Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
जीवन में क्यों आवश्यक है सत्संग…

जीवन में क्यों आवश्यक है सत्संग…

साहित्‍य-संस्कृति
राधा कांत पाण्डेय श्रीमद्भागवत के माहात्म्य में अजामिल प्रसंग का बहुत सुंदर वर्णन किया गया है- अजामिल पूर्व में बड़ा ही शास्त्रज्ञ शीलवान, सदाचारी व सदगुण संपन्न था. किंतु जीवन में सैद्धांतिक निष्ठा के अभाव के कारण वह पथभ्रष्ट और कामवासना के गहरे दलदल में चला गया. जब व्यक्ति के जीवन में विचार,साधना, अध्ययन, अभ्यास और चिंतन का लोप होता है तो प्रायः व्यक्ति की स्थिति अजामिल के जैसी हो जाती है. जीवन पथ पर तनिक भी सावधानी हटी तो दुर्घटना घटने के  योग प्रबल हो जाते हैं. इसीलिए जीवन को साधने के लिए अभ्यास और अनुशासन की आवश्यकता होती है. इंद्रियों का संयम जरूरी होता है. जो  आध्यात्मिक गुरु एवं श्रेष्ठ साधकों की निकटता और आशीष से ही प्राप्त हो सकता है. चूँकि भगवान की माया बहुत प्रबल है उसकी कसौटी पर कोई बिरला ही खरा उतर सकता है. भगवान पहले तो अपने भक्तों की कठिन परीक्षा लेते हैं लेकिन जैसे ही भक...
विचारधारा के कारण एक कलाकार की मौत पर ख़ुशी मनाने, नफ़रत दिखाने वाले ‘बौद्धिक जिहादी’!

विचारधारा के कारण एक कलाकार की मौत पर ख़ुशी मनाने, नफ़रत दिखाने वाले ‘बौद्धिक जिहादी’!

देश—विदेश
ललित फुलाराकरोड़ों लोगों को हंसाने वाले एक कलाकार राजू श्रीवास्तव की मौत के बाद जिस तरह से सोशल मीडिया पर उनकी विचारधारा के कारण नफ़रत फैलाई जा रही है, प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ वाले उनके वीडियोज को साझा कर उनके ख़िलाफ अनगल लिखा जा रहा है, असल मायने में वो इस देश के कथित ज़हरीले वामपंथियों का 'बौद्धिक जिहाद' है. यह बौद्धिक जिहाद व्यक्ति की उपलब्धियों, उसकी कला, पेशे को न देखकर सिर्फ यह देखता है कि वो व्यक्ति आखिर में दक्षिणपंथ की तरफ झुका क्यों? एक कलाकार  ने आख़िर बीजेपी की तारीफ़ क्यों की? वो बीजेपी से क्यों जुड़ा? जब मौत के बाद प्रशंसक अपने पसंदीदा कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को याद कर रहे हैं, उस वक्त यह 'बौद्धिक जिहाद' उनके प्रति सिर्फ इसलिए नफ़रत फैला रहा है कि उन्होंने मोदी की तारीफ़ कर दी या फिर वो बीजेपी में शामिल हो गये थे. राजू श्रीवास्तव की मृत्यु को अभी चंद घंटे भी नहीं बी...
नहीं रहे मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव, कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

नहीं रहे मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव, कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

देश—विदेश
मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव अब इस दुनिया में नहीं रहीं रहे, उनका निधन हो गया. उनको 10 अगस्त को जिम में वर्कआउट दौरान राजू को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती करवाया गया था. पिछले 41 दिन से वे वेंटिलेटर पर मौत से जंग लड़ रहे थे।राजू श्रीवास्तव के मौत की खबर सामने आने के बाद से ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है. हर कोई नम आंखों से अपने हास्य कलाकार को श्रद्धांजलि दे रहा है....
जौनसार-बावर: कीमावणा….

जौनसार-बावर: कीमावणा….

लोक पर्व-त्योहार
डॉ. लीला चौहान “दस्तूर उल अमल एवं वाजिब उल अर्ज 1883 ई0” दो ऐसे पुराने शासकीय दस्तावेज थे जिनका जौनसार-बावर में भूमि सुधार और रीति-रिवाज़ के लिए प्रयोग किया जाता था. यहां के लोग अपने सेवन के लिए सुर (शराब) भी बना सकते थे यह इन्हीं दस्तावेजों का आधार था.जिसमें (लगभग दो लीटर कच्ची शराब) अपने साथ लेकर भी चल सकते थे. इसी रीति रिवाजों को मध्यनजर रखते हुए आज भी एक्साइज़ मैनुअल जौनसार-बावर के 39 खतों में से सिर्फ एक खत व्यास नहरी (कालसी का आस पास का क्षेत्र) में लागू है. व्यास नहरी में इसलिए लागू था क्योंकि यह हमेशा से बाहरी लोगों का गढ़ रहा है यहां से चीन, तिब्बत के लिए व्यापार होता रहा. जौनसार- बावर के अधिकतर क्षेत्र में 20 गत्ते भादों (सितंबर) में कीमवणा (Method of Yeast preparation used for alcohol preparation) त्योहार के रूप मनाया जाता है. मानसून के भादों महीने में जब सारी वनस्पतियाँ हरी भरी...
हैवानियत: सास-ननद ने बहू को गर्म तवे से जलाया

हैवानियत: सास-ननद ने बहू को गर्म तवे से जलाया

देहरादून
देहरादून/टिहरी.  देहरादून जिले के जीवनगढ़ (विकासनगर) का एक हैरान और दिल दहलाने वाला मामले सामने आया है. ऐसा मामला, जिसके बारे में सनुकर हर कोई दंग रह गया. यहां सास ने अपनी बेटी के साथ मिलकर बहू के साथ ऐसा जुल्म किया, जिसके बारे में आप सुनकर भी कांपने लगेंगे. मां ने बेटी की सुसराल पहुंचकर उसे बचाया. टिहरी जिले के जाखणीधार से देहरादून पहुंची मां ने अपनी बेटी को किसी तरह बचा लिया. उनकी बेटी जीवनगढ़ देहरादून में सुसराल है. जहां उसके ससुराल वालों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. पीड़ित महिला 32 साल की प्रीति को उसकी सास सुभद्रा और ननद जया ने गर्म तवे से बुरी तरह जला दिया. इतना ही नहीं बच्चों पर भी ऐसा जुल्म किया. जानकारी के अनुसार प्रीति की मां सरस्वती शनिवार को जब अपनी बेटी के ससुराल जीवनगढ़ पहुंची तो उन्‍हें बेटी से मिलने नहीं दिया गया. उसके बाद वह जबरन घर में घुसीं तो उनकी बेटी बुरी तरह घा...
RSS: जिस युद्धवीर जी को आप नहीं जानते…

RSS: जिस युद्धवीर जी को आप नहीं जानते…

देहरादून
भारत चौहानतन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित हे मातृभू चाहता हूं तुझे और क्या दूं .. आजकल सोशल मीडिया पर लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत के प्रचारक श्री युद्धवीर जी के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए अनेक लोगों को विधानसभा अथवा अन्य संस्थाओं में असंवैधानिक तरीके से नौकरियां लगवाई है. किसी पर आरोप लगाना बेहद आसान काम होता है परंतु जब तक हम किसी संगठन और व्यक्ति के बारे में नहीं जानते हैं तब तक उन पर बेवजह आरोप लगाना उचित नहीं है. श्री युद्धवीर जी उन लोगों में एक है जिन्होंने अपने जीवन को राष्ट्र और समाज हित के लिए समर्पित किया है. उच्च शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विस्तारक से लेकर विभिन्न दायित्व का निर्वहन करते हुए आज वह उत्तराखंड के प्रांत प्रचारक के पद पर आसीन हैं यहां तक पहुंचना बिना म...
नोएडा ट्विन टावर: हम कहाँ जा रहे हैं? 

नोएडा ट्विन टावर: हम कहाँ जा रहे हैं? 

समाज, देश—विदेश
प्रो. गिरीश्वर मिश्र  टीवी पर नोएडा में सुपर टेक के बहुमंज़िले ट्विन टावरों के गिराने और उससे उड़ते धूल-धुआँ के भयावह दृश्य दिखाने के कुछ समय बाद उसके निर्माता का बयान आ रहा था कि उन्होंने सब कुछ बाक़ायदा यानी नियम क़ानून से किया था और हर कदम पर ज़रूरी अनुमति भी ली थी। शायद 800 करोड़ रूपयों की लागत की यह सम्पत्ति थी जिसे सिर्फ़ 10 सेकेंड में जमीदोज कर दिया गया। वहाँ आस-पास रहने वाले  राहत की साँस ले रहे हैं कि सालों से ठहरी धूप और हवा उन तक पहुँच सकेगी। निश्चय ही यह एक क़ाबिले गौर घटना है जो भ्रष्टाचार होने और उस पर लगाम लगाने इन दोनों ही पक्षों पर रोशनी डालती है। टीवी के ऐंकर ने यह भी बताया कि सालों से चलते इस पूरे मामले में काफ़ी बड़ी संख्या में अधिकारी संलिप्त रहे थे पर तीन के निलम्बन के सिवा शेष पर अभी तक कोई कारवाई नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश के मंत्री का बयान था कि जाँच के अनुसार उचि...
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भारत-नेपाल के बीच काली नदी पर मोटर पुल का किया शिलान्यास

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भारत-नेपाल के बीच काली नदी पर मोटर पुल का किया शिलान्यास

देहरादून
धारचूला क्षेत्र के मल्ला छारछुम में भारत-नेपाल राष्ट्र के बीच काली नदी पर  32 करोड़ 98 लाख 40 हजार रुपए की लागत से बनेगा 110 मीटर स्पान डबल लेन मोटर पुल देहरादून. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने धारचूला क्षेत्र के मल्ला छारछुम में भारत-नेपाल राष्ट्र के बीच काली नदी पर  32 करोड़ 98 लाख 40 हजार रुपए की लागत से बन रहे 110 मीटर स्पान डबल लेन मोटर सेतु का शिलान्यास  किया.भारत-नेपाल के बीच आवागमन होगा सुगम, आपसी संबंध होंगे और मजबूत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह सेतु बहुत ही महत्व का सेतु(पुल) है. इस सेतु के बनने से भारत और नेपाल  के बीच आवागमन सुगम होगा, व्यापार बढ़ेगा तथा रोजगार में वृद्धि होगी. उन्होंने कहा कि यह सेतु एक वर्ष के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा. उन्होंने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस पुल का निर्माण गुणव...
इसी सप्ताह जारी होगा भर्ती कैलेंडर : आयोग

इसी सप्ताह जारी होगा भर्ती कैलेंडर : आयोग

देहरादून
देहरादून. अधीनस्त चयन सेवा आयोग पेपर लीक कांड के बाद से लगातार युवाओं की टेंशन भर्तियों को लेकर है. सरकार ने 23 भर्तियों की जिम्मेदारी लोक सेवा आयोग को दी है. आयोग ने भी तैयारियां तेज कर ली है. आयोग के अनुसार इसी सप्ताह भर्तियों कैलेंडर जारी कर दिया जाएगा. भर्तियों से पहले आयोग ने सरकार के पास आयोजन की रूपरेखा को लेकर प्रस्ताव भेजा है, जिसे इसी सप्ताह अनुमति मिलने की उम्मीद है. उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की समूह-ग की 23 भर्तियों के लिए पिछले सप्ताह सरकार ने राज्य लोक सेवा आयोग को अधिकृत किया था. आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने सप्ताहभर में भर्तियों का कैलेंडर जारी करने की घोषणा की थी. इसके तहत आयोग बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है. ग्रीवांस रेडरेसल सेल स्थापित करने के बाद अब आयोग ने राज्य सरकार को परीक्षाओं के आयोजन की चुनाव की तर्ज पर रूपरेखा का प्रस्ताव भेजा है. माना जा रहा है क...
हिमालयन अरोमा: हिमालयी  ग्वैरिल उर्फ कचनार 

हिमालयन अरोमा: हिमालयी  ग्वैरिल उर्फ कचनार 

हिमालयन अरोमा
हिमालयन अरोमा भाग-1मंजू कालाबासंती  दोपहरियों में हिमालय के because आंगन में विचरण करते  हुए  मैं  अक्सर दुपहरी  हवाओं के साथ अठखेलियाँ  करते कचनार के  पुष्पों को निहारती हूँ! जब मधुऋतु का यह मनहर पुष्प पतझड़ में  हिमवंत को सारे पत्ते न्योछावर कर नूतन किसलयों की परवाह किए बगैर वसंतागमन के पूर्व ही खिलखिल हँसने लगता है-  तब मै भी सकुन से अपनी  चेहरे पर घिर आयी शरारती अलकों को संवार कर चाय की चुस्कियां लेने लगती हूँ! ज्योतिष हिमवन में एकबारगी इसका खिलखिलाना किसी को नागवार भले लगे, किंतु यह मनभावन पुष्प अपने कर्तव्य को निभाकर मन को प्रफुल्लित कर ही देता है. दूसरी ओर, अन्य पुष्पों को भी खिलने को प्रेरित करता है. इस प्रकार, सबको प्रमुदित कर अपना अनुसरण करने को मानो बाध्य कर देता है. वसंत के इस संदेशवाहक को सबसे पहले हुलसित देखकर किस   मानुष का  because ह्रदय-कमल नहीं खिल उठता! अपने ...