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सूख न जाएं कहीं पहाड़ों के प्राकृतिक जलस्रोत : नौल व धार

सूख न जाएं कहीं पहाड़ों के प्राकृतिक जलस्रोत : नौल व धार

जल-विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय जल दिवस पर विशेष चन्द्रशेखर तिवारी उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक जलस्रोत नौल तथा ’धार्’ अथवा ’मंगरा’ के रुप में मिलते हैं। यहां के गांवो में नौल का सामाजिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपर्ण स्थान रहा है। यहां के कई नौल अत्यंत प्राचीन हैं। इतिहासविदों के अनुसार उत्तराखंड के कुमांऊ अंचल में स्थित अधिकांश नौल मध्यकाल से अठारहवीं शती ई. के बने हुए हैं। चम्पावत के समीप एक हथिया ’नौल्’, बालेश्वर का नौल, गणनाथ का उदिया नौल, पाटिया का स्यूनराकोट नौल तथा गंगोलीहाट का जाह्नवी नौल सहित कई अन्य नौलअपनी स्थापत्य कला के लिए आज भी प्रसिद्ध हैं। कहा जाता है कि कभी अल्मोड़ा नगर में एक समय 300 से अधिक ’नौल’ थे, जिनका उपयोग नगरवासियों द्वारा शुद्ध पेयजल के लिए किया जाता था। कुमाऊं अंचल के कई गांवों अथवा मुहल्लों का नामकरण ’नौल’ व ’धार्’ के नाम पर मिलता है यथा- पनुवानौल्...
क्या असमान वार्मिंग से हो रहा है वसंत का अंत? 

क्या असमान वार्मिंग से हो रहा है वसंत का अंत? 

पर्यावरण
क्लाइमेट सेंट्रल के एक नए विश्लेषण से भारत के सर्दियों के तापमान में एक चिंताजनक प्रवृत्ति का पता चलता है. जहां एक ओर पूरे देश में सर्दियाँ तो पहले से गर्म हो रही हैं, वहीं तापमान बढ़ने की दर, क्षेत्र, और महीने की बात करें तो उसमें एक जैसी प्रवृत्ति नहीं. इस असमान वार्मिंग पैटर्न के कारण भारत के कुछ हिस्सों में वसंत का मौसम कम दिनों में सिमट रहा है.  ग्लोबल वार्मिंग का भारत पर प्रभाव  यह अध्ययन साल 1970-2023 की अवधि पर केंद्रित था. इसमें पाया गया कि ग्लोबल वार्मिंग, जो मुख्य रूप से फोस्सिल फ्यूल जलाने से बढ़ते कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन से प्रेरित है, ने भारत के सर्दियों के मौसम (दिसंबर-फरवरी) को काफी प्रभावित किया है. विश्लेषण किए गए प्रत्येक क्षेत्र में 1970 के बाद से सर्दियों के तापमान में शुद्ध वृद्धि देखी गई. हालाँकि, वार्मिंग की भयावहता काफी भिन्न थी.  पूर्वोत्तर भारत तेजी से गर्म हो...
उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर ‘देवभूमि’ नाटक का सफल मंचन

उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर ‘देवभूमि’ नाटक का सफल मंचन

कला-रंगमंच
हिमांतर ब्यूरोनई दिल्ली। राष्ट्रीय व वैश्विक फलक पर तथा ओलम्पिक थिएटर तक का सफर तय कर चुकी वर्ष 1968 में स्थापित सांस्कृतिक संस्था पर्वतीय कला केन्द्र दिल्ली द्वारा 18 मार्च 2024 को मंडी हाउस स्थिति एल टी जी सभागार नई दिल्ली में उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर चंद्र मोहन पपनै द्वारा लिखित हिंदी नाटक 'देवभूमि' का प्रभावशाली मंचन खचाखच भरे सभागार में सुमन वैद्य के कुशल निर्देशन में मंचित किया गया।उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर गीत, संगीत, नृत्य व संवाद आधारित मंचित किए गए 'देवभूमि' नामक हिंदी नाटक का कथासार उत्तराखंड के आध्यात्म, जनजीवन, वीरता की मिशाल, पर्यावरण, महिलाओं के कठिन परिश्रम तथा ग्रामीणों की अंचल की परंपराओं के प्रति निष्ठा व विश्वास, रोजगार व उद्योगों के अभाव, व्याप्त विकृतियों व उनके समाधान से परिपूर्ण था। मंचित नाटक रंगमंच की हर विधा से ओतप्रोत, अति प्रभावशाली व उच्च स्तरीय था। ख...
डॉ. हरीश रौतेला बनें सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख

डॉ. हरीश रौतेला बनें सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख

देश—विदेश
डॉ. हरीश रौतेला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक रहे हैं और अब उन्हें सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख बनाया गया है. वह अपनी सरलता, सौम्यता और सादगी के लिए लोकप्रिय है. डॉ हरीश रौतेला का मानना है कि वर्तमान युग पढ़ने का ही नहीं बल्कि शोध का भी युग है. वह कहते हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण का कार्य करता है. व्यक्ति का निर्माण हो गया तो राष्ट्र का निर्माण हो जाएगा. हरीश रौतेला पर्यावरण सुरक्षा और प्रदूषण मुक्त भारत के स्वप्न को साकार करने में जुटे हैं. उनकी शख्सियत चकाचौंध से दूर रहकर अपने कार्य में जुटे रहने वालों की है. उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला को वैश्विक बनाने में भी डॉ. हरीश रौतेला का महत्वपूर्ण योगदान है. उन्हें इस लोकपर्व से बेहद लगाव है और वह चाहते हैं कि हरेला से हर व्यक्ति सीख ले और पर्यावरण का संरक्षण करे. डॉ. हरीश रौतेला हरेला पर वृक्षारोपण करते हैं और लोगों को...
कुमाउनी बैठकी होली: सखि ऐसो चटक रंग डालो…

कुमाउनी बैठकी होली: सखि ऐसो चटक रंग डालो…

दिल्ली-एनसीआर
उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा 'कुमाउनी बैठकी होली' का गाजियाबाद में आयोजन गाजियाबाद के शालीमार गार्डन, साहिबाबाद क्षेत्र में 'कुमाउनी बैठकी होली' का आयोजन हुआ जिसमें दिल्ली एनसीआर के विभिन्न होली गायक शामिल रहे। उत्तराखंड की प्रख्यात 'कुमाउनी बैठकी होली' के इस आयोजन में हारमोनियम पर संगतकर्ता निधि जोशी (लोधी रोड, दिल्ली), चन्द्र शेखर पाण्डेय (वसुंधरा, गाजियाबाद), चन्द्र शेखर जोशी (स्वरूप पार्क, साहिबाबाद), महेश जोशी (द्वारका, दिल्ली), राकेश जोशी (इन्द्रापूरम, गाजियाबाद) व तबले पर संगतकर्ता जीवन कलखुंड़िया (वैशाली, गाजियाबाद), चन्द्रेश पंत (क्रासिंग रिपब्लिक, गाजियाबाद), गिरिजा शंकर जोशी (सोनीपत, हरियाणा), भानू जोशी (नोएडा, उ.प्र.) युवा प्रतिभा रोहित (वसुंधरा, गाजियाबाद) तथा होली गायन के अन्य संगतकर्ता डी.डी. जोशी (वसुंधरा, गाजियाबाद), एल. आर. पंत (इन्द्रापूरम, गाजियाबाद), दीप पं...
जीबीआर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने किया तृतीय सीडीएस जनरल बिपिन रावत मेमोरियल लेक्चर का आयोजन

जीबीआर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने किया तृतीय सीडीएस जनरल बिपिन रावत मेमोरियल लेक्चर का आयोजन

देश—विदेश
नई दिल्ली। जनरल बिपिन रावत की 66वीं जयंती पर दिल्ली में डॉ भीमराव अम्बेडकर सेंटर के समरसता सभागार में जीबीआर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने तृतीय मैमोरियल लेक्चर का आयोजन किया। जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, जीबीआर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं पूर्व वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया, स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की सुपुत्री तारिणी रावत और आजतक के सीनियर एडीटर और वरिष्ठ रक्षा पत्रकार एवं जीबीआर मेमोरियल फ़ाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के सचिव मनजीत नेगी मुख्य वक्ता थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर सभागार में मौजूद सभी लोगों द्वारा सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में तीनों सेनाओं के अधिकारी, रक्षा सुरक्षा से जुड़े लोग एवं जनरल बिपिन रावत को चाहने वाले बड़ी संख्या में लोग ...
धामी कैबिनेट ने दी ‘वन पंचायत संशोधन नियमावली’ को मंजूरी

धामी कैबिनेट ने दी ‘वन पंचायत संशोधन नियमावली’ को मंजूरी

देहरादून
वन पंचायतों को मजबूत और स्वावलम्बी बनाने के लिए ब्रिटिश काल के अधिनियमों में किया गया संशोधन नौ सदस्यीय होगी वन पंचायत, पहली बार निकाय इकाईयों को जोड़ा गया वन पंचायत के वन प्रबंधन से वन पंचायतों में वन विभाग का सीधा दखल होगा खत्म, पंचायत को मिलेंगे वित्तीय प्रबंधन के अधिकार वन पंचायतों को अधिकार देकर सीधे बाजार से जोड़ने की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ऐतिहासिक पहल अधिकार देने के साथ ही वन पंचायत पदाधिकारियों के कर्तव्यों और जवाबदेही भी की गई निर्धारितदेहरादून। उत्तराखण्ड में वन पंचायतों को मजबूत और स्वावलम्बी बनाने के लिए धामी कैबिनेट ने वन पंचायत संशोधन नियमावली को मंजूरी दी है। इसके लिए वन पंचायत के ब्रिटिश काल के अधनियमों में संशोधन किया गया है। नई नियमावली के तहत अब नौ सदस्यीय वन पंचायत का गठन किया जाएगा, जिसके पास जड़ी-बूटी उत्पादन, वृक्ष रोपण, जल संचय, वन अग्नि रोकथाम...
उत्तराखंड : गोपेश्वर में CM धामी का रोड-शो, उमड़ा जन सैलाब

उत्तराखंड : गोपेश्वर में CM धामी का रोड-शो, उमड़ा जन सैलाब

उत्तराखंड हलचल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को एक दिवसीय चमोली दौरे पर गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने गोपेश्वर बस स्टेशन से पुलिस मैदान तक आयोजित विशाल रोड शो में प्रतिभाग किया। इस दौरान रैली में उनके समर्थकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।मुख्यमंत्री के रोड शो में अपार जन सैलाब उमड़ा। जगह जगह भारी संख्या में उनके चाहने वालों की भीड़ देखने को मिली। लोगों ने पुष्प वर्षा करते हुए उनका भव्य स्वागत किया।मुख्यमंत्री धामी ने रोड शो में शामिल सभी लोगों का आभार जताया। इस अवसर पर सीएम के साथ राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, गढवाल सांसद तीरथ सिंह रावत, विधायक अनिल नौटियाल, विधायक भूपाल राम टम्टा सहित बड़ी संख्या स्थानीय लोग मौजूद रहे।...
जनता की अदालत में जा रहा हूं, फैसला भी जनता ही करेगी : गणेश गोदियाल 

जनता की अदालत में जा रहा हूं, फैसला भी जनता ही करेगी : गणेश गोदियाल 

उत्तराखंड हलचल
देहरादून: कांग्रेस ने गणेश गोदियाल को पौड़ी लोकसभा सीट से मैदान में उतारा है। गणेश गोदियाल आज कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। जिस तरह से कार्यकर्ता एकजुट नजर आए। उनका उत्साह बता रहा था कि इस बार आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। गणेश गोदियाल वैसे तो हमेशा से ही सकारात्मक सोच के नेता रहे हैं। लेकिन, टिकट मिलने के बाद पहली बार देहरादून प्रदेश कार्यालय में पहुंचने के बाद उनके हाव-भाव में विश्वास नजर आ रहा था। उनका कहना है कि वो जनता की अदालत में जा रहे हैं। जनता ही तय करेगी कि गणेश गोदियाल उनकी आवाज संसद में मजबूती से उठा सकते हैं या नहीं? उनका कहना है कि फैसला जनता को करना है। चुनाव जनता के मुद्दों पर लड़ा जाएगा। हम पूरी ताकत के साथ चुनावी समर में उतरेंगे। गढ़वाल सीट से लोकसभा प्रत्याशी गणेश गोदियाल का कहना है कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को अब ...
कांग्रेस ने 42 और सीटों पर घोषित किए प्रत्याशी, उत्तराखंड में तीन सीटों पर ऐलान

कांग्रेस ने 42 और सीटों पर घोषित किए प्रत्याशी, उत्तराखंड में तीन सीटों पर ऐलान

उत्तराखंड हलचल
देहरादून: काफी मंथन के बाद आखिरकार कांग्रेस ने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने उत्तराखंड की तीन संसदीय सीट पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। गढ़वाल संसदीय सीट से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, टिहरी सीट से पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला और अल्मोड़ा सीट से पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा को प्रत्याशी बनाया गया है।  ...