देहरादून

हैवानियत: सास-ननद ने बहू को गर्म तवे से जलाया

देहरादून/टिहरी.  देहरादून जिले के जीवनगढ़ (विकासनगर) का एक हैरान और दिल दहलाने वाला मामले सामने आया है. ऐसा मामला, जिसके बारे में सनुकर हर कोई दंग रह गया. यहां सास ने अपनी बेटी के साथ मिलकर बहू के साथ ऐसा जुल्म किया, जिसके बारे में आप सुनकर भी कांपने लगेंगे. मां ने बेटी की सुसराल पहुंचकर उसे बचाया.

टिहरी जिले के जाखणीधार से देहरादून पहुंची मां ने अपनी बेटी को किसी तरह बचा लिया. उनकी बेटी जीवनगढ़ देहरादून में सुसराल है. जहां उसके ससुराल वालों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. पीड़ित महिला 32 साल की प्रीति को उसकी सास सुभद्रा और ननद जया ने गर्म तवे से बुरी तरह जला दिया. इतना ही नहीं बच्चों पर भी ऐसा जुल्म किया.

जानकारी के अनुसार प्रीति की मां सरस्वती शनिवार को जब अपनी बेटी के ससुराल जीवनगढ़ पहुंची तो उन्‍हें बेटी से मिलने नहीं दिया गया. उसके बाद वह जबरन घर में घुसीं तो उनकी बेटी बुरी तरह घायल हालत में थी.

इसके बाद वह बेटी को लेकर अपने घर रिंडोल ग्राम जाखणी धार टिहरी गढ़वाल पहुंचीं. सोमवार को जब प्रधान और अन्य ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी. मंगलवार सुबह पीड़िता प्रीति और ग्रामीण एसपी ऑफिस पहुंचे और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ तहरीर दी.

प्रीति की मां सरस्वती ने बताया कि उनकी बेटी को बुरी तरह जलाया गया है. बेटी के तीन बच्चे इसका विरोध करते थे तो बच्चों को भी मारा जाता था. उनकी बेटी के पति अनूप की मानसिक हालत ठीक नहीं है, जिस कारण सास और ननद उनकी बेटी को मारते थे.

SP टिहरी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि नई टिहरी कोतवाली में आरोपी सास और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. जल्द ही दोनों की गिरफ्तारी की जाएगी. महिला का मेडिकल कराने के बाद उसे देहरादून बर्न यूनिट कोरोनेशन रेफर कर दिया गया है.

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  1. मंगल सिंह नेगी says:

    यह घटना इसानियत को शर्मसार कर देने वाली है, पत्ता नही ऐसे लोग किस मिट्टी के बने हैं, यह लोग इंसान नहीं है, ऐसे लोगों को समाज मे जीने का कोई अधिकार नहीं, बिटिया की जो हालात इन लोगो ने किया है, कोई भी इंसान इसकी कल्पना मात्र नहीं कर सकता। मैने पूरी डिक्सनरी ढूढ ली कि ऐसे निर्लज्जों को कौन सा घटिया शब्द लिखूं। लेकिन नहीं मिला। ऐसे निर्लज लोगों को समाज मे रहने का कोई अधिकार नहीं। मेरी प्रशासन से आग्रह हैं, इस तरह की घटना में दोषी को शाक्त सजा मिलनी चाहिए। ताकि आने वाले समय मे किसी के भी साथ ऐसा न हो।

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