
- हिमांतर ब्यूरो, देहरादून
चारधाम यात्रा 2026 को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बार की यात्रा को पूरी तरह सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शहरी विकास, पर्यटन और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए सीएम धामी ने कहा कि यात्रा मार्ग पर ड्रोन के जरिए कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।
कड़े निर्देश और सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि:
- कूड़ा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी
- “मनी बैक” प्लास्टिक योजना पूरे प्रदेश में लागू होगी
- हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य होगा
- प्लास्टिक बोतलों को हतोत्साहित करने के लिए वाटर एटीएम और RO प्लांट लगाए जाएंगे
मजबूत सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन
यात्रा मार्ग के 30 नगर निकायों को सशक्त किया गया है। सफाई व्यवस्था के लिए:
- बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्र तैनात
- 37 MRF सेंटर
- 299 कम्पोस्ट पिट
- 38 प्लास्टिक कम्पैक्टर/बेलिंग मशीनें
- 266 कचरा परिवहन वाहन
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं
- 74 मोबाइल शौचालय इकाइयां
- महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगों के लिए अलग सुविधाएं
- 28,395 कमरे और 67,278 बिस्तरों की व्यवस्था
- 19,604 स्ट्रीट लाइटें
- बड़े स्तर पर पार्किंग व्यवस्था
तकनीक आधारित पारदर्शी यात्रा प्रबंधन
यात्रा को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए:
- QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम
- क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT)
- डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम
बायोमास से ऊर्जा: अनोखा प्रयोग
घोड़े-खच्चरों की लीद और पिरूल से बायोमास पैलेट तैयार कर ऊर्जा उत्पादन किया जाएगा। इससे कचरे का समाधान और जंगल की आग की समस्या दोनों में राहत मिलेगी।
केदारनाथ में 24 घंटे गर्म पानी की सुविधा
पहली बार केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को 24 घंटे मुफ्त गर्म पानी मिलेगा। यह सुविधा बायोमास आधारित गीजर से दी जाएगी, जो GMVN केदारनाथ और लिंचोली में लगाए जाएंगे।
जनभागीदारी से बनेगा अभियान सफल
इस अभियान में एनसीसी, स्वयंसेवी संस्थाएं, महिला मंगल दल और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
निष्कर्ष
यह पहल नरेंद्र मोदी के “स्वच्छ भारत” और सतत विकास के विजन से प्रेरित है। लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा को पूरी तरह स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाए।
