समसामयिक

थानो के जंगल को बचाने के लिए एकजुट हुए दूनघाटी के लोग

थानो के जंगल को बचाने के लिए एकजुट हुए दूनघाटी के लोग

समसामयिक
पर्यावरण बचाओ संदेशों के साथ घर—घर से युवा स्वयं अपनी तख्तियां बनाकर आए थेहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदेहरादून जौलीग्रांट के हवाई अड्डे के because विस्तार प्रक्रिया के दौरान थानो के रिजर्व वन क्षेत्र से लगभग 10 हजार पेड़ काटे जाएंगे. उत्तराखंड सरकार की मंशा यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की है. जबकि राज्य में पूर्व से ही गौचर, पिथौरागढ़, पंतनगर के अलावा चिन्यालीसौड़ में हवाई प​ट्टियां हैं, इनमें से पिथौरागढ़ की हवाई पट्टी को मध्यम आकार के विमानों के लिए सही नहीं माना गया है. क्योंकि इसमें कुछ तकनीकी खामियां बताई गई थी.देहरादूनइनसे इतर, उत्तराखंड की सरकार थानो वन because क्षेत्र की तरफ हवाई अड्डे का विस्तार करना चाहती है. इसके लिए सरकार ने पहले ही अनापत्ति दे दी है. लगभग 217 एकड़ की वन भूमि जिस पर 10 हजारे से अधिक हरे वृक्ष हैं, उस भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है...
आखिर रंग लायी आयुष चिकित्सकों की मुहिम

आखिर रंग लायी आयुष चिकित्सकों की मुहिम

समसामयिक
उत्तराखंड सरकार द्वारा एक दिन की वेतन कटौती समाप्त होने से आयुष चिकित्सकों एवं कर्मचारियों में खुशी का माहौलहिमांतर ब्‍यूरोराजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा because संघ उत्तराखंड (पंजीकृत) के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ० डी० सी० पसबोला ने उत्तराखंड सरकार द्वारा एक दिन की वेतन कटौती​ वापिस लिए जाने पर राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है.रसोई डॉ० पसबोला ने बताया कि पहले सरकार केवल एलोपैथिक चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की वेतन कटौती वापिस लेने because पर विचार कर रही थी, जिससे कि आयुष चिकित्सक एवं कर्मचारी सरकार की इस भेदभावपूर्ण नीति के कारण आक्रोशित हो गए थे एवं सभी जगह इस पक्षपातपूर्ण​ निर्णय का विरोध होने लगा. आयुष चिकित्सकों because द्वारा विभिन्न प्रिंन्ट, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से इस प्रकरण को जोर शोर उठाया गया और सरकार पर चौतरफा दबाव ...
गांधी जी के स्वतंत्र भारत की स्त्री

गांधी जी के स्वतंत्र भारत की स्त्री

समसामयिक
सुनीता भट्ट पैन्यूलीगांधी जी का जीवन-दर्शन आश्रय स्थल है उन जीवन मूल्यों और विचारों का जहां श्रम है,सादगी है सदाचार है, आत्मसम्मान है, सत्य है, अहिंसा है, दया है, उन्नयन है अस्तित्व का, प्राचीनता में नवीनता है, स्वप्न हैं, स्वाधीनता है, स्वराज है, रोजगार है. गांधी जी के विचार व दृष्टिकोण आधुनिक व उन्नतशील भारत की क्रांति की वह मुहिम है because जिसका बेहद अहम हिस्सा स्त्री है जो महात्मा गांधी के सुधार और परिवर्तन और विकास जैसे विचारों के सरोकार में महत्त्वपूर्ण केंद्र रही है.सामान्यतः महात्मा गांधी धार्मिक, सांस्कृतिक समाज so और स्वदेशी परंपरा के उदार समर्थक हैं किंतु जहां समाज में स्त्रियों की स्थिती और उसकी उन्नति का प्रश्न है वहां गांधी जी ने बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में स्त्रियों के संदर्भ में जो दृष्टव्य और आधुनिक विचार अपने भीतर विकसित किये वह आज की इस अत्याधुनिक इक्क...
वर्तमान परिदृश्य पर गांधी जी की आर्थिक दृष्टि

वर्तमान परिदृश्य पर गांधी जी की आर्थिक दृष्टि

समसामयिक
151वीं गांधी जयंती पर विशेष प्रो. गिरीश्वर मिश्रआज पूरे संसार में एक विकटbecause वैश्विक आपदा के चलते उदयोग और व्यवसाय की दुनिया के सारे कारोबार और समीकरण अस्त-व्यस्त होते जा रहे हैं. विकसित हों या अविकसित सभी तरह के देशों अर्थ व्यवस्था चरमरा रही है और उनकी रफ़्तार ढीली पड़ती जा रही है. ऐसे में यह प्रश्न सहज में उठता है कि आधुनिकता की परियोजना के तहत विश्वास जतलाते हुए प्रगति और विकास की जो राह चुनी गई थी वह किस सीमा तक सही थी या कि उसकी राह पर आगे भी चले चलना कितना ठीक होगा. बड़े पैमाने पर थोक भाव से उत्पादन और स्वचालित यंत्रों की सहायता से मानव श्रम के मूल्य का पुनर्निर्धारण हुआ और सामाजिक ताने बाने की तस्बीर ही बदलती गई .आज वैश्विक आर्थिक संस्थाओं के तंत्र butजाल ने विकास का एक ढांचा, एक मान दंड तय किया और उसी के इर्द-गिर्द और कमोबेश उसी के अनुरूप आगे बढ़ते रहने के लक्ष्य तय ...
गांधी चिंतन ने ‘भारतराष्ट्र’ को सांस्कृतिक पहचान दी

गांधी चिंतन ने ‘भारतराष्ट्र’ को सांस्कृतिक पहचान दी

समसामयिक
151वीं गांधी जयंती पर विशेष  डॉ. मोहन चंद तिवारी आज 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 151वीं जयंती becauseपूरे देश में राष्ट्रीय गौरव और स्वाभिमान की भावना से मनाई जा रही है. मोहनदास कर्मचंद गांधी 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर, गुजरात में पैदा हुए थे. भारत के स्वतंत्रता संग्राम में गांधी जी अमूल्य योगदान और अहिंसा के प्रति उनकी गहन आस्था के कारण उन्हें कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश के अलग-अलग प्रान्तों में अत्यंत श्रद्धा और देशभक्ति की भावना से याद किया जाता है.  विश्व को सत्य और अहिंसा का सबसे ताकतवर हथियार देने वाले महात्मा गांधी का चिंतन और जीवन दर्शन न केवल भारत के लिए अपितु पूरी दुनिया के लिए आज भी प्रासंगिक हैं. गहनबीसवीं शताब्दी की दो महत्त्वपूर्ण घटनाएं मानी जाती हैं. उनमें से एक घटना है परमाणु बम के प्रयोग द्वारा मानव सभ्यता के विनाश का प्रयास और दूसरी घटना है गांधी ज...
मोहनदास करमचंद गाँधी को बापू और महात्मा गाँधी बनाने वाली ‘बा’ कहाँ

मोहनदास करमचंद गाँधी को बापू और महात्मा गाँधी बनाने वाली ‘बा’ कहाँ

समसामयिक
151वीं गांधी जयंती पर विशेषप्रकाश उप्रेतीनैतिक शिक्षा की किताब के पीछे दुबली-पतली, आधी झुकी हुई काया, बदन पर धोती लपेटे,  हाथ में लाठी वाली तस्वीर से जब पहली बार सामना हुआ तो हैड मास्टर साहब ने becauseबताया की ये महात्मा गाँधी अर्थात बापू हैं. यह तस्वीर और स्मृति ही बड़े-होने के साथ बड़ी होती गई.परंतु इनमें कहीं भी ‘बा’ (कस्तूरबा) नहीं थीं. बापू को लेकर बचपन से ही जो समझ बनी उसमें कहीं बा नहीं थीं. जबकि मोहनदास करमचंद गाँधी को बापू और महात्मा गाँधी बनाने में ‘बा’ की बड़ी भूमिका थी. इस बात को स्वयं बापू ने भी बहुत बार स्वीकार किया.संध्या भराड़े अपनी किताब  ‘बा’ में लिखती हैं कि जॉन एस॰ हाइलैंड से बापू ने एक बार कहा, ‘मैंने बा से अहिंसा का पहला सबक सीखा.नैतिक एक ओर तो वह मेरे विवेकहीन आदर्शों का दृढ़ता से विरोध करतीं, दूसरी so ओर मेरे अविचार से जो तकलीफ उन्हें होती उसे चुपचाप सह ल...
चारधाम परियोजना पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते चारधाम घाटियों के लोग

चारधाम परियोजना पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते चारधाम घाटियों के लोग

समसामयिक
एकजुट राज्य चारधाम हाई पावर कमेटी ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर खुशी जताईहिमांतर ब्‍यूरोएकजुट राज्य चारधाम हाई पावर कमेटी एवं उत्तराखंड की आम जनता, विशेषकर प्रांत के ग्रामीण निवासी और चारधाम परियोजना सड़क चौड़ीकरण के पर्यावरणीय और सामाजिक सरोकारों को लेकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 8 सितम्बर, 2020 के इस विषय में आए निर्णय का स्वागत करते हैं. परियोजना के अन्तर्गत प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई रोड ट्रांसपोर्ट so अपने खुद के 5.5 मीटर सड़क के पैमाने को ताक पर रख कर 12मीटर (डबल लेंन पेव शोल्डर) के मानक पर तूल देते हुए जिस तरह अंधाधुन पहाड़ खोद रहे थे, उस पर न्यायलय द्वारा रोक लगाते हुए, MoRTH के खुद के मानक को स्वीकारने का और सही मानक के आधार पर पहाड़ काटने का फैसला बहुत सराहनीय है.ज्ञात ज्ञात हो कि केंद्र व राज्य सरकार पहाडी मानकों के विपरीत अपने मनमाने तरीके से इस परि...
माता सुंदरी कॉलेज में संकाय संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन

माता सुंदरी कॉलेज में संकाय संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन

समसामयिक
15 सितंबर  को होगा  ‘सूचना एवं संप्रेषण तकनीक (ICT) आधारित ई-शिक्षण और ई-अधिगम का नव परिप्रेक्ष्य: डिजिटल शिक्षाशास्त्र’ का आयोजन हिमांतर ब्यूरोमाता सुंदरी कॉलेज और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पंडित मदनमोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक एवं शिक्षण मिशन, शिक्षक अध्ययन केंद्र, रामानुज कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान but में आगामी 15 सितंबर से ‘सूचना एवं संप्रेषण तकनीक (ICT) आधारित ई-शिक्षण और ई-अधिगम का नव परिप्रेक्ष्य: डिजिटल शिक्षाशास्त्र’ विषय पर द्विसाप्ताहिक संकाय संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. डिजिटल दरअसल कोविड-19 वैश्विक महामारी ने पारंपरिक भारतीय शिक्षा-व्यवस्था को काफी प्रभावित किया है. महामारी के चलते शिक्षण-व्यवस्था में काफी बदलाव हुए हैं और शिक्षा व्यवस्था ने डिजिटल शिक्षण पद्धति को अपनाया है. डिजिटल शिक्षण पद्धति का उपयोग इलेक्ट्रोनिक प्रौद्योगिकी शिक्षण और शिक्...
सोनू सूद ने साझा तो बियर ग्रिल्स ने सराहया राजेश के बनाए पोस्टर

सोनू सूद ने साझा तो बियर ग्रिल्स ने सराहया राजेश के बनाए पोस्टर

समसामयिक
हिमांतर डेस्‍कऋषिकेश के प्रसिद्ध चित्रकार राजेश चन्द्र ने कोरोना काल के महानायक सुपरस्टार सोनू सूद का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें समर्पित एक पोस्टर बना के उन्हें ट्वीट किया, जिसे सोनू सूद ने खुद 2 बार पसन्द कर शेयर किया है. पोस्टर ट्विट होते ही वायरल हो चुका है और सोशल मीडिया में लोग उसे खूब शेयर कर रहे है. राजेश ने ट्वीट करते हुए लिखा कि “सोनू सर मैंने अपनी माता जी को आपके बारे में बताया है कि किस तरह से आप इस समय आमजन की मुसीबतो में मदद कर रहे हैं. आप एक मसीहा से कम नही हैं. ईश्वर हर माँ को आप जैसा बेटा दे.” आपने अपने कर्मों से दिखा दिया कि क्यों मानव को ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति कहा जाता है. राजेश ने बताया कि सोनू सर के पोस्टर शेयर करने पर वह बहुत खुश हैं क्योंकि जब कोई व्यक्ति नि:स्‍वार्थ भाव से समाज की सेवा करता है तो उन्हें यह बताना बहुत जरूरी होता है कि लोग उनसे कितना प्यार करते...
यूसर्क द्वारा एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार

यूसर्क द्वारा एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार

समसामयिक
हिमांतर ब्‍योरोउत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) एवं अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के संयुक्त तत्वाधान में “Psychological Well-being among Youth” विषय पर एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन गया. अन्तर्राष्ट्रीय वेबीनार के मुख्य अतिथि प्रो. एन. के. जोशी, कुलपति, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल ने अपने सम्बोधन में वेबिनार के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया एवं वर्तमान में काविड-19 से युवाओं पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव के बारे में विस्तार से समझाया एवं विषय को समय की आवश्यकता बताया. वेबिनार के संरक्षक एम्स के निदेशक पदमश्री प्रो. रविकान्त एवं यूसर्क के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत के द्वारा सभी विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का स्वागत एवं आभार प्रकट किया गया. वेबिनार में यूनाइटेड किंगडम के प्रख्यात सलाहकार एवं मनोचिकत्सक डॉ. मोहन चावला के द्वारा मानसिक स्वास्थ्...