
भाषा और अनुवाद का विराट व कौतूहल वर्धक संसार…!
बहुविविध आयाम और उदेश्य हैं यह देवेशपथ सारिया जी के रचनात्मक संसार से परिचित होकर मुझे ज्ञात हुआसुनीता भट्ट पैन्यूली
कविताएं महज़ कल्पनाओं,मिथक और आस-पास के वातावरण से शरीर ही नहीं धारण करतीं अपितु कविताओं का उद्देश्य किसी संसार की व्यापकता में उसके सामाजिक रूप, संस्कृति, उसके प्राकृतिक सौंदर्य,मानव स्वभाव और वहां के भौगोलिक वातावरण से पाठकों को परिचित कराना भी है. चाहे वह साहित्यिक क्षेत्र हो, समकालीन व because साम्राज्यवादी व्यवस्था हो कवि की मनोदशा या उसके सामाजिक जीवन का संघर्ष हो या उसकी अपने देश के प्रति प्रेम की प्रगाढ भावना हो अथवा उसका वैयक्तिक संघर्ष हो, जिसकी उदेश्य पूर्ति के लिए किसी भी भाषाओं में लिखी गयी कविताओं की विश्वव्यापी संप्रेषणीयता के लिए उनका अनुवाद एक विशिष्ट कारक है जो कविताओं की मूल जड़ों और उसके आच्छन्न उदेश्यों को हर प्रांत व दुनिया के जनमानस तक पहुंचाने ...









