
गंजी हो आई खोपड़ी में चार बालों सा हौसला
नीलम पांडेय नील
जीवन में मित्रों का आना हमारे सर के बालों की तरह है. बाल जब नये - नये आते हैं, खूब चमकदार,घने होते हैं. देखने वाले भी सोचते हैं क्या चमक-दमक है? कुछ लोग because तो इस चमक-दमक से जल उठते हैं. चमकते मित्र व्यक्ति की सामाजिक एवम् वर्चुअल जिंदगी की कहानी में अचानक प्रशंसाओं की वृद्वि करने लगते हैं. लेकिन यह क्या? धीरे-धीरे उनकी लाख देखभाल के बावजूद या शायद हमारी ही अनदेखी के कारण वे रुखे और बेजान होकर गिरने लगते हैं. कभी हम ही उनसे परेशान होकर उनको काट-छांट कर उनकी छंटनी कर देते हैं और बचे हुए को तराशने लगते हैं.ज्योतिषकुछ मित्र घुंघराले बालों की तरह समझने में बहुत जटिल होते हैं. लेकिन वे एक बार समझ में आ जाएं तो उन्हें अपने मन मुताबिक ढाला जा सकता है. कुछ मित्र बिल्कुल सीधे because सपाट होते हैं, वे अपनी बात पर खरे रहते हैं उनके साथ यह है कि अगर हम उन्हें समझ भी जाएं...









