दिल्ली-एनसीआर

न्यू इंडिया में स्वदेशी को जीवंत करता हथकरघा

न्यू इंडिया में स्वदेशी को जीवंत करता हथकरघा

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वीरेंद्र दत्त सेमवालस्वदेशी की संकल्पना के साथ आत्मनिर्भर भारत में स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर अपने कारीगरों को सशक्त और स्वावलंबी बनाने के देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्प को निरंतर सिद्धि प्राप्त हो रही है. नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में नौवें हथकरघा दिवस समारोह का साक्षी बनने का सौभाग्य मिला. माननीय प्रधानमंत्री जी के साथ केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल जी,श्री नारायण राणे जी और श्रीमती जरदौश सहित कई शीर्ष अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे. देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से लगभग तीन हजार से अधिक कारीगरों,बुनकरों और हथकरघा क्षेत्र से जुड़े कर्मवीरों की प्रदर्शनी का निरीक्षण कर प्रधानसेवक श्री  मोदी ने कई शिल्पकारों और  बुनकरों को सम्मानित किया . देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति मैदान में आयोजित कार्यक्रम राष्ट्रीय हथकरघा ...
अध्यात्म, शौर्य, साहस और कर्तव्यपालन देवभूमि की पहचान : कृपा शंकर

अध्यात्म, शौर्य, साहस और कर्तव्यपालन देवभूमि की पहचान : कृपा शंकर

दिल्ली-एनसीआर
नई दिल्ली : देवभूमि उत्तराखंड अपने अध्यात्म, शौर्य, साहस और कर्तव्यपालन के लिए भारत में ही नहीं दुनियाभर में प्रसिद्ध है. चारधामों सहित यहां अनेकों दिव्य सिद्धपीठ हैं जो आत्मिक शांति के केंद्र हैं. देशरक्षा हेतु सीमाओं पर डटे सैनिक वीरता के पर्याय हैं तो आज भी घर और बाहर दोनों जगह पुरुषार्थ में लगी माता-बहनें शक्ति का स्रोत हैं. यह सब सात्त्विक गुण इस पावन भूमि को विरासत में मिले हैं. इसी का प्रभाव है कि आज भी देवभूमि की प्रतिभाशाली संतानें प्रत्येक क्षेत्र में अपनी महत्ता और विश्वसनीयता प्रमाणित कर रही हैं. स्वतंत्रता सेनानी श्रीदेव सुमन जैसे इतिहास पुरुष के पराक्रम को विद्यालयी पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए ताकि हमारी नई पीढ़ी अपने महान पूर्वजों के यश से परिचित हो सके. ये विचार गढ़वाल भवन, झंडेवालान नई दिल्ली में अमर शहीद श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर आयोजित  कार्यक्रम में वरेण्...
पंतनगर जनवाणी : ‘दादी मां का बटुआ’ कार्यक्रम  को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

पंतनगर जनवाणी : ‘दादी मां का बटुआ’ कार्यक्रम को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

दिल्ली-एनसीआर
राष्ट्रीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली में आयोजित सामुदायिक रेडियो (community radio) सम्मेलन में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा निदेशक संचार डा. जे.पी. जायसवाल को यह पुरस्कार प्रदान किया गया. विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो पंतनगर जनवाणी के कार्यक्रम दादी मां का बटुआ को प्रोमोटिंग लोकल कल्चर अवार्ड के तहत 9वें राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो पुरस्कार (तृतीय) से सम्मानित किया गया. यह सम्मान राष्ट्रीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली में आयोजित सामुदायिक रेडियो सम्मेलन में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा निदेशक संचार डा. जे.पी. जायसवाल को प्रदान किया गया. दादी मां का बटुआ कार्यक्रम अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डा. शिवेन्द्र कश्यप के नेतृत्व में पंतनगर जनवाणी की टीम द्वारा तैयार किया गया था. इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के स्थानीय लोगों के बीच जड़ी बुटियों की महत्ता और शनैः श...
लोकरंग सांस्कृतिक कार्यशाला का शुभारंभ

लोकरंग सांस्कृतिक कार्यशाला का शुभारंभ

दिल्ली-एनसीआर
"लोकरंग सांस्कृतिक व साहित्यिक उत्थान समिति", शालीमार गार्डन, साहिबाबाद, गाजियाबाद के तत्वावधान में आयोजित लोकरंग सांस्कृतिक कार्यशाला का शुभारंभ आज रविवार 9 जुलाई, में सेंट एंड्रयूज पब्लिक स्कूल, सी-ब्लाॅक, शालीमार गार्डन में क्षेत्र की पूर्व पार्षद व समाज सेवी श्रीमती सुनीता रावत रेड्डी जी के द्वारा किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा उत्तराखण्ड के पारम्परिक शकुनाखर (मांगल गीत) के साथ हुआ.शकुनाखर को उमा पाण्डेय, नीमा अकोलिआ, मधु बहुखंडी व गायत्री घुघत्याल ने अपने स्वरों मे पिरोया.आगामी तीन माह तक चलने वाली यह सांस्कृतिक कार्यशाला प्रत्येक रविवार आयोजित की जाएगी जहां कलाकारों को उत्तराखण्ड के लोक कला, लोक नृत्य-संगीत, लोक भाषा, लोक कथा व लोक नाट्य की बारिकियां विभिन्न कला विशेषज्ञों द्वारा सीखायी जाएंगी. मुख्य अतिथि श्रीमती सुनीता रावत रेड्डी ने आयोजक टीम की सराहना करते...
दुदबोलि पत्रिका का लोकार्पण एवं ऋषिबल्लभ सुंदरियाल व मथुरादत्त मठपाल की याद में संगोष्ठी आयोजित

दुदबोलि पत्रिका का लोकार्पण एवं ऋषिबल्लभ सुंदरियाल व मथुरादत्त मठपाल की याद में संगोष्ठी आयोजित

दिल्ली-एनसीआर
सी एम पपनैं संगोष्ठी के प्रथम सत्र में मंचासीन रमेश घिन्डियाल, महेश चंद्रा, दिनेश मोहन घिन्डियाल, कुसुम कन्डवाल भट्ट व रोहित सुंदरियाल प्रबुद्ध वक्ताओं द्वारा गढ़वाली बोली-भाषा में ऋषिबल्लभ सुंदरियाल के कृतित्व व व्यक्तित्व पर सारगर्भित प्रकाश डाल कर व्यक्त किया गया, ऋषिबल्लभ सुंदरियाल छोटी उम्र में ही एक प्रखर वक्ता, कुशल रणनीतिकार व सशक्त विचारधारा के बल राष्ट्रीय पहचान बनाने में सफल रहे। उनके विचारों व जन के प्रति अपार निष्ठा व भावना को देख प्रभावित हुए बिना नहीं रहा जा सकता था। उन्होंने अपने आदर्शो को आगे रख, अपनी पूरी जिंदगी हिमालय बचाओ, हिमालय बसाओ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दाव पर लगा कर रखी। हिमालय बचाओ आंदोलन में उनकी सक्रियता व उनके सामाजिक योगदान ने जनमानस के मध्य अमिट छाप छोडी थी। 1974 मे उनकी मृत्यु पर जन द्वारा शंखा व्यक्त की गई थी। जनभावना रही उनको मारा गया था। आयोजन के इस अव...
अमर प्रेमकथा राजुला मालुशाही पर आधारित नाटक ‘सुनपत शौके की च्येली’ का मंचन

अमर प्रेमकथा राजुला मालुशाही पर आधारित नाटक ‘सुनपत शौके की च्येली’ का मंचन

दिल्ली-एनसीआर
'गढवाली कुमाऊनी जौनसारी अकादमी' दिल्ली सरकार के तत्वावधान मे 'मस्ती की पाठशाला' नाटक कार्यशाला का आयोजन 22 मई से 22 जून के बीच दिल्ली के विभिन्न स्कूलों मे किया गया. कार्यशाला मे तैयार नाटकों का मंचन 19 से 22 जून के मध्य दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में किया गया. इसी श्रंखला मे लेखिका एंव नाट्य कर्मी मीना पाण्डेय द्वारा निर्देशित नाटक "सुनपत शौके की च्येली"' को दर्शकों व कला विशेषज्ञों की विशेष सराहना मिली. नाटक का सह निर्देशन लोक कलाकार भुवन गोस्वामी ने किया. गिरीश बिष्ट 'हँसमुख' की इस कहानी का नाट्य रूपान्तरण भी मीना पाण्डेय द्वारा किया गया. यह कहानी कुमाऊँ की सुप्रसिद्ध लोक कथा 'राजुला मालुशाही' की प्रेमगाथा पर आधारित है, जिसे इस नाटक के माध्यम से एक नया रचनात्मक विस्तार देने की कोशिश की गई है.मीना पाण्डेय ने बताया- "एक लोक कथा जिसका प्रचलित संस्करण लेखक की कहानी से अलग है उसके नाट्य...
बैसाखी बिखोत पर राष्ट्र गौरव सम्मान समारोह

बैसाखी बिखोत पर राष्ट्र गौरव सम्मान समारोह

दिल्ली-एनसीआर
नई दिल्ली : ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और पर्वतीय लोकविकास समिति द्वारा बैसाखी, विखोत,बिहू और पुलंथू पर्व के अवसर पर नई दिल्ली के प्रेस क्लब में  राष्ट्रगौरव सम्मान अर्पण समारोह का आयोजन किया गया. समारोह का विषय प्रवर्तन करते हुए  अतिविशिष्ट अतिथि नागरी लिपि परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री और ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पदाधिकारी डॉ.हरि सिंह पाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिकता हमारी राष्ट्रीय एकता की पहचान है. हमारे पर्व त्योहार अलग नामों से जाने जाते हैं लेकिन इनके पीछे सोच कहीं न कहीं परंपरा और प्रकृति से जुड़ती दिखती है. वरिष्ठ पत्रकार और पर्वतीय लोकविकास समिति के उपाध्यक्ष सुनील नेगी ने कहा कि समिति प्रतिवर्ष विखोत पर्व पर विशेष आयोजन करती है,इस बार लोकभाषा संरक्षण और लोकपर्वों की मान्यता पर फोकस है. पहाड़ की विडंबना ये है कि दिल्ली की सरकार तक ने यहां गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनस...
उत्तराखंडी बच्चे अब दिल्ली में सीखेंगे लोक वाद्य और नाटक!

उत्तराखंडी बच्चे अब दिल्ली में सीखेंगे लोक वाद्य और नाटक!

दिल्ली-एनसीआर
गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी भाषाओं के साथ इस बार नाटक और लोकगीत की विद्या भी सिखाई जायेगी – डॉ. विनोद बछेती बच्चों के पास मातृभाषा में सुनने और बोलने के अवसर तो रहते हैं, पर सुनने-सुनाने के लिए शैक्षिक सामग्री का अभाव रहता है. यदि बच्चे की मातृभाषा को प्रारम्भिक स्तर पर उसकी शिक्षण प्रक्रिया में शामिल किया जाये तो वह तेजी से सीखता है. मातृभाषा में सीखना और सिखाना बच्चे के लिए कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण होता है. मां अपनी भाषा में जो सिखाती है उसे बच्चा आसानी से खुशी-खुशी सीखता है. अपने परिवार समाज से बच्चा बहुत कुछ ज्ञान सहजता और सरलता से अर्जित करता है जिसका माध्यम मौखिक मातृभाषा ही होती है. उत्तराखंड लोक भाषा साहित्य मंच लगातार बच्चों को लोक भाषाएं सिखाने का काम कर रहा है. उत्तराखंड लोक भाषा साहित्य मंच ने पिछले वर्ष उत्तराखंड की लोक भाषाएं सीखने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित कि...
पर्वतीय लोकविकास समिति का 19वां स्थापना दिवस और पत्रकार डॉ.वेदप्रताप वैदिक की स्मृति सभा

पर्वतीय लोकविकास समिति का 19वां स्थापना दिवस और पत्रकार डॉ.वेदप्रताप वैदिक की स्मृति सभा

दिल्ली-एनसीआर
Himantar Webdeskनई दिल्ली के प्रेस क्लब में पर्वतीय लोकविकास समिति ने अपने 19 वें स्थापना दिवस समारोह में शीर्ष पत्रकार, हिन्दी भाषा के योद्धा और अपने संरक्षक प्रो.वेदप्रताप वैदिक की स्मृति में एक चर्चा गोष्ठी आयोजित की जिनमें वैदिक जी से जुड़े बुद्धिजीवियों और उनके साथ कार्य करने वाले वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने जीवंत स्मरण प्रस्तुत कर वैदिक जी की हिन्दी सेवा और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान का स्मरण किया. स्मृतिसभा में उपस्थित लोगों ने डॉ.वेदप्रताप वैदिक के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तो आचार्य महावीर नैनवाल ने शांतिपाठ किया. स्मृति सभा का विषय प्रवर्तन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार और पर्वतीय लोकविकास समिति के राष्ट्रीय संयोजक सूर्य प्रकाश सेमवाल ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पीएचडी के शोध प्रबंध को हिंदी में न केवल लिखना बल्कि एक राष्ट्रीय बहस के बाद उसे स्व...
विश्व पुस्तक मेला: आंखों देखी, हकीकत और अफसाना… 

विश्व पुस्तक मेला: आंखों देखी, हकीकत और अफसाना… 

दिल्ली-एनसीआर
ललित फुलारा इस बार विश्व पुस्तक मेले में सबसे अधिक धार्मिक साहित्य बिका है, चाहे कोई प्रकाशक कुछ भी दावा कर ले. हिन्दी का बड़े से बड़ा प्रकाशक, उतनी भीड़ नहीं जुटा पाया, जितना बिना प्रचार के गीता प्रेस गोरखपुर की स्टॉल पर जुटी रही. नई हिन्दी के नाम पर 'हिंद युग्म' ने सेलिब्रिटी लेखकों को बुलाकर युवाओं को लुभाने की अच्छी कोशिश की, पर यह बात सही है कि इस प्रकाशक के पास नॉन-सीरियस  पाठकों की ही भीड़ रही, चाहे भौकाल कुछ भी हो. प्रबुद्ध लेखकों के कदम उधर एक बार भी नहीं पड़े. हिन्दी के नाम पर अभिनेता मानव कौल को घंटों बैठाकर युवाओं के बीच कुछ प्रतियां तो बेची जा सकती हैं, पर हिन्दी के परिपक्व पाठकों के बीच वो विश्वसनीयता हासिल नहीं की जा सकती जो राजकमल, वाणी, पेंगुइन, प्रभात, यश, सेतु एवं कुछ अन्य प्रकाशकों के पास है. बुक फेयर में कुछ ऐसे लेखकों के पास कॉलेज के विद्यार्थियों की भीड़ रही, जिन्...