
कपाटोद्घाटन के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की पहली पूजा अर्चना
- हिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशी/बड़कोट
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम एवं यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके साथ ही ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। शुभ मुहूर्त के अनुसार गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 35 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए।
परंपराओं के साथ निकली डोली यात्रा
मां यमुना की डोली अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली (खुशीमठ) से अपने भाई शनिदेव की अगुवाई में यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। खरसाली में ग्रामीणों और लोक देवताओं की डोलियों ने भावुक माहौल में मां यमुना को विदाई दी। यमुनोत्री धाम पहुंचने पर हवन-पूजन और वैदिक अनुष्ठानों के बाद दोपहर 12:35 बजे कपाट विधिवत खोल दिए गए।
वहीं, मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। धाम पहुंचने पर तीर्थ पुरोहितों ने गंगा लहरी और गंगा सहस्त्रनाम का पाठ कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 12:15 बजे कपाट खोले।

सीएम धामी ने की पूजा, व्यवस्थाओं का दिया भरोसा
कपाट उद्घाटन के अवसर पर पुष्कर सिंह धामी गंगोत्री धाम पहुंचे, जहां उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की और अखंड ज्योति के दर्शन किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय तृतीया के इस पावन दिन चारधाम यात्रा का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि यात्रा सुखद, सरल और सुरक्षित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखना सभी संबंधित विभागों और हितधारकों की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
श्रद्धालुओं में उत्साह, गंगा स्नान का पुण्य लाभ
कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर्शन किए और गंगा में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। दोनों धामों में आस्था, उत्साह और भक्तिभाव का माहौल देखने को मिला।

ये रहे मौजूद प्रमुख लोग
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, डीएम प्रशांत आर्य, एसपी कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्र, दर्जा राज्य मंत्री प्रताप पंवार, विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
