Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पहली पुण्यतिथि पर तीनों सेनाओं ने उन्हें याद किया

सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पहली पुण्यतिथि पर तीनों सेनाओं ने उन्हें याद किया

दिल्ली-एनसीआर
एनएसए अजीत डोभाल ने जनरल बिपिन रावत के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘महायोद्धा की महागाथा’ का किया लोकार्पणहिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीआकाश एयर फोर्स मेस, नई दिल्ली (निकट इंडिया गेट) में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि स्वरूप उनके व्यक्तित्व पर आधारित पुस्तक ‘महायोद्धा की महागाथा’ का लोकार्पण हुआ. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एवं विशिष्ट अतिथि वाइस एडमिरल एस एन घोरमडे, एयर मार्शल संदीप सिंह और एयर मार्शल बी आर कृष्णा तथा जनरल रावत की सुपुत्री तारिणी रावत उपस्थित थे. इस अवसर पर श्रीमती मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एल एस लिड्डर, ग्रुप कैप्टेन वरूण सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर पी एस चौहान, स्क्वाडर लीटर कुलदीप सिंह, जेडब्लूओ आर पी दास, जेडब्लूओ प्रदीप, हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, लां...
अनूठी पहल: फ्रांस से उच्च शिक्षा ग्रहण कर नीरज ने ठानी पहाड़ की राह

अनूठी पहल: फ्रांस से उच्च शिक्षा ग्रहण कर नीरज ने ठानी पहाड़ की राह

चम्‍पावत
रिवर्स माइग्रेशन की पेश की मिसाल   चम्पावत के पाटी ब्लॉक में स्थित सुदूर ग्राम करौली निवासी नीरज जोशी ने फ्रांस से उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपनी पैतृक भूमि पर होमस्टे का निर्माण कर गांव में रोजगार के स्रोतों को विकसित कर रिवर्स माइग्रेशन की मिसाल कायम की.  नीरज की प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा गोशन स्कूल नानकमत्ता व जवाहर नवोदय विद्यालय रुद्रपुर एवं उच्च शिक्षा डी०एस०बी० कैंपस नैनीताल (B.Sc.), पंतनगर विश्विद्यालय पंतनगर (M.Sc.) एवं मोंटपेलियर सुपएग्रो फ्रांस (M.S.) से हुई. नीरज ने अधिकांश समय महानगरों की चकाचोंद में बिताने के पश्च्यात, 30 वर्षों से पूर्वजों द्वारा छोड़ी गयी बंजर भूमि को आबाद करने का निर्णय लिया. विगत तीन वर्षों से लगातार विभिन्न विभागों के सहयोग से, वे कृषि सम्बंधित कार्यों का विश्लेषण कर आय के स्रोतों का लाभ ग्रामीणों को साझा कर पहाड़ों से हो रहा पलायन को रोकने का अथक प्रयास कर...
भारतीय महिलाओं का  सामाजिक यथार्थ और चुनौतियाँ 

भारतीय महिलाओं का  सामाजिक यथार्थ और चुनौतियाँ 

साहित्‍य-संस्कृति
प्रो. गिरीश्वर मिश्र  इस तथ्य के बावजूद कि महिलाएं हमारे समाज का एक अभिन्न अंग हैं और कई महिलाएं घर और बाहर विविध जिम्मेदारियों को निभा रही हैं, उनकी स्थिति और अधिकारों को न तो ठीक से समझा जाता है और न ही उन पर ध्यान दिया जाता है. सतही तौर पर, महिलाओं के बारे में बहुत कुछ कहा जाता है, और वादे अक्सर किए जाते हैं. वास्तव में महिलाओं का सम्मान एक पारंपरिक भारतीय आदर्श है और सैद्धांतिक रूप से इसे समाज में व्यापक स्वीकृति भी मिली है. उन्हें 'देवी' कहा जाता है. दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में इनकी पूजा की जाती है और इनकी स्तुति भी धूमधाम से की जाती है. किसी भी शुभ कार्य या अनुष्ठान की शुरुआत गौरी और गणेश की पूजा से होती है. यह सब समृद्धि बढ़ाने और अधिक शक्ति प्राप्त करने की इच्छा को पूरा करने और अधिकतम क्षमता का एहसास करने के लिए किया जाता है. लेकिन आज जिस तरह से महिलाओं के खिलाफ हिंसा ब...
हुनर को मिला मंच और सपनों को लगे पंख

हुनर को मिला मंच और सपनों को लगे पंख

दिल्ली-एनसीआर
सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था सार्थक प्रयास के वार्षिकोत्सव पर बच्चों ने दी प्रस्तुति, 'दृष्टि का हुआ लोकार्पण'हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीसचमुच प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती. यह बात एक बार फिर साधनविहीन बच्चों ने सही साबित की. इन बच्चों को जब मंच मिला तो इन्होंने एक से बढ़कर एक ऐसे कार्यक्रम प्रस्तुत किए कि सभागार में बैठा हर व्यक्ति तारीफ किए बगैर नहीं रह पाया. मौका था सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था ‘ *सार्थक प्रयास’ के 12वें स्थापना दिवस का. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हिन्दी भवन में संस्था के बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं. इस अवसर संस्था की वार्षिक स्मारिका ‘दृष्टि’ का लोकार्पण भी किया गया. इस समारोह में अल्मोड़ा जनपद के चैखुटिया और वसुंधरा के बच्चों ने बहुत उत्साह और आत्मविश्वास से अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया.संस्था के अध्यक्ष उमेश चंद्र पन्त ने बताया...
गीता जयंती: सनातन धर्म का नवनीत है गीता

गीता जयंती: सनातन धर्म का नवनीत है गीता

लोक पर्व-त्योहार
गीता जयंती (3 दिसम्बर) पर विशेषडॉ. मोहन चंद तिवारीमहाभारत की कथा के अनुसार गीता की उत्पत्ति कलियुग से 30 वर्ष पहले कुरुक्षेत्र की धर्मभूमि में भगवान् कृष्ण के श्रीमुख से हुई थी. कौरव और पांडवों के युद्ध के समय अपने स्वधर्म और कर्त्तव्य पथ से विमुख अर्जुन को कुरुक्षेत्र की रणभूमि में भगवान् कृष्ण ने जो ज्ञान दिया था उसे ही गीता का ज्ञान कहा जाता है. इसलिए गीता जंयती के अवसर पर गीता का कालजयी चिंतन सनातन हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले समस्त देशवासियों के लिए आज भी प्रासंगिक है. गीता को हिंदू धर्म के अनुसार सबसे पवित्र ग्रंथ माना जाता है,जिसके 18 अध्यायों में से पहले 6 अध्यायों में कर्मयोग, मध्य के 6 अध्‍यायों में ज्ञानयोग और अंतिम 6 अध्‍यायों में भक्तियोग का उपदेश दिया गया है. सनातन धर्म के नवनीत स्वरूप इस गीताग्रंथ के अठारह अध्यायों में जो संचित ज्ञान है,वह मनुष्यमात्र के लिए आ...
रचना दिवस महोत्सव: त्रिभुवन गिरी व दीप पाण्डेय सहित 6 कलाकार हुए सम्मानित

रचना दिवस महोत्सव: त्रिभुवन गिरी व दीप पाण्डेय सहित 6 कलाकार हुए सम्मानित

दिल्ली-एनसीआर
मोहन उप्रेती लोक संस्कृति कला एवं विज्ञान शोध समिति के तत्वावधान में चल रहे "रचना दिवस महोत्सव" के पाँचवे दिन के कार्यक्रम लोक गायक मोहन उप्रेती जी की स्मृति में आयोजित किए गए. कार्यक्रम लोक संगीत की स्वर लहरियों से सरोबार रहा. कार्यक्रम का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि एडवोकेट शेखर लकचौरा, प्रधानाचार्य शारदा पब्लिक स्कूल विनिता लकचौरा और जाने माने लोक गायक दिवान कनवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. किरन पंत ने वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की, उसमें उपरांत छोलिया कलाकारों ने सुन्दर प्रस्तुति दी. शेखर लकचौरा ने बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम हमारा युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं. विशिष्ट अतिथि दिवान कनवाल ने मोहन उप्रेती के साथ के संस्मरण सुनाते हुए संस्था के द्वारा पिछले 22 वर्षों से चल रहे "रचना दिवस महोत्सव" की सराहना की. इस वर्ष के सम्मान समारोह में "समिति सम्मान...
उत्तरांचल भ्रातृ समिति ने सांस्कृतिक व रंगारंग कार्यक्रम के साथ मनाया 22वां भव्य स्थापना दिवस

उत्तरांचल भ्रातृ समिति ने सांस्कृतिक व रंगारंग कार्यक्रम के साथ मनाया 22वां भव्य स्थापना दिवस

दिल्ली-एनसीआर
सी एम पपनैं  उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखंड समाज के करीब दो सौ बुजुर्गों व बुजुर्ग दम्पत्तियों को उनके द्वारा उत्तराखंड राज्य आंदोलन व भ्रातृ समिति के द्वारा आयोजित अनेकों आयोजनों में उत्तराखंड की लोककला व लोकसंस्कृति के संरक्षण व संवर्धन हेतु दिए गए योगदान हेतु संस्था पदाधिकारियों व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कर कमलों स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया. स्थापना दिवस का श्रीगणेश संस्था पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर व देवेन्द्र कनवाल, हर्षिता रावत, गरिमा पांडे, इशिका जोशी, सुधा जोशी, श्रीनिका बहुखंडी, अभिषि रावत व कनिका रावत द्वारा प्रस्तुत दैणा होया खोली का गणेशा…. श्रीगणेश वंदना गायन से किया गया. स्थापना दिवस के इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन में प्रमुख रूप से भागीदारी करने वाले जनमोर्चा संगठन के सदस्यों को आयोजकों द्वारा मंच पर आ...
गोवा में 53वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का शुभारंभ

गोवा में 53वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का शुभारंभ

देश—विदेश
चिरंजीवी को मिला ‘इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर पुरस्कार’ राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम और एंटरटेनमेंट सोसायटी ऑफ गोवा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस फिल्म फिएस्टा के इस संस्करण में 79 देशों की 280 बेहतरीन फिल्में दिखाई जाएंगी. भारतीय पैनोरमा खंड में प्रविष्टियों की एक विस्तृत श्रृंखला के तहत 25 फीचर और 20 गैर-फीचर फिल्में दिखाई जाएंगी. अनुराग ठाकुर ने विस्तार से बताया, ‘इफ्फी के लिए मेरा विजन केवल एक आयोजन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस बात से भी संबंधित है कि इफ्फी का स्वरूप उस समय क्या होना चाहिए जब अमृत महोत्सव से अमृत काल में प्रवेश करने के बाद भारत अपनी आजादी के 100वें वर्ष का उत्सव मनाएगा! हमारा लक्ष्य क्षेत्रीय फिल्म महोत्सवों का स्तर बढ़ाकर भारत को कंटेंट सृजन, विशेषकर क्षेत्रीय सिनेमा का एक पावरहाउस बनाना है.’ केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण ने कहा, “आईएफएफआई युवा और स्थापित फिल्म ...
माता सुंदरी कॉलेज में 45वें बाणी कीर्तन और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

माता सुंदरी कॉलेज में 45वें बाणी कीर्तन और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

देश—विदेश
माता सुंदरी कॉलेज द्वारा 15-16 नवंबर, 2022 को 45वें बाणी कीर्तन और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. यह दशकों से कॉलेज का एक प्रमुख कार्यक्रम रहा है और इसमें स्कूलों और कॉलेजों से व्यापक भागीदारी देखी गई है. इस साल कॉलेज ने दो साल की महामारी से प्रेरित प्रतिबंधों के बाद इस कार्यक्रम का आयोजन किया. पहला दिन बानी व भाषण प्रतियोगिता का रहा. दोनों आयोजनों में नर्सरी से कॉलेज तक के स्तरों से उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई.दूसरे दिन कीर्तन प्रतियोगिता हुई जिसमें सभी स्तरों पर कई टीमों ने भाग लिया. तीनों आयोजनों में, सभी स्तरों के लगभग 850 छात्रों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रमों में भाग लिया. सामूहिक अस्तित्व की भावना को मनाने के लिए, दिन का समापन लंगर के साथ हुआ जिसका प्रबंधन कॉलेज के छात्रों और संकाय सदस्यों द्वारा किया गया.   समापन समारोह का आयोजन 16 नवंबर 2022 को किया गया. माता सुंदरी कॉलेज...
उत्तराखंड झारखंड छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आयोजन

उत्तराखंड झारखंड छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आयोजन

देश—विदेश
नई दिल्ली.  आज से 22 वर्ष पूर्व देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा बनाए गए तीनों राज्य चाहे  उत्तराखंड हो, झारखंड अथवा छतीशगढ़ केंद्र सरकार की योजनाओं का असर और लाभ  आज सब जगह दिख रहा है,लेकिन इन राज्यों की सरकारों को भी लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए. देवभूमि और चारधाम यात्रा के केंद्र उत्तराखंड में हुए पलायन के बाद योजनाबद्ध तरीके से जमीनों पर अवैध निर्माण की खबरें चिंतित करने वाली हैं, इसलिए प्रवासी लोगों को विशेष अवसरों और उत्सवों पर कम से कम अपने गांव घर को देखने अवश्य जाना चाहिए.ये विचार पर्वतीय लोकविकास समिति, उत्तराखंड विकास एवं सांस्कृतिक समिति और उत्तराखंड महिला कल्याण समिति द्वारा मां नंदा देवी मंदिर परिसर, इंद्रा पार्क, पालम नई दिल्ली में आयोजित  राज्योत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पाञ्चजन्य के संयुक्त संपादक...