Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
भाषा और अनुवाद का विराट व कौतूहल वर्धक संसार…! 

भाषा और अनुवाद का विराट व कौतूहल वर्धक संसार…! 

पुस्तक-समीक्षा
बहुविविध आयाम और उदेश्य हैं यह देवेशपथ सारिया जी के रचनात्मक संसार से परिचित होकर  मुझे ज्ञात हुआसुनीता भट्ट पैन्यूली कविताएं महज़ कल्पनाओं,मिथक और आस-पास के वातावरण से शरीर ही नहीं धारण करतीं अपितु कविताओं का उद्देश्य किसी संसार की व्यापकता में उसके सामाजिक रूप, संस्कृति, उसके प्राकृतिक सौंदर्य,मानव स्वभाव  और वहां के भौगोलिक वातावरण से पाठकों को परिचित कराना भी है. चाहे वह साहित्यिक क्षेत्र हो, समकालीन व because साम्राज्यवादी व्यवस्था हो कवि की मनोदशा या उसके सामाजिक जीवन का संघर्ष हो या उसकी अपने देश के प्रति प्रेम की प्रगाढ भावना हो अथवा उसका वैयक्तिक संघर्ष हो, जिसकी उदेश्य पूर्ति के लिए किसी भी भाषाओं में लिखी गयी कविताओं की विश्वव्यापी संप्रेषणीयता के लिए उनका अनुवाद एक विशिष्ट कारक है जो कविताओं की मूल जड़ों और उसके आच्छन्न उदेश्यों को हर प्रांत व दुनिया के जनमानस तक पहुंचाने ...
पिथौरागढ़ शरदोत्सव: मुख्यमंत्री धामी ने किया विकास प्रदर्शनी का शुभारम्भ

पिथौरागढ़ शरदोत्सव: मुख्यमंत्री धामी ने किया विकास प्रदर्शनी का शुभारम्भ

पिथौरागढ़
पिथौरागढ़ में 344 करोड़ की विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पणहिमांतर ब्यूरो, पिथौरागढ़मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने तीन दिवसीय भ्रमण पर पिथौरागढ़ पहुंचे. उन्होंने जिला मुख्यालय के देव सिंह मैदान में आयोजित शरदोत्सव एवं विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए, जनपद के विकास के लिए कुल 34384.65 (तीन सौ तैतालिस करोड़ चौरासी लाख, पैंसठ हजार) की 126 योजनाओं तथा कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा पिथौरागढ़ के अंतर्गत 91.23 लाख रु. की लागत से निर्माणाधीन केएनयूराआइका पिथौरागढ़ के विद्यालय का पुननिर्माण एवं खेल मैदान का सुदृढ़ीकरण, 179.38 लाख रु. की लागत से एसडीएसराइका पिथौरागढ़ में मिटिंग हाल, प्रयोगशाला एवं हाईटेक शौचालय का निर्माण, 40.50 लाख की लागत से निर्माणाधीन राइका कुम्डार में लाइब्रेरी कक्ष एवं कम्प्यूटर कक्ष का निर्माण, 64.29 लाख की लागत से निर्म...
छठ: भारतराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा लोकपर्व

छठ: भारतराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा लोकपर्व

लोक पर्व-त्योहार
छठ पूजा पर विशेषडॉ. मोहन चंद तिवारीचार दिनों तक आयोजित होने वाले छठ पूजा के पर्व की 8 नवंबर को शुरुआत हो चुकी है,जिसका समापन 11 नवंबर को प्रातःकालीन सूर्य अर्घ्य के साथ होगा. सूर्य देवता और षष्ठी देवी को समर्पित यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों द्वारा मनाया जाता है.चार दिवसीय इस पर्व के चार अनुष्ठानपरक because आयाम हैं- नहाय-खाय, खरना, छठ पूजा और सूर्य देव को अ‌र्घ्य देना. इस त्यौहार के माध्यम से लोग सूर्य देवता, देवी उषा (सुबह की पहली किरण) और प्रत्युषा (शाम की आखिरी किरण) के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि मान्यता है कि ब्रह्मांड में सूर्य ऊर्जा का पहला स्रोत है जिसे प्रकृति रूपा षष्ठी देवी धारण करती हैं तथा उसी के कारण पृथ्वी पर जीवन भरण संभव हो पाता है. बिहार का पर्व छठ चार दिनों तक मनाया जाने वाला लोकपर्व ...
उत्तराखंड स्थापना दिवस : 21 वर्षों में मुख्मंत्रियों के सिवा बदला क्या?

उत्तराखंड स्थापना दिवस : 21 वर्षों में मुख्मंत्रियों के सिवा बदला क्या?

देहरादून
उत्तराखंड स्थापना दिवस पर विशेषप्रकाश उप्रेती उत्तराखंड राज्य के हिस्से में जो कुछ अभी है वह KBC यानी ‘कौन बनेगा करोडपति’  का एक प्रश्न है. यही हमारा हासिल भी है. हमारे यहाँ कौन बनेगा सीएम (KBC) सिर्फ because चुनाव के समय का प्रश्न नहीं है बल्कि स्थायी प्रश्न है. इसीलिए स्वास्थ्य, रोजगार, शिक्षा, कृषि, पर्यटन, परिवहन, पलायन आदि की स्थिति में कोई गुणात्मक अंतर इन 21वर्षों में नहीं आया है लेकिन वहीं इन 21 वर्षों में हमने 11 मुख्यमंत्री जनता पर थोप दिए. असल में यही हमारी 21 वर्षों की बड़ी उपलब्धि है.ज्योतिष एक राज्य के हिस्से में 21 वर्ष का समय क्या वाकई में वयस्क और परिपक्व होने का पर्याप्त समय है! विकास के पंचवर्षीय वादों पर वोट लुटा देने वाले नागरिक समाज के लिए 21 वर्ष के क्या मायने हैं. इन वर्षों में उन सपनों का क्या हुआ जिनके लिए संघर्ष किया गया था. इन 21 वर्षों में साल-दर-साल प...
गढ़वाल हितैषणी सभा आम चुनाव सम्पन्न, पैनल न.—1 विजयी घोषित

गढ़वाल हितैषणी सभा आम चुनाव सम्पन्न, पैनल न.—1 विजयी घोषित

देश—विदेश
अध्यक्ष पद पर अजय सिंह बिष्ट एवं महासचिव पद पर द्वारिका प्रसाद भट्ट विजयीहिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीदिल्ली—एनसीआर में उत्तराखंड गढ़वाल की सबसे बड़ी सामाजिक संस्था 'गढ़वाल हितैषणी सभा (गढ़वाल भवन)' के आम चुनाव वर्ष 201—23 के लिए 7 नवम्बर, 2021 को पंचकुयां रोड स्थित गढ़वाल भवन में सम्पन्न हुए, इसमें मुख्यत: दो पैनलों ने भाग लिया. पैनल न. — 1 के अध्यक्ष के उम्मीदवार अजय सिंह बिष्ट एवं महासचिव के उम्मीदवार द्वारिका प्रसाद भट्ट और पैनल नं.—2 के अध्यक्ष के उम्मीदवार शैलेंन्द्र नेगी एवं महासचिव के उम्मीदवार पवन कुमार मैठाणी के बीच चुनाव हुआ. इसमें अध्यक्ष के अलावा 9 पदाधिकारी एवं 15 कार्यकारिणी सदस्यों ने चुनाव में हिस्सा लिया. गढ़वाल हितैषणी सभा के दोनों पक्षों के सभी उम्मीदवार इसके लिए कई दिनों से तैयारियों में जुटे हुए थे. दोनों पैनलों ने अपने—अपने लोगों से संपर्क अभियान के तहत चुनाव ...
शंहशाह: लक्ष्मी पूजन कर गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल पेश करते थे!

शंहशाह: लक्ष्मी पूजन कर गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल पेश करते थे!

ट्रैवलॉग
मुगलों का जश्ने-ए-चराग मंजू दिल से… भाग-22मंजू काला“जश्ने- ए-चराग” के संदर्भ में कुछ कहने से से पहले मैं दीपावली की व्याख्या कुछ अपने अनुसार करना चाहूंगी चाहुंगी. दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों ‘दीप’ अर्थात ‘दिया’ व ‘आवली’ अर्थात ‘लाइन’ या ‘श्रृंखला’ के मिश्रण से हुई है. इसके उत्सव में घरों के द्वारों व मंदिरों पर लक्ष प्रकाश की श्रंखलाओं को because प्रज्वलित किया जाता है. गृहस्थ चाहे वह सुदूर हिमालय का हो या फिर समुद्र तट पर मछलियाँ पकड़ने वाला हो, सौदा सुलफ का इंतमजात करते हैं तो गृहवधुएं घरों की विथिकाओं और दालानों को अपने धर्म व परंम्परा के अनुसार सुंदर आलेपनों व आम्रवल्लिकाओं से सुसज्जित किया करती हैं. पहाडी़ घरों के ओबरे जहाँ उड़द की दाल के भूडो़ं से महक उठते हैं तो वहीं राजस्थानी रसोड़े में मूंगडे़ का हलवा, सांगरे की सब्जी व प्याज की कचौड़ी परोसने की तैया...
उत्तराखंड गौरव पुरस्कार की शुरुआत 9 नवंबर से, उत्तराखंड महोत्सव के रूप में आयोजित होगा राज्य स्थापना दिवस

उत्तराखंड गौरव पुरस्कार की शुरुआत 9 नवंबर से, उत्तराखंड महोत्सव के रूप में आयोजित होगा राज्य स्थापना दिवस

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में बताया कि राज्य स्थापना दिवस को उत्तराखंड महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा. एक सप्ताह तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव के दौरान राजधानी से because लेकर न्याय पंचायत स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड गौरव पुरस्कार प्रदान किये जाने की भी बात कही, जिसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिष्ठित लोगों को पुरस्कृत किये जाने की व्यवस्था की जाए. ज्योतिष उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रमों की संख्या नहीं, गुणवत्ता एवं गरिमा पर ध्यान देने की बात कही. मुख्यमंत्री ने वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों से जनपदों में because आयोजित हाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि सभी अधिकारी प्रधान...
राज्यपाल ने किया ललित शौर्य की पुस्तक का विमोचन

राज्यपाल ने किया ललित शौर्य की पुस्तक का विमोचन

पिथौरागढ़
हिमांतर ब्यूरो, पिथौरागढ़महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने युवा साहित्यकार ललित शौर्य की पुस्तक द मैजिकल ग्लब्ज का विमोचन किया. कार्यक्रम लोक निर्माण विभाग के अतिथि आवास गृह में आयोजित किया गया. because शौर्य की पुस्तक का विमोचन करते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि ललित शौर्य बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं. युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में लगानी चाहिए. अच्छा बाल साहित्य आज की आवश्यकता है. बाल साहित्य से बच्चों के भीतर मानवीय गुणों का समावेश होता चला जाता है. बच्चा कहानियां पढ़ते-पढ़ते संस्कारों का पाठ भी सीख जाता है. ललित शौर्य नई पीढ़ी को अच्छी सौगात दे रहे हैं. विज्ञान लेखन चुनौतीपूर्ण है. लेकिन वह इस कार्य को बखूबी कर रहे हैं.ज्योतिष पुस्तक के लेखक ललित शौर्य ने बताया कि यह पुस्तक उनकी हिंदी में लिखी जादुई दस्ताने का अंग्रेजी रूपांतरण है. जिसका अनुवाद ...
विजय प्रताप सिंह ने सफलता पूर्वक संपन्न किया हिमालय से हिन्द महासागर साइकिल अभियान

विजय प्रताप सिंह ने सफलता पूर्वक संपन्न किया हिमालय से हिन्द महासागर साइकिल अभियान

देहरादून
जे पी मैठाणी, देहरादूनउत्तराखंड की राजधानी से 8 अक्टूबर 2021 को आरम्भ हुआ साहसिक साइकिल अभियान 26 अक्टूबर 2021 को भारत के अंतिम छोर कन्याकुमारी में समाप्त हुआ। कुल 19 दिन के इस अभियान में विजय प्रताप सिंह ने 3027 किलोमीटर की दुरी तय की जिसमे 201 घंटे की साइकिलिंग शामिल है। एडवेंथ्रिल के संस्थापक विजय प्रताप सिंह जो की उत्तराखंड में विगत 5 वर्षो से साहसिक खेलो तथा पर्यटन को काफी बढ़ावा दे रहे हैं ने बताया की इस अभियान का उद्देश्य पुरे देश के युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपनी सेवाओं से अवगत करना था जिसमे फिटनेस तथा साहसिक खेलो का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है।विजय प्रताप सिंह ने कहा की इस सोलो साइकिल अभियान में उन्होंने बहुत ही कठिनायों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया और अंत में शाबित किया क्यों साहसिक खेल हमारी ज़िंदगी में महत्वपूर्ण हैं। विजय प्रताप सिंह जिन्होंने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ...
सदियों पुरानी परम्परा है दीपावली उत्सव मनाने की 

सदियों पुरानी परम्परा है दीपावली उत्सव मनाने की 

लोक पर्व-त्योहार
दीपावली पर विशेषडॉ. विभा खरे जी-9, सूर्यपुरम्, नन्दनपुरा, झाँसी-284003 दीपावली का उत्सव कब से मनाया जाता है? इस प्रश्न का कोई निश्चित उत्तर पौराणिक और ऐतिहासिक ग्रंथों में नहीं मिलता हैं, लेकिन अनादि काल से भारत में कार्तिक because मास की अमावस्या के दिन दीपावली के उत्सव को मनाने की परम्परा हैं. कई पुरा-कथाएँ, जो नीचे उल्लिखित हैं, इस उत्सव को मनाने की पुरातन परम्परा पर प्रकाश डालती हैं, जिनसे विदित होता हैं कि सत्य-युग से इस उत्सव को मनाने का प्रचलन रहा हैं.भगवान विष्णु द्वारा बलि पर विजय दैत्यों को पराजित करने के उद्देश्य से वामन रूपधारी भगवान विष्णु ने जब दैत्यराज बलि से सम्पूर्ण धरती लेकर उसे पाताल लोक जाने को विवश किया तथा उसे वर माँगने के लिये कहा, तब दैत्यराज बलि ने भगवान विष्णु से वर माँगा कि प्रतिवर्ष धरती पर उसका राज्य तीन दिनों तक रहे तथा देवी लक्ष्मी उसके साथ हो, जि...