ने भी यही सवाल भीतर से किया है? मजदूरों के सवालों के आगे सब मौन लेकिन, टनल के भीतर फंसे मजदूरों के सवालों के आगे सब मौन हैं। किसी के भी पास उनके किसी सवाल का जवाब नहीं है। रेस्क्यू में अब तक SDFR, NDRF, RVNL, THDC, L & T, आपदा प्रबंधन विभाग, सेना की टीमों समेत भू-वैज्ञानिकों तक की टीम रेस्क्यू में जुटी हैं। इसमें...
उत्तरकाशी टनल हादसा: रेस्क्यू जारी, 7 बजे तक 12 मीटर ड्रिलिंग पूरी…

उत्तरकाशी टनल हादसा: रेस्क्यू जारी, 7 बजे तक 12 मीटर ड्रिलिंग पूरी…

उत्तराखंड हलचल
उत्तरकाशी: सिलक्यारा-बड़कोट टनल हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। मौके पर रेस्क्यू जारी है। ऑगर मशीन के जरिए पाइपों को मलबे के भीतर डालने का काम लगातार जारी है। अब तक 12 मीटर तक ड्रिलिंग की जा चुकी है।पाइपों को जोड़कर पुश करने का काम किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि देर रात या फिर कल तक सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया जाएगा। सभी मजदूरों की कुशलता के लिए प्रार्थना भी कर रहे हैं। ...
उत्तरकाशी: केंद्रीय राजय मंत्री वीके सिंह ने किया टनल रेस्क्यू कार्य का निरीक्षण

उत्तरकाशी: केंद्रीय राजय मंत्री वीके सिंह ने किया टनल रेस्क्यू कार्य का निरीक्षण

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी: केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह सिलक्यारा-बड़कोट टनल में फंसे मजदूरों को रेस्क्यू करने के लिए चलाए जा रहे अभियान का निरीक्षण करने पहुंचे। जनरल वीके सिंज ने निरीक्षण के बाद अधिकारियों के साथ बैठक की और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता लोगों को सकुशल बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य की एजेंसियों के साथ केंद्रीय एजेंसियां और सेना की मदद ली जा रही है। साथ ही विदेशी विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है। बहुत जल्द सभी को बाहर निकाल लिया जाएगा। ...
उत्तरकाशी : एडवांस ऑगर मशीन का इंस्टॉलेशन पूरा….क्या आज मिलेगी अच्छी खबर!

उत्तरकाशी : एडवांस ऑगर मशीन का इंस्टॉलेशन पूरा….क्या आज मिलेगी अच्छी खबर!

उत्तरकाशी
ऑगर मशीन के इंस्टॉलेशन का काम पूरा हो गया है। जल्द रेस्क्यू सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाएगा।उत्तरकाशी: सिलक्यारा-बड़कोट टनल में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान लगातार जारी है। मजदूरों को सकुशल बाहर निकालने के लिए अब सेना की रेस्क्यू टीम को भी लगा दिया गया है। एयर फोर्स की टीम भी काम कर रही है। इसके अलावा विदेशी एजेंसियों से भी मदद ली जा रही है। ऑगर मशीन के इंस्टॉलेशन का काम पूरा हो गया है। सबकुछ सही रहा तो जल्द रेस्क्यू सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार सिलक्यारा टनल साइट पर नई जैक एंड पुश अर्थ ऑगर मशीन के इंस्टॉलेशन का काम पूरा हो गया है। जल्द ड्रिलिंग शुरू होने की उम्मीद है। राहत एवं बचाव मिशन के प्रभारी कर्नल दीपक पाटिल का कहना है कि अमेरिका में बनी जैक एंड पुश अर्थ ऑगर मशीन पुरानी मशीन से काफी एडवांस है, जो काफी स्पीड में काम करेगी। राहत और बचाव ऑपरेश...
उत्तरकाशी : रेस्क्यू कार्य का जायजा लेने पहुंचेंगे केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह

उत्तरकाशी : रेस्क्यू कार्य का जायजा लेने पहुंचेंगे केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी: केंद्रीय नागर विमानन, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह आज सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं। प्राप्त सूचना के अनुसार जनरल सिंह आज पूर्वाह्न 11:15 बजे सिलक्यारा पहुंचेंगे और रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण व समीक्षा करने के बादअपराह्न 1.30 बजे यहां से वापस हेलीकॉप्टर से जौलग्रांट एयर पोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे। ...
उत्तरकाशी : देर रात आया भूकंप, इतनी थी तीव्रता, यहां था केंद्र

उत्तरकाशी : देर रात आया भूकंप, इतनी थी तीव्रता, यहां था केंद्र

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी: जिले में देर रात दो बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता 3.1 मापी गई है। भूकंप का केंद्र बिंदु – तहसील मोरी अन्तर्गत सांकरी के सिंगतुर रेंज वन क्षेत्र में बताया गया है। इस क्षेत्र में कुछ समय पहले भी भूकंप का केंद्र सामने आया था। जिला आपदा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार समस्त तहसील/थाना, चौकियों द्वारा दूरभाष पर ली गयी सूचनानुसार जनपद में जिला मुख्यालय व तहसील मोरी, पुरोला, बड़कोट क्षेत्र में भूकम्प के हल्के झटके महसूस किये गये। अन्य तहसील क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस नही हुये हैं। जिसमे वर्तमान समय मे किसी प्रकार की क्षति की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। जनपद में कुशलता हैं। ...
एयरफोर्स के तीन विशेष विमान भारी मशीन पहुंच रही सिलक्यारा, नॉर्वे और थाईलैंड की विशेष टीमों से भी ली जा रही मदद

एयरफोर्स के तीन विशेष विमान भारी मशीन पहुंच रही सिलक्यारा, नॉर्वे और थाईलैंड की विशेष टीमों से भी ली जा रही मदद

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी के सिलक्यारा में चल रहे है रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर अब एयरफोर्स के तीन विशेष विमान 25 टन भारी मशीन लेकर के आ रहे हैं, जो मलबे को भेद कर स्टील पाइप दूसरी तरफ पहुंचने में मददगार साबित होगी। इस मशीन के जरिए प्रति घंटे 5 मीटर मलबा निकला जा सकेगा। अब नॉर्वे और थाईलैंड की विशेष टीमों की मदद ली जा रही है। रेस्क्यू टीम ने थाईलैंड की उसी रेस्क्यू कंपनी से संपर्क किया है, जिसने थाईलैंड की गुफा में फंसे बच्चों को बाहर निकाला था। नॉर्वे की एन जी आई एजेंसी से भी संपर्क किया गया है, जिससे सुरंग के भीतर ऑपरेशन में विशेष सुझाव लिए जा सके। भारतीय रेल, आर वी एन एल, राइट्स एवं इरकॉन के विशेषज्ञों से भी सुरंग के भीतर ऑपरेशन से संबंधित सुझाव लिए जा रहे हैं। ...
उत्तरकाशी: ड्रिलिंग मशीन खराब, अब दूसरी पर काम शुरू, क्या अगले 24 घंटे में पूरा हो पाएगा रेस्क्यू अभियान?

उत्तरकाशी: ड्रिलिंग मशीन खराब, अब दूसरी पर काम शुरू, क्या अगले 24 घंटे में पूरा हो पाएगा रेस्क्यू अभियान?

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी: उत्तरकाशी टनल हादसे के बाद सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों को तीसरे दिन भी बाहर नहीं निकाला जा सका है। माना जा रहा है कि इसमें कम से कम एक दिन और लग सकता है। भीतर जो मजदूर फंसे हैं, उनकी स्थिति इस वक्त क्या होगी? उनके हौसले की दाद देनी होगी कि वो विपरीत परिस्थियों में भी खुद को संभाले हुए हैं। गनीमत है कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक वो ऐसे ही टनल के भीतर कैद रहे सकते हैं। देश की तमाम एजेसियां के एक्सपर्ट मौके पर हैं। रेस्क्यू के विभिन्न प्लान बनाए गए, लेकिन अब तक कोई प्लान सफल नहीं हो पाया है। टनल के भीतर ह्यूम पाइप डालकर मजदूरों को बाहर निकालने का काम शुरू तो किया गया, लेकिन काम बीच में ही ठप हो गया। ड्रिलिंग मशीन खराब होने से काम को रोकना पड़ा। अब एक और मशीन को फिट करने का काम किया जा रहा है। ऑगर ड्रिलिंग मशीन से एस्केप टनल तैयार करने का काम शुरू हुआ। मश...