उत्तराखंड हलचल

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच संपन्न हुआ घुघुति महोत्सव

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच संपन्न हुआ घुघुति महोत्सव

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनप्राउड पहाड़ी सोसाइटी द्वारा आयोजित नवम घुघुति महोत्सव में पूरे पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत मानो धरातल पर उतर आई. गढ़वाल, कुमाऊँ, जौनसार, तिब्बत, हिमाचल सहित समूचे हिमालयी क्षेत्र की लोकसंस्कृति को संजोते हुए यह सांस्कृतिक संध्या सांस्कृतिक उल्लास और सामाजिक चेतना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई. कार्यक्रम में गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी, गोरखाली एवं तिब्बती नृत्य समूहों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को पहाड़ी संस्कृति की विविध झलक दिखाई. वहीं टीम देवस्थली बैंड ने अपने लोकगायन से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया.महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त कर्नल अजय कोठियाल, भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बिष्ट, जयदीप सकलानी, सतीश धौलाखंडी सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प...
राजकीय प्राथमिक विद्यालय पलना में हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

राजकीय प्राथमिक विद्यालय पलना में हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

अल्‍मोड़ा
 पलना, अल्मोड़ाराजकीय प्राथमिक विद्यालय पलना में आज दिनांक 26 जनवरी, 2026 को गणतंत्र दिवस का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति के वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में प्रधानाध्यापिका श्रीमती लता तिवारी द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान गाया गया, जिसमें विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सहभागिता की।इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका श्रीमती लता तिवारी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को गणतंत्र के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी ही एक सशक्त नागरिक की पहचान होती है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे संविधान में निहित मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करें और अच्छे नागरिक बनकर देश के विकास में योगदान दें। कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक अ...
गणतंत्र दिवस: संविधान की चेतना से विकास का संकल्प

गणतंत्र दिवस: संविधान की चेतना से विकास का संकल्प

देहरादून
  गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उत्तराखण्ड के भविष्य का रोडमैपहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनगणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश केवल औपचारिक शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसमें संविधान की आत्मा, लोकतांत्रिक मूल्यों और उत्तराखण्ड के समग्र विकास का स्पष्ट दृष्टिकोण झलकता नजर आया. स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस को संविधान निर्माण का महापर्व बताया.“गणतंत्र दिवस हमारे संविधान के निर्माण का महापर्व है, जो हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूल्यों से जोड़ता है.” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्डमुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन हर नागरिक को स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने दायि...
‘मेरा भारत, मेरा वोट’ संदेश के साथ 25 जनवरी को प्रदेशभर में होंगे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम

‘मेरा भारत, मेरा वोट’ संदेश के साथ 25 जनवरी को प्रदेशभर में होंगे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम

उत्तराखंड हलचल
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनराष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत (MY Bharat) उत्तराखंड, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रविवार, 25 जनवरी 2026 को प्रदेश के विभिन्न जिलों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं, को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से सक्रिय रूप से जोड़ना है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में देहरादून में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी एवं महंत इंद्रेश अस्पताल, मोथरोवाला में विशेष पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 500 से अधिक ‘MY Bharat’ स्वयंसेवक प्रतिभाग करेंगे। इस पदयात्रा का मुख्य संदेश “मेरा भारत, मेरा वोट (My Bharat My Vote)” रहेगा। यह कार्यक्रम एक राष्ट्रव्यापी युवा लामबंदी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं में सूचित, नैतिक एवं सहभागी चुनावी व्यव...
पहाड़ों में प्रकृति, परम्परा, पवित्रता का पर्व- बसंत पंचमी

पहाड़ों में प्रकृति, परम्परा, पवित्रता का पर्व- बसंत पंचमी

उत्तराखंड हलचल
 डॉ. प्रकाश उप्रेती आज पूरे उत्तराखंड में बसंत पंचमी पर्व के साथ बर्फबारी भी हो रही है। प्रकृति के उत्साह और उल्लास का पर्व बसंत पंचमी है। पर्वतीय समाज में बसंत पंचमी, प्रकृति, परम्परा, ऋतु स्वागत, कृषि और मनुष्य के साहचर्य का पर्व है। आज का दिन पहाड़ों के निवासियों के लिए 'खास' 'शुभ' और 'पवित्र' होता है। पहाड़ों में लोग आज के दिन अपने आस-पास की नदियों में स्नान करने जाते हैं। उनके आज के दिन अपनी आस- पास की नदियों में स्नान का महात्म्य गंगा में स्नान के बराबर माना जाता है। बंसत पंचमी के दिन की पवित्रता और शुभदायी होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 'पैट- अपैट' की गणना के बिना कोई भी शुभ कार्य नहीं करने वाले पहाड़ का समाज आज के दिन बिना दिन-बार-मुहर्त देखे सभी (विवाह, मुंडन संस्कार,जनेऊ संस्कार ) शुभ कार्य करते हैं। बहुत सारे लोग आज के दिन विवाह की मंग-जंगनी भी करते हैं और जि...
जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा नया कीर्तिमान

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा नया कीर्तिमान

उत्तराखंड हलचल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में एक ही दिन में 7,876 नागरिकों तक पहुंची सरकारहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, त्वरित सेवा-प्रदान और जनसमस्याओं के समाधान का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है. यह अभियान सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर शासन को वास्तव में जन-केंद्रित बना रहा है.13 जिलों में 408 जनसेवा शिविर 20 जनवरी 2026 तक राज्य के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 408 जनसेवा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं. केवल आज के दिन ही 13 नए शिविरों का आयोजन कर सरकार ने अपनी सक्रियता और प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया. इन शिविरों में अब तक 3,30,461 नागरिकों ने सहभागिता की है, जिनमें आज के दिन 7,876 नागरिकों क...
माघ मेला: कवि सम्मेलन में गूंजा लोकभाषाओं का स्वर, हास्य-व्यंग्य ने बांधा समां

माघ मेला: कवि सम्मेलन में गूंजा लोकभाषाओं का स्वर, हास्य-व्यंग्य ने बांधा समां

उत्तरकाशी
 आशिता डोभाल, उत्तरकाशीमाघ मेला (बाड़ाहाट कु थौलू) के पांचवें दिन रामलीला मैदान में आयोजित रवांल्टी-गढ़वाली-हिंदी कवि सम्मेलन ने साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. लोकभाषाओं की मिठास, सामाजिक सरोकारों की धार और हास्य-व्यंग्य की चुटीली प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया. कार्यक्रम का संयोजन प्रभव साहित्य संगीत कला मंच, उत्तरकाशी एवं लेखक-शिक्षक राघवेंद्र उनियाल के तत्वावधान में संपन्न हुआ. सम्मेलन में मंचासीन प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा की ओजस्वी कविता ने युवाओं में जोश भर दिया. उन्होंने आज-कल सस्ती लोकप्रियता के लिए डिग्रियां खरीदने की प्रवृत्ति पर तीखा कटाक्ष कर समाज को आईना दिखाया. अनोज बनाली ने सामाजिक जागरूकता से जुड़ा व्यंग्य प्रस्तुत करते हुए शराब-नशे पर करारा प्रहार किया. वहीं प्रदीप रावत की हास्य कविता “मोबाइल” ने श्रोताओं को ठहाकों में डुबो ...
भाषा की ओर लौटता रास्ता

भाषा की ओर लौटता रास्ता

उत्तरकाशी, संस्मरण
  रवांई गौरव सम्मान, स्मृति और बँगानी लेखन की पहली शुरुआतजगमोहन बंगाणीएक सुबह, एक फ़ोन और भीतर उतरती खुशी सुबह का समय था। बाहर हल्की-सी ठंड थी और कमरे में अब भी रात की नमी बची हुई थी। खिड़की से आती धुँधली रोशनी बता रही थी कि दिन धीरे-धीरे जाग रहा है। इसी बीच अचानक फ़ोन की घंटी बजी। यह कोई ऐसी तेज़ या बेचैन कर देने वाली आवाज़ नहीं थी, बल्कि ऐसी घंटी थी जो नींद को तोड़ती नहीं, बल्कि भीतर की चुप्पी को छू लेती है। फ़ोन उठाया तो दूसरी ओर से शांत और स्नेह भरी आवाज़ आई- “जगमोहन भाई, बधाई हो। रवांई लोक महोत्सव 2025, नौगाँव की ओर से इस वर्ष का ‘रवांई गौरव सम्मान’ आपके नाम घोषित किया गया है और 28 दिसंबर 2025 को सम्मान ग्रहण करने के लिए आपकी उपस्थिति आवश्यक है।” कुछ पल के लिए शब्द कानों में ही अटक गए। समझ तो आ गया था कि क्या कहा गया है, लेकिन मन उसे पूरी तरह स्वीकार करने में थोड़ा समय...
माल्टा को मिले स्टेट फ्रूट का दर्जा

माल्टा को मिले स्टेट फ्रूट का दर्जा

देहरादून
  सिट्रस फल बदल सकते हैं पहाड़ के आर्थिक तंत्र का चेहराहिमांतर ब्यूरो, देहरादून‘माल्टा का महीना’ अभियान के तहत सिट्रस आर्थिकी पर दून लाइब्रेरी में एक विचार-विमर्श आयोजित किया गया. हरेला गांव, धाद की पहल पर आयोजित इस संवाद में विशेषज्ञों ने माल्टा सहित सिट्रस फलों को पहाड़ की आर्थिकी का मजबूत आधार बताते हुए इसे स्टेट फ्रूट का दर्जा देने की माँग रखी. कार्यक्रम में आगाज फेडरेशन के जगदम्बा मैठानी, कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव अजय डबराल और गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. तेजपाल बिष्ट ने अपने विचार रखे. स्वागत संबोधन में हरेला उद्यान के संयोजक पवन बिष्ट ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से चल रहा ‘माल्टा का महीना’ अभियान इस वर्ष निर्णायक मोड़ पर पहुंचा है. समाज से लेकर शासन तक इसकी धमक बनी है और आम लोगों ने अभियान के तहत लगभग 12 टन माल्टा की खरीद कर किसानों को सीधा समर्थन दिया...
बाड़ाहाट कू थौलू : लोकआस्था, संस्कृति और विकास का संगम

बाड़ाहाट कू थौलू : लोकआस्था, संस्कृति और विकास का संगम

उत्तरकाशी
  कंडार देवता व हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में शुरू हुआ उत्तरकाशी का पौराणिक माघ मेला देवभूमि की संस्कृति के साथ छेड़–छाड़ की किसी को भी इजाजत नहीं : मुख्यमंत्री  उत्तरकाशी की पावन धरती पर मकर संक्रांति के साथ ही एक बार फिर लोकआस्था, परंपरा और संस्कृति का विराट उत्सव सजीव हो उठा. भागीरथी के तट पर बसे इस हिमालयी नगर में सुप्रसिद्ध माघ मेला—जिसे स्थानीय जनमानस “बाड़ाहाट कू थौलू” के नाम से जानता है—आज पूरे धार्मिक वैभव और सांस्कृतिक उल्लास के साथ प्रारंभ हुआ.बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य कंडार देवता और बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में इस पौराणिक मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ. सप्ताह भर चलने वाला यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तरकाशी की आत्मा, उसकी स्मृतियों और सदियों पुरानी लोक परंपराओं का जीवंत दस्...