Tag: उत्तरकाशी

बड़कोट पेयजल संकट : विशाल प्रदर्शन के साथ महंत की भूख हड़ताल शुरू

बड़कोट पेयजल संकट : विशाल प्रदर्शन के साथ महंत की भूख हड़ताल शुरू

उत्तरकाशी
सुनील थपलियाल, उत्तरकाशी उत्तरकाशी जनपद के नगर पालिका  क्षेत्र बड़कोट में पेयजल संकट गहराया हुआ है  पानी के लिए एक महिने से चल रहा क्रमिक धरना शनिवार से अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील हो गया, जबकि हिन्दू जागृति संगठन के अध्यक्ष  सन्त केशवगिरी महाराज जी ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। नगरवासियों ने चंद्रेश्वर महादेव मंदिर से तहसील तक ढोल नगाड़ों के साथ जमकर नारेबाजी करते हुए हाथों में तख्ती के साथ प्रदर्शन किया और  सरकार से पेयजल पम्पिंग योजना की वित्तीय स्वीकृति की मांग की। इधर तहसील परिसर में चार सूत्रीय मांगो के निस्तारण के लिए क्रमिक धरना अब अनिश्चितकालीन धरने  में तब्दील करते हुए भुख हड़ताल को नगर के सभी वार्ड वासी भारी संख्या में समर्थन देने पहुँचे। नगरवासियों का कहना है कि  जब तक पेयजल पम्पिंग योजना की स्वीकृति नहीं मिल जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि छोटी योजना...
उत्तरकाशी: छात्रों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

उत्तरकाशी: छात्रों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

उत्तरकाशी
मुख्य शिक्षा अधिकारी नरबीर सिंह बिष्ट ने छात्रों से नशे से दूर रहने का किया अवह्वान पीएमश्री राजकीय आदर्श कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी में नशामुक्ति भारत अभियान सप्ताह के तहत पोस्टर, पेंटिंग, स्लोगन, नारे लेखन और कविता और गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतराष्ट्रीय दिवस पर विद्यालय में एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर कैप्टेन एल.पी.एस.परमार ने छात्रों को नशामुक्त की शपथ दिलाई. इस दौरान विद्यालय में नशा मुक्ति हेतु दगड़िया- फ्रेंड क्लब का गठन किया गया. राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी नरबीर सिंह बिष्ट ने छात्रों से नशे से दूर रहने का अवह्वान किया. जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शैलेन्द्र अमोली द्वारा एनसीसी कैडेट्स से अपील की कि नशामुक्ति कि शुरुआत पहले हम अपने घर और विद्यालय से करें. विद्या...
रवांल्टी भाषा को बचाने के लिए विचार गोष्ठी एवं रवांल्टी विशेषांक का विमोचन

रवांल्टी भाषा को बचाने के लिए विचार गोष्ठी एवं रवांल्टी विशेषांक का विमोचन

उत्तरकाशी
नौगांव (उत्तरकाशी). यमुना वैली पब्लिक स्कूल में हिमांतर प्रकाशन से प्रकाशित रवांल्टी कविता विशेषांक का विमोचन और सम्मान समारोह आयोजित किया गया. देश के ख्यातिलब्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा को वाल्मीकीय रामायण का रवांल्टी में संक्षिप्त अनुवाद करने के लिए सम्मानित किया गया. इस दौरान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया. इस मौके पर महावीर रवांल्टा ने कहा कि अपनी भाषा को बचाने के लिए हमें और अधिक गंभीर और सामूहिक प्रयास करने होंगे. उन्होंने रवांल्टी में कविता लेखन करने वाले युवाओं को प्रेरित करने के साथ यह संदेश भी दिया कि वे गंभीरता से लेखन करें. साथ ही यह भी कहा कि लेखन तभी अच्छा होगा, जब अध्ययन गहन होगा. इस दौरान महावीर रवांल्टा ने अपने प्रेरक संस्मरण भी सुनाए. जय प्रकाश सेमवाल ने कहा कि अपनी भाषा पर सबको गौरव होना चाहिए. अपनी लोकभाषा हमें अपनों से जोड़ने का काम करती है. डॉ. वीरेंद्र चंद न...
उत्तरकाशी: मोरी के चैन रावत बने सिक्किम प्रांत के ABVP के प्रांत संगठन मंत्री

उत्तरकाशी: मोरी के चैन रावत बने सिक्किम प्रांत के ABVP के प्रांत संगठन मंत्री

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी. गत सप्ताह गुजरात के सूरत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई, जिसमें सीमांत जनपद उत्तरकाशी के सुदूरवर्ती क्षेत्र मोरी, कोटी गांव के सरल स्वभाव के धनी बेहद सौम्य, एक कुशल संगठनकर्ता चैन सिंह रावत को सिक्किम प्रांत का प्रांत संगठन मंत्री (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) बनाया गया है. चैन सिंह रावत बर्फिया लाल जुवांठा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पुरोला में पूर्व छात्र नेता रहे हैं. वर्ष 2018 में राष्ट्रवादी छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के वैचारिकता से आत्मीय जुड़ाव के चलते संगठन के पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में जिला संगठन मंत्री उत्तरकाशी व वर्तमान में विभाग संगठन मंत्री चमोली के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं. आपको सिक्किम प्रांत का प्रान्त संगठन मंत्री बनाए जाने पर संपूर्ण यमुना घाटी ए...
सौम्यकाशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ रही तीर्थयात्रियों की भीड़

सौम्यकाशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ रही तीर्थयात्रियों की भीड़

उत्तरकाशी
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा के साथ बाबा के दर्शन से होती पुण्य में और वृद्धि उत्तरकाशी. यमुनोत्री और गंगोत्री यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की भीड़ इन दिन सौम्यकाशी (उत्तरकाशी) में विराजमान बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ रही है. धार्मिक मान्यता है कि कलयुग में वाराणसी (बनारस) से ज्यादा उत्तर की काशी में स्थित बाबा विश्वनाथ के दर्शन की महत्ता है. यही कारण हैं कि यमुनोत्री आने के बाद और गंगोत्री जाने से पहले तीर्थयात्रियों की भीड़ बाबा विश्वनाथ के दर्शन को जुट रही है. इधर, तीर्थयात्रियों के बड़ी संख्या में आगमन के फलस्वरूप यात्रा व्यवस्था को कायम रखने में लिए उत्तरकाशी में रामलीला मैदान में होल्डिंग पॉइंट बनाए जाने के बाद  यहां रोके जाने वाले यात्री बाबा विश्वनाथ के दर्शनों का लाभ अर्जित कर रहे हैं. धार्मिक नगरी उत्तरकाशी में यूं तो वाराणसी जैसे मंदिरों और धर्म स्थलों की भरमार ह...
मुख्यमंत्री धामी ने यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

मुख्यमंत्री धामी ने यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात कर चारधाम यात्रा के बारे में फीड बैक लिया. मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर देश के विभिन्न हिस्सों से आये तीर्थयात्री अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने चारधाम यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों को सराहा. इस दौरान मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा संचालन को लेकर किए गए प्रबंधो पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रा के शुरूआती दिनों में ही धामों में रिकॉर्ड भीड़ हो जाने के कारण यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा व अन्य व्यवस्थाओं को कायम रखने के लिए यात्रा के नियंत्रित व व्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. जिसे देखते हुए बिना पंजीकरण के यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने का निर्...
बिना पंजीकरण यमुनोत्री-गंगोत्री धाम न आएं तीर्थयात्री: सुंदरम

बिना पंजीकरण यमुनोत्री-गंगोत्री धाम न आएं तीर्थयात्री: सुंदरम

उत्तरकाशी
ऋषिकेश और डामटा बैरियर पर पुलिस सख्ती से कराएं पंजीकरण का पालन उत्तरकाशी. सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम ने बुधवार को उत्तरकाशी में यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक ली. इस दौरान यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने पुलिस-प्रशासन को निर्देश दिए कि बिना पंजीकरण धामों की यात्रा करने वालों को सख्ती से निपटें और सीधा चेकिंग बैरियर से वापस भेजें. इसके लिए  बैरियरों तथा अन्य स्थानों पर सख्ती से चेकिंग की जाए. उन्होंने यमुनोत्री धाम में बिना पंजीकरण के डंडी-कंडी, घोड़ा-खच्चरों के संचालन पर भी प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में रिकॉर्ड तीर्थयात्रियों के पहुंचने से उत्पन्न स्थिति पर सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी बुधवार को उत्तरकाशी पहुंचे. यहां आईटीबीपी मातली के सभा...
रवांई की पहली पढ़ी-लिखी लड़की ‘सत्यभामा’ का सफर

रवांई की पहली पढ़ी-लिखी लड़की ‘सत्यभामा’ का सफर

उत्तरकाशी
ध्यान सिंह रावत ‘ध्यानी’, शिक्षक एवं साहित्यकार भारत जब पराधीनता की जंजीरों को तोड़ देने के अंतिम पायदान पर आ खड़ा हुआ था तो देशी रियासतों का विलय भारतसंघ में एक बड़ी चुनौती से कम न थी. टिहरी रियासत की जनता भी अपने को इस कड़ी से जुड़ने के लिए चिर निद्रा से उठ खड़ी हुई थी और स्वतंत्रता के दो वर्षों के बाद अर्थात सन् 1949 को संयुक्तप्रान्त उत्तर प्रदेश का एक हिस्सा बनी. रियासत काल में शिक्षा की दशा और दिशा संतोषप्रद नहीं थी. महाराजा प्रतापशाह ने कुछेक स्कूल तो खोले किन्तु महाराजा कीर्तिशाह ने प्रत्येक पट्टी में एक-एक प्राईमरी पाठशाला खोली थी. रवांई परगने में महाराजा नरेन्द्रशाह के शासन काल में कीर्ति आधारिक विद्यालय उत्तरकाशी, प्राइमरी पाठशाला राजगढ़ी, पुरोला, ठडियार आदि गिने-चुने स्कूल खुल चुके थे. यद्पि महाराजा नरेन्द्र शाह के शासन काल में इस ओर कुछ सुधार अवश्य हुआ किन्तु तत्कालीन समय में पहा...
आगम दत्त नौटियाल की पुस्तक ‘मैं और मेरे संस्मरण’ का लोकार्पण

आगम दत्त नौटियाल की पुस्तक ‘मैं और मेरे संस्मरण’ का लोकार्पण

देहरादून
देहरादून : देहरादून के एक होटल में लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त उत्तरकाशी जिले के गैर बनाल निवासी आगम दत्त नौटियाल की पुस्तक ‘मैं और मेरे संस्मरण’ का लोकार्पण कायक्रम सम्पन्न हुआ। लोकार्पण समारोह में ललित मोहन अमोली, विजेंद्र रावत, दिनेश रावत व शशि मोहन रवांल्टा अतिथियों के रूप में आमंत्रित थे। मुख्य वक्ता के रूप में पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए साहित्यकार दिनेश रावत ने कहा कि सेवानिवृत्ति के पश्चाय यह समय और श्रम का सार्थक उपयोग है। लेखक द्वारा जीवन की तमाम खट्टी-मिट्ठी बातों और यादों को सरल शब्दों में जिस ईमानदारी के साथ अभिव्यक्त किया गया, वह प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है। पुस्तक में प्रकाशित संस्मरण संघर्ष से उत्कर्ष की कहानी ही बयां नहीं करते हैं, बल्कि उस समय की स्थिति व परिस्थिति से भी परिचित करवाते हैं। पुस्तक में प्रकाशित कई अंश प्रेरणा के नये पथ प्रशस्त करते हैं। इस दौरान वरिष्...
बदलेगा मौसम का मिजाज, इन जिलों में हो सकती है बारिश

बदलेगा मौसम का मिजाज, इन जिलों में हो सकती है बारिश

उत्तराखंड हलचल
देहरादून: उत्तराखंड में सोमवार से फिर मौसम बदलेगा। पर्वतीय इलाकों में बारिश से ठंड लौट सकती है। हालांकि, मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। रविवार के तापमान की बात करें तो देहरादून का अधिकतम तापमान एक डिग्री बढ़ोतरी के साथ 27.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उधर मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान तीन डिग्री के इजाफे के साथ 19.6 डिग्री रहा। सिर्फ पंतनगर का अधिकतम तापमान एक डिग्री कमी के साथ 27.1 डिग्री रहा। प्रदेशभर में मार्च के तीसरे सप्ताह के शुरुआती दिनों में मौसम बदला रहेगा। हालांकि, 14 मार्च के बाद मौसम शुष्क होने से अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, 11 से 13 मार्च तक पर्वतीय जिलों के कुछ इलाकों म...