Author: Himantar
हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास

खबर का असर: निजमुला घाटी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
हिमांतर ब्यूरो, चमोलीजनपद चमोली के जिला मुख्यालय गोपेश्वर से बमुश्किल 26 किमी दूर स्थित बिरही वैली के कुछ गांवों में ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं. इस घाटी में पाणा, ईराणी, झिंझी, दूरमी, because पगना, सैंजी, गौंणा बगड़, निजमुुला, ब्यारा और गाड़ी गांंव हैं. विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि निजमुला घाटी के कुछ गांवों मेंbecause पिछले एक हफ्ते से बुखार का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन दूसरी ओर, यातायात बंद होने और बिरही घाटी में मूलभूत सुविधायुक्त कोई अस्पताल भी नहीं होने से स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमाई हुई है.स्वरोजगार
ग्रामीणों के बुखार से पीड़ित होने की सूचना पर आज रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उक्त घाटी में पहुंच कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की. विभाग ने 40 गांववासियों के because कोविड के सैंपल लिए और 100 से ज्यादा लोगों को दवाईयां दी गई.स्वरोजगार
क्षेत्रीय ग्...

कोरोना से निपटने के लिए सरकार ने उठाया सख्त कदम, 11 से 18 मई तक कोविड कर्फ्यू
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनकोरोना संकट काल में लॉकडाउन की आश लगाए लोगों को कोरोना कर्फ्यू की खबर मिली. सरकार ने कोरोना कर्फ्यू में 10 को ढील देते हुए 11 से लगने का निर्णय लिया है. अब उत्तराखंड में 11 मई से लेकर 18 मई तक पूरे प्रदेश में सख्ती के साथ कोविड कर्फ्यू रहेगा जारी.
कल 1 बजे तक खुलेंगी सभी दुकाने फल, दूध, सब्जी, मास मछली और आवश्यक सेवाओ की दुकानें. शराब की दुकानें और बार पूर्ण रूप से बंद. 11 से 18 मई पूरे राज्य में कोविड कर्फ़्यू. ये सरकार का पहला चरण है इसके बाद अगला फैसला होगा.
प्रतिदिन सुबह 7 से 10 दूध सब्जी मास मछली की दुकानें खुलेगी अंतरराज्यीय परिवहन में 50 फीसदी अनुमति, पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी होगा. इस कर्फ़्यू काल मे सिर्फ 13 मई को केवल 1 बजे तक राशन की दुकानें खुली रहेगी. शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि लोगों की रक्षा करने के लिए राज्य सरकार ने किया बड़ा फैसला अब ...

कुमाऊंनी दुदबोलि को सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा मथुरादत्त मठपाल ने
श्रद्धांजलि लेखडॉ. मोहन चंद तिवारीउदेख भरी ह्यूं- हिंगवन संग
करछी गुणमुण छीड़ा जौपन.
निल अगास’क छैल कैं नित,
भरनै रौछीं बादो जौपन..
सल्ल बोटन में सुसाट पाड़नै
चलछी मादक पौन जती.
रतन भरी ढै-डुडण्रा छी,
ढै़-डुडण्रा भरी छी सकल मही,
बसी हिमांचल’क आंचव में छी,
मयर घर लै यती कईं..
बहुत दुःख के साथ कहना पड़ता है कि उपर्युक्त पंक्तियों के लेखक हिमालय के आंचल में सदा जीने वाले,हिमालय के नीले आकाश की बदलियों और वहां नदियों के सुसाट को सुनने वाले, कुमाऊंनी साहित्य को समय की धार देने वाले साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित सहृदय साहित्यकार मथुरादत्त मठपाल जी आज आज हमारे बीच नहीं रहे. अभी पिछले साल ही मैंने इन पंक्तियों के माध्यम से, 29 जून, 2020 को अपने इस वरिष्ठ साहित्यकार का 80वां जन्मदिन मनाया था. तब पता नहीं था कि कुमाऊंनी साहित्य को सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने वाले इस यशस्वी सा...

36 छोटे वाहनों को मॉडिफाइड कर बनाया गया एम्बुलेंस
हमारे संवाददाता, नई टिहरीजिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रयास निरंतर जारी है. जिसके तहत सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सैंपल टेस्टिंग किट, लक्षणयुक्त व्यक्तियों व आइसोलेशन पर रह रहे व्यक्तियों के लिए दवाई की किटों की लगातार आपूर्ति कराई जा रही है. इसी कड़ी में इन स्वास्थ्य केंद्रों में एम्बुलेंसों की तैनाती/उपलब्धता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा जनपद में एम्बुलेंस की संभावित आवश्यकता को देखते अब तक कुल 36 छोटे वाहनों को मॉडिफाइड कर एम्बुलेंस का रूप दिया गया है जिनका उपयोग रोगी को दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रो से कोविड केअर सेंटर/हायर सेंटर उपचार हेतु लाने में किया जाएगा.
मॉडिफाइड एम्बुलेंस तैयार करने का जिम्मा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी एन के ओझा को सौंपा गया था जिन्होंने तय समयसीमा के भीतर इन वाहनों को एम्बुलेंस में ढालकर क...

जन्मतिथि से जानें अपना राशिफल
साप्ताहिक राशिफल 9 से 15 मई, 2021
अंक शास्त्र का हमारे जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख से सीधा संबंध होता है. जैसा कि हमने इस लेख में बताया है, कि हर because व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं.अंक शास्त्र
मूलांक 1 पर सूर्य देव का अधिकार है. चंद्रमा का स्वामी मूलांक 2 है. अंक 3 देव गुरु बृहस्पति का स्वामी है, राहु अंक 4 का राजा है. 5 अंक बुध ग्रह के अधीन है. 6 अंक के because राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है. शनिदेव को अंक 8 स्वामी माना गया है. अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं .अंक शास्त्र
मूलांक-1
(यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ है)
जिन जातकों का...

काशी विश्वनाथ के समान उत्तराखंड का तीर्थधाम विभाण्डेश्वर महादेव
डॉ. मोहन चंद तिवारी‘श्रीग्वल्लदेवचरितम्' महाकाव्य में
विभाण्डेश्वर महादेव का तीर्थ माहात्म्य’
बहुत दुःख के साथ कहना पड़ता है कि आधुनिक संस्कृत साहित्य के लब्धप्रतिष्ठ विद्वान साहित्यकार और साहित्य अकादमी से सम्मानित रचनाकार डा. हरिनारायण दीक्षित because जी हमारे बीच नहीं रहे, पिछले वर्ष एक लंबी बीमारी के कारण उनका देहांत हो गया. किन्तु कवियश की कीर्तिस्वरूप वे आज भी जीवित हैं और हमारे देश के सांस्कृतिक मूल्यों से संवाद कर रहे हैं. निधन से कुछ महीने पहले जब मेरी उनसे फोन पर बात हुई तो मेरे द्वारा फेसबुक पर लिखी गई न्यायदेवता ग्वेलज्यू की धारावाहिक लेख माला से वे अतिप्रसन्न थे.
न्यायदेवता
गौरतलब है कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्ष तथा अनेक संस्कृत काव्यों, महाकाव्यों के लेखक रह चुके डा.दीक्षित ने उत्तराखंड की देवभूमि को अपने ग्वेल देवता के कृतित्व के माध्यम स...

बुखार से पीड़ित हैं निजमुला घाटी में ग्रामीण, लॉकडाउन की वजह से नहीं मिल पा रहा उपचार
शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं so और संचार सुविधाओं से महरूम निजमुला घाटी, लॉकडाउन की वजह से अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे मरीज और उनके तीमारदारहिमांतर ब्यूरो, चमोलीजनपद चमोली के जिला मुख्यालय गोपेश्वर से बमुश्किल 26 किमी दूर स्थित बिरही वैली के कुछ गांवों में ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं. इस घाटी में पाणा, किराणी, झिंझी, दूरमी, पगना, सैंजी, गौंणा बगड़, निजमूला, ब्यारा because और गाड़ी गांंव हैं. विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि जिनमूला घाटी के कुछ गांवों में पिछले एक हफ्ते से बुखार का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन दूसरी ओर, यातायात बंद होने और बिरही घाटी में मूलभूत सुविधायुक्त कोई अस्पताल भी नहीं होने से स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमाई हुई है.
स्वरोजगारगौरतलब है कि इस क्षेत्र के 6—7 ग्रामसभाओं के ग्रामीण देश की आजादी की बाद से ही स्वास्थ्य एवं दूरसंचार की सुविधाओं से वंचित हैं. ...

स्थानीय विधायकों के साथ राज्य मंत्री यतीश्वरानंद ने कोविड-19 से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यस्थाओं का लिया जायजा
नीरज उत्तराखंडी, पुरोलाकोविड-19 व्यवस्थाओं के जनपद प्रभारी एवं गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, भाषा तथा पुनर्गठन राज्य मंत्री यतीश्वरानंद ने आज दूसरे दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ब्रह्मखाल, बड़कोट, नौगाँव व पुरोला में कोविड-19 से निपटने के लिए की गई व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान because पूर्व जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण भंडारी ने विधायक केदार सिंह रावत के माध्यम से अतरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ब्रह्मखाल के उच्चीकरण को लेकर पत्र सौंपा. जिस पर मंत्री द्वारा सीएमओ को तत्काल प्रस्ताव शासन में भेजने के निर्देश दिए.कोविड
उन्होंने सीएमओ को निर्देशित because करते हुए कहा कि जनपद उत्तरकाशी के जिला अस्पताल के अतिरिक्त सभी सीएचसी में 50-50 ऑक्सीजन बैड व पीएचसी में 10-10 ऑक्सीजन बैड तैयार कर लिए जाय. ताकि सुदूरवर्ती गांव स्तर के लोगों को जिला अस्पताल न...

टैगोर का शिक्षादर्शन-‘असत्य से संघर्ष और सत्य से सहयोग’
रवीन्द्रनाथ टैगोर के जन्मदिन पर विशेषडॉ. अरुण कुकसाल‘किसी समय कहीं एक चिड़िया रहती थी. वह अज्ञानी थी. वह गाती बहुत अच्छा थी, लेकिन शास्त्रों का पाठ नहीं कर पाती थी. वह फुदकती बहुत सुन्दर थी, लेकिन उसे तमीज नहीं थी.
राजा ने सोचा ‘इसके because भविष्य के लिए अज्ञानी रहना अच्छा नहीं है’....उसने हुक्म दिया चिड़िया को गंभीर शिक्षा दी जाए.
कोविड
पंडित बुलाए गए और वे इस निर्णय पर पंहुचे कि चिड़िया की शिक्षा के लिए सबसे जरूरी हैः एक पिंजरा. और फिर पिंजरे में रखकर चिड़िया ज्ञान पाने लगी. लोगों ने कहा so ‘चिड़िया के तो भाग्य जगे !’..........
‘महाराज, because चिड़िया की शिक्षा पूरी हो गई’.
राजा ने पूछा, but ‘वह फुदकती है ?
भतीजे-भानजों because ने कहा, ‘नहीं !’
‘उड़ती so है ?’
‘एकदम नहीं !’
‘चिड़िया लाओ,’ butराजा ने आदेश दिया.
कोविड
चिड़िया लाई गई. उसकी सुरक्षा में because कोतवाल, सिपाही और...

