Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
पर्यावरण संरक्षण : ग्रीन आर्मी देव भूमि उत्तराखंड के स्वयंसेवकों द्वारा पौध रोपण

पर्यावरण संरक्षण : ग्रीन आर्मी देव भूमि उत्तराखंड के स्वयंसेवकों द्वारा पौध रोपण

पौड़ी गढ़वाल
अगर पशु पक्षी और मानव को बचाना है तो सभी ने अपने जीवन में पेड़ जरूर लगाना है महत्त्वता बहुत है पौधे की देती है ये जीवन शक्ति जीवन सफल तभी बनाओगे जब पर्यावरण बचाओगे विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2023) के उपलक्ष में ग्रीन आर्मी देव भूमि उत्तराखंड के स्वयंसेवकों द्वारा पर्यावरण संरक्षण  हेतु  एक दिवसीय कार्यक्रम आकृति गौ सेवा संस्थान मोटाढाक तल्ला कोटद्वार में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अंतर्गत अंतर्गत विभिन्न प्रजातियों के पौधे जिसमें आंवला, अमलतास, जामुन अमरूद आदि के पौधे रोपित किए गए. आज एक दिवसीय कार्यक्रम में असहाय पशुओं की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाली आकृति गौ सेवा संस्थान की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा ज़ख्मोला जी  द्वारा अपना अमूल्य सहयोग प्रदान किया गया .ग्रीन आर्मी देवभूमि के अध्यक्ष शिवम् नेगी द्वारा बताया गया कि प्रकृति से ही मनुष्य और पशु जुड़े हुए हैं अपनी प्रकृ...
हेमकुंड साहिब : जून के महीने में भी आठ फीट बर्फ के आगोश में समाया गुरुद्वारा

हेमकुंड साहिब : जून के महीने में भी आठ फीट बर्फ के आगोश में समाया गुरुद्वारा

चमोली
उत्तराखंड में सोमवार रात बारिश और बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है.  गुरुद्वारा परिसर स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर अभी करीब आठ फीट बर्फ के आगोश में है.  हेमकुंड साहिब में भी इतनी ही बर्फ जमी है.  हेमकुंड सरोवर भी बर्फ से ढका है. पिछले 13 साल में हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण मंदिर में जून माह में इतनी बर्फ देखने को मिल रही है. हेमकुंड साहिब मार्ग से बर्फ हटाए जाने के बाद तीर्थयात्रा सुचारु हो गई है. सोमवार को करीब 2200 तीर्थयात्रियों ने हेमकुंड साहिब के दर्शन किए. जबकि 300 बच्चे और बुजुर्ग तीर्थयात्री घांघरिया में ही रोके गए थे. सुबह नौ से दस बजे तक ही तीर्थयात्रियों को हेमकुंड साहिब जाने की अनुमति दी जा रही है. बता दें कि हेमकुंड साहिब में प्रतिदिन सुबह नौ बजे, दोपहर में साढ़े बारह बजे और अपराह्न ढाई बजे अरदास की जाती है. रविवार को ग्लेशियर खिसकने की घटना के बाद से अब अपराह्न ढाई बजे की अरदास को फिल...
गाय हमारी सनातन सभ्यता, संस्कृति और जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा है : मुख्यमंत्री

गाय हमारी सनातन सभ्यता, संस्कृति और जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा है : मुख्यमंत्री

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडीचोपड़धार, चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी). मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चोपड़धार कटखाण, चिन्यालीसौड, उत्तरकाशी स्थित नागराज मंदिर में भगवान नागराज प्रकट दिवस के अवसर पर  आयोजित आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक मेले "गौ महोत्सव" कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस अवसर पर उन्होंने नागराज मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली एवं तरक्की कि कामना की. उन्होंने मंदिर परिसर में कथावाचक स्वामी गोपाल मणि जी महाराज की कथा में सम्मलित होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागराज मंदिर में  पैदल एवं सड़क मार्ग को शीघ्र विकसित किए जाने का भरोसा दिलाया. उन्होंने अन्य स्थानीय समस्याओं पर भी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया.मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने गोपाल मणि महाराज को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूज्य संत गोपाल मणि महार...
पर्यावरण ही जीवन का स्रोत है

पर्यावरण ही जीवन का स्रोत है

पर्यावरण
विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र  हमारा पर्यावरण पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश इन पंच महाभूतों या तत्वों से निर्मित है. आरम्भ में मनुष्य इनके प्रचंड प्रभाव को देख चकित थे. ऐसे में यदि इनमें देवत्व के दर्शन की परम्परा चल पड़ी तो कोई अजूबा नहीं है. आज भी भारतीय समाज में यह एक स्वीकृत मान्यता के रूप में आज भी प्रचलित है. अग्नि, सूर्य, चंद्र, आकाश, पृथ्वी, और वायु आदि ईश्वर के ‘प्रत्यक्ष’ तनु या शरीर कहे गए है. अनेकानेक देवी देवताओं की संकल्पना प्रकृति के उपादानों से की जाती रही है जो आज भी प्रचलित है. शिव पशुपति और पार्थिव हैं तो गणेश गजानन हैं. सीता जी पृथ्वी माता से निकली हैं. द्रौपदी यज्ञ की अग्नि से उपजी ‘याज्ञसेनी’ हैं. वैसे भी पर्यावरण का हर पहलू हमारे लिए उपयोगी है और जीवन को सम्भव बनाता है. वनस्पतियाँ हर तरह से लाभकर और जीवनदायी हैं. वृक्ष वायु-संचार के मुख्य आ...
क्रीम पौडरा गीत की सफलता के बाद चित्रगीत ‘मास्टर जी’ का लोकार्पण

क्रीम पौडरा गीत की सफलता के बाद चित्रगीत ‘मास्टर जी’ का लोकार्पण

उत्तरकाशी
शहीद हमीर सिंह पोखरियाल राजकीय इंटर कॉलेज श्रीकालखाल उत्तरकाशी में उत्तराखंडी चित्रगीत "मास्टर जी" का लोकार्पण मसक़बीन यूट्यूब पर किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अभिनेत्री कलाकार श्वेता महारा, निर्माता कमल जोशी, निर्देशक सोहन चौहान, अभिनेता कलाकार मुकेश शर्मा घनसाला, सुरक्षा रावत, उद्घोषिका राखी धनाई एवं बाल कलाकार आलोक असवाल, नैतिक असवाल, आरुषि, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण उपस्थित थे. शिक्षक और छात्रों के बीच संवाद का ताना-बाना लिए यह गीत उत्तराखंड की प्रसिद्ध मसकबीन स्टूडियो द्वारा तैयार किया गया है. इससे पूर्व सुपरहिट गीत क्रीम पौडरा, स्याळि रामदेई, हे मधु एवं ढाई हाथे धमेली आदि गीतों का निर्माण इन्हीं के द्वारा किया गया है. "मास्टर जी" गीत- सुनील कुमार व प्रेम बिष्ट, स्वर- किशन महिपाल,आदित्य सिंह, वीडियोग्राफी व एडिटिंग- क्रिएटिव बुड़बक टीम, मेकअप- क्रिस्टी नेगी, सह ...
मंदिरों में दर्शन के समय मर्यादित कपड़े पहने: अजेंद्र अजय

मंदिरों में दर्शन के समय मर्यादित कपड़े पहने: अजेंद्र अजय

चमोली
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि प्रत्येक धार्मिक स्थल की अपनी परंपरा और मर्यादा होती है. उसी के अनुरूप वहां मर्यादित आचरण करना चाहिए और मर्यादित वस्त्र पहनकर आना चाहिए. अजेंद्र अजय ने यह बात महानिर्वाणी अखाड़े के एक बयान से जुड़े प्रश्न पर कही. अजेंद्र ने कहा कि प्रत्येक धार्मिक स्थल की अपनी मान्यताएं और मर्यादाएं होती हैं. उसी माहौल के अनुरूप आचरण और वेशभूषा होनी चाहिए. पर्यटन और धार्मिक यात्रा के फर्क को समझना होगा.  स्वाभाविक रूप से यदि आप धार्मिक स्थल की यात्रा पर जा रहे हैं तो आपकी वेशभूषा मर्यादित होनी चाहिए. यह उन धार्मिक स्थलों के लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ा विषय है, जहां आप यात्रा पर जा रहे हैं. धार्मिक स्थलों की मान्यता से छेड़छाड़ करने का किसी को भी अधिकार नहीं है. मर्यादित आचरण, व्यवहार और वस्त्र पहनकर ही वहां जाना चाहिए....
आगाज फेडरेशन ने आज तक बनाए 2000 सीड बम!

आगाज फेडरेशन ने आज तक बनाए 2000 सीड बम!

चमोली
विश्व पर्यावरण दिवस का आगाज करते हुए आगाज फेडरेशन  पीपलकोटी के  साथियों द्वारा आज  तक 2000  सीड बम -या सीड बाल बनाये गए हैं! इन सीड बम को आगामी बरसात में भूस्खलन वाले क्षेत्रों, नए बन रही सडकों के मलबे के ढेरों पर फेंका और रोपित  किया जाएगा. यही नहीं संस्था द्वारा डाबर के सहयोग से इस माह 60 हजार - सुगंधबाला की पौध  और 4000 पोल्य्बैग वाले क्विराल या कचनार तथा जनपद में पहली बार गरम इलाकों के लिए 2000 कुटज के पौधे कल 5 जून से निशुल्क दिए जा रहे हैं.इस कार्य में  आगाज के  साथियों - श्रीमती रेवती देवी, सरस्वती देवी  कुमारी अंजलि, आयुष और आगाज के कोऑर्डिनेटर जयदीप किशोर, उत्तराखंड बांस एवं रेशा विकास परिषद् के आशीष सती, मास्टर ट्रेनर प्रदीप कुमार  और अलकनंदा स्वायत्त सहकारिता की सचिव श्रीमती भुवना पंवार और भंगोला  कंपनी के अखिलेश कुमार और कुलदीप नेगी  प्रयास रत हैं! सीड बम बनाने का काम पीपलक...
हिमालय की एक परंपरा का जाना है पर्यावरणविद विश्वेश्वर दत्त सकलानी का अवसान

हिमालय की एक परंपरा का जाना है पर्यावरणविद विश्वेश्वर दत्त सकलानी का अवसान

संस्मरण, स्मृति-शेष
'वृक्ष मानव' विश्वेश्वर दत्त सकलानी जी की जयंती (2 जून, 1922 ) पर सादर नमनचारु तिवारीप्रकृति को आत्मसात करने वाले वयोवृद्ध पर्यावरणविद विश्वेश्वर दत्त सकलानी का अवसान हिमालय की एक परंपरा का जाना है. उन्हें कई सदर्भों, कई अर्थों, कई सरोकारों के साथ जानने की जरूरत है. पिछले दिनों जब उनकी मृत्यु हुई तो सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा के समाचार माध्यमों ने उन्हें प्रमुखता के साथ प्रकाशित-प्रसारित किया. इससे पहले शायद ही उनके बारे में इतनी जानकारी लेने की कोशिश किसी ने की हो. सरकार के नुमांइदे भी अपनी तरह से उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुये. मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल तक ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया. जैसे भी हो यह एक तरह से ‘वृक्ष मानव’ की एक परंपरा को जानने का उपक्रम है जिसे कई बार, कई कारणों से भुलाया जाता है. 96 वर्ष की उम्र में (18 जनवरी, 2019) उन्होंने अपने गांव सकलाना पट्टी ...
15 जून तक बढ़ाई गई राष्ट्रीय स्टार्ट-अप पुरस्कार 2023 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 

15 जून तक बढ़ाई गई राष्ट्रीय स्टार्ट-अप पुरस्कार 2023 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 

देहरादून
राष्ट्रीय स्टार्ट-अप पुरस्कार 2023 आवेदन की समय-सीमा बढ़ाए जाने से इच्छुक उद्यमियों और सक्षमकर्ताओं को अपने नवाचारी समाधान और ठोस सामाजिक प्रभाव को दिखाने का अतिरिक्त समय मिलेगा. राष्ट्रीय स्टार्ट-अप पुरस्कार 2023 देश के सभी कोनों के नवाचारों का उत्सव होगा. ‘विजन इंडिया@2047’ के विजन के साथ जुड़ा होगा, जो प्रमुख विषयों में अमृत काल की भावना से प्रेरित विकसित अर्थव्यवस्था में भारत के परिवर्तन मार्ग को रेखांकित करता है. डीपीआईआईटी प्रत्येक श्रेणी में एक विजेता स्टार्ट-अप को 10 लाख रूपये का नकद पुरस्कार देगा. इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्टार्ट-अप पुरस्कार 2023 के विजेताओं तथा फाइनल में पहुंचने वालों को विशेष सहयोग समर्थन प्राप्त होगा, जिसमें निवेशकों तथा सरकारी नेटवर्क तक पहुंच, मेंटरशिप कार्यक्रम, अंतर्राष्ट्रीय बाजार एक्सपोजर, कॉरपोरेट तथा यूनिकॉर्न के साथ कनेक्शन तथा विभिन्न अन्य मूल्यवान संस...
अब पोर्टल के माध्यम से होंगे विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में प्रवेश

अब पोर्टल के माध्यम से होंगे विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में प्रवेश

देहरादून
उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षा प्रवेश पोर्टल का हुआ शुभारंभ उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय देहरादून में उत्तराखंड राज्य के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए एकीकृत समर्थ पोर्टल के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा प्रवेश पोर्टल का शुभारंभ किया. उल्लेखनीय है कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा प्रवेश पोर्टल के शुभारंभ से एक प्रदेश- एक प्रवेश की संकल्पना के साथ संपूर्ण राज्य में उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हेतु एक मंच प्रदान किया गया है. जिसके अंतर्गत विद्यार्थी उत्तराखंड राज्य के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में प्रवेश हेतु समर्थ पोर्टल में आवेदन कर सकते है. राज्य में अवस्थित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश एवं अन्य व्यवस्थाओं में एकरूपता लाए जाने तथा राज्य विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध शासकीय अनुदानित एवं निजी ...