Tag: उत्तराखंड सरकार

चारधाम यात्रा 2026: उत्तराखंड सरकार की ऐतिहासिक पहल, यात्रा होगी पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त

चारधाम यात्रा 2026: उत्तराखंड सरकार की ऐतिहासिक पहल, यात्रा होगी पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनचारधाम यात्रा 2026 को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बार की यात्रा को पूरी तरह सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शहरी विकास, पर्यटन और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए सीएम धामी ने कहा कि यात्रा मार्ग पर ड्रोन के जरिए कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।कड़े निर्देश और सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री ने साफ किया कि:कूड़ा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी “मनी बैक” प्लास्टिक योजना पूरे प्रदेश में लागू होगी हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य होगा ...
उत्तराखंड: आखिर कौन जिम्मेदार है इस आग के लिए…

उत्तराखंड: आखिर कौन जिम्मेदार है इस आग के लिए…

देहरादून
जंगल में उपजी आग अधिकांशतः मानवजनित होती है!सुनीता भट्ट पैन्यूलीक्या पहाड़ों पर कभी अब न पकेगा काफल चिड़िया नहीं चखेंगी हिस्सर भूखी रह जायेगी क्या कोयलिया. जंगल जब सुलग रहे हों आओ हम सब जल बन जायें. सड़क जो गांव से शहर को चली आओ उसी सड़क पर चल वापस लौट आयें अपने घर. प्रकृति से हम मांगते हैं हरियाली जल, हवा  हमने स्वयं क्या प्रयास किया सोचिये सोचिये. भारत में वनों के सांस्कृतिक व धार्मिक महत्त्व का आंकलन इसी आधार पर किया जा सकता है कि पेड़ हमारी सभ्यताओं से लेकर आज तक हमारे संस्कारों में पूजे जाते हैं इन्हीं जंगलों के आश्रय स्थल में हमारी सभ्यताओं ने सामाजिक उन्नयन की ओर कूच किया.अथार्त वनों के सानिध्य और मार्गदर्शन में भारतीय सभ्यता और संस्कृति का उद्भव और विकास हुआ है. कहना ग़लत न होगा कि पृथ्वी पर जीवन के लिए जंगलों का विस्तार और उपस्थिति अपरिहार्य है ताकि हमें स्व...
संकट में है आज विश्वमैत्री का प्रतीक हिमालय पुष्प ‘ब्रह्मकमल’

संकट में है आज विश्वमैत्री का प्रतीक हिमालय पुष्प ‘ब्रह्मकमल’

समसामयिक
2 अगस्त विश्वमैत्री दिवस पर विशेषडॉ. मोहन चन्द तिवारीआज 2अगस्त प्रथम रविवार के दिन को अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर मैं विश्वमैत्री का संदेश देने वाले संजीवनी तुल्य हिमालय के दुर्लभ पुष्प ‘ब्रह्मकमल’ के सम्बंध में सभी पर्यावरण प्रेमी मित्रों को बताना चाहता हूं कि खलजनों की मित्रता के समान भारतराष्ट्र की अस्मिता का प्रतीक यह उत्तराखंड का राज्यपुष्प 'ब्रह्मकमल’ आज संकट के दौर में है. ‘ब्रह्मकमल’ ऊँचाई वाले क्षेत्रों का एक दुर्लभ पुष्प है जो कि सिर्फ हिमालय,उत्तरी बर्मा और दक्षिण-पश्चिम चीन में पाया जाता है.वनस्पति विज्ञान की दृष्टि से ‘ब्रह्मकमल’ एस्टेरेसी कुल का पौधा है. इसका वैज्ञानिक वानस्पतिक नाम ‘सोसेरिया ओबोवेलाटा’ Saussurea obvallata है.सामान्य तौर पर ‘ब्रह्मकमल’ हिमालय की पहाड़ी ढलानों या 3000-5000 मीटर की ऊँचाई में पाया जाता है. वर्त...