Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
इसी सप्ताह जारी होगा भर्ती कैलेंडर : आयोग

इसी सप्ताह जारी होगा भर्ती कैलेंडर : आयोग

देहरादून
देहरादून. अधीनस्त चयन सेवा आयोग पेपर लीक कांड के बाद से लगातार युवाओं की टेंशन भर्तियों को लेकर है. सरकार ने 23 भर्तियों की जिम्मेदारी लोक सेवा आयोग को दी है. आयोग ने भी तैयारियां तेज कर ली है. आयोग के अनुसार इसी सप्ताह भर्तियों कैलेंडर जारी कर दिया जाएगा. भर्तियों से पहले आयोग ने सरकार के पास आयोजन की रूपरेखा को लेकर प्रस्ताव भेजा है, जिसे इसी सप्ताह अनुमति मिलने की उम्मीद है. उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की समूह-ग की 23 भर्तियों के लिए पिछले सप्ताह सरकार ने राज्य लोक सेवा आयोग को अधिकृत किया था. आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने सप्ताहभर में भर्तियों का कैलेंडर जारी करने की घोषणा की थी. इसके तहत आयोग बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है. ग्रीवांस रेडरेसल सेल स्थापित करने के बाद अब आयोग ने राज्य सरकार को परीक्षाओं के आयोजन की चुनाव की तर्ज पर रूपरेखा का प्रस्ताव भेजा है. माना जा रहा है क...
हिमालयन अरोमा: हिमालयी  ग्वैरिल उर्फ कचनार 

हिमालयन अरोमा: हिमालयी  ग्वैरिल उर्फ कचनार 

हिमालयन अरोमा
हिमालयन अरोमा भाग-1मंजू कालाबासंती  दोपहरियों में हिमालय के because आंगन में विचरण करते  हुए  मैं  अक्सर दुपहरी  हवाओं के साथ अठखेलियाँ  करते कचनार के  पुष्पों को निहारती हूँ! जब मधुऋतु का यह मनहर पुष्प पतझड़ में  हिमवंत को सारे पत्ते न्योछावर कर नूतन किसलयों की परवाह किए बगैर वसंतागमन के पूर्व ही खिलखिल हँसने लगता है-  तब मै भी सकुन से अपनी  चेहरे पर घिर आयी शरारती अलकों को संवार कर चाय की चुस्कियां लेने लगती हूँ! ज्योतिष हिमवन में एकबारगी इसका खिलखिलाना किसी को नागवार भले लगे, किंतु यह मनभावन पुष्प अपने कर्तव्य को निभाकर मन को प्रफुल्लित कर ही देता है. दूसरी ओर, अन्य पुष्पों को भी खिलने को प्रेरित करता है. इस प्रकार, सबको प्रमुदित कर अपना अनुसरण करने को मानो बाध्य कर देता है. वसंत के इस संदेशवाहक को सबसे पहले हुलसित देखकर किस   मानुष का  because ह्रदय-कमल नहीं खिल उठता! अपने ...
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर चारों-धामों में कराई गई विशेष पूजा-अर्चना

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर चारों-धामों में कराई गई विशेष पूजा-अर्चना

देहरादून
2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम संकल्पित : मुख्यमंत्री   देहरादून. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से चारों धामों में विशेष पूजा अर्चना के साथ ही हेमकुंड साहिब में विशेष अरदास कराई गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस को पूरे देश में सेवा पखवाड़े के रूप में मनाया जा रहा है. उत्तराखंड में भी इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं  इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी की ओर से प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन पर चारों धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री जी) में विशेष पूजा अर्चना एवं महारुद्राभिषेक कराया गया. श्री हेमकुंड गुरुद्वारा साहिब में भी इस अवसर पर विशेष अरदास का आयोजन हुआ. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रभु से  प्रधानमंत्री जी के सुदीर्घ जीवन, स्वस्थ जीवन और यशस्वी ...
आखिर क्या है “हिमालयन अरोमा”!

आखिर क्या है “हिमालयन अरोमा”!

सेहत
हिमांतर.कॉम (himantar.com) पर ‘हिमालयन अरोमा’ नामक एक पूरी सीरिज जल्द ही…भारत एक विविध देश है because और कई संस्कृतियों, धर्मों और व्यंजनों का घर है. भारत के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध हर व्यंजन एक दूसरे से अलग है और इसकी अलग-अलग विशेषताएं हैं. भारतीय व्यंजनों में से प्रत्येक को वर्षों से सावधानीपूर्वक विकसित किया गया है और रसोइयों के स्थान और इलाके सहित कई कारक भोजन की विशिष्टता और विशिष्टता को दर्शाते हैं.ज्योतिष इसका सबसे अच्छा उदाहरण because 'हिमालयी' व्यंजन है. यदि हम हिमाचल प्रदेश के अत्यंत गंभीर और चरम मौसम को ध्यान में रखते हैं, तो हम समझ सकते हैं कि 'हिमालयी' व्यंजन कितने अलग हैं और कितने खास हैं. यहां सबसे लोकप्रिय लेकिन व्यापक रूप से मनाए जाने वाले 'हिमालयी' व्यंजनों के बारे में कुछ प्रसिद्ध तथ्य हैं.ज्योतिष क्या आपने कभी हिमालयन भोजन का स्वाद चखा है और सोचा है...
पहाड़ी वास्तुशिल्प का चितेरा- वास्तुविद कृष्ण चंद्र कुड़ियाल

पहाड़ी वास्तुशिल्प का चितेरा- वास्तुविद कृष्ण चंद्र कुड़ियाल

अभिनव पहल
 इन्द्र सिंह नेगीउत्तराखंड आध्यात्म एवं स्थापत्य की विशिष्ट शैली के लिए वैश्विक पटल पर जाना जाता है, यहाँ गंगोत्री, यमनोत्री, बद्रीनाथ, केदार नाथ, हनोल सहित अनेक देवालाय है जिसके दर्शनार्थ प्रति वर्ष आध्यात्मिक जगत के लोगों का तांता लगा रहा है जिससे ना केवल लोग अपनी आध्यात्मिक क्षुदा ना केवल शांत करते हैं बल्कि इसके साथ-साथ यहाँ के प्राकृतिक सौन्दर्य से भी आनंदित होतें है. इस पहाड़ी प्रदेश के लोगों की जीविका का आध्यात्मिक-पर्यटन मजबूत आधार हैं जिससे अनेकों लोग जुड़े हुये हैं. यहाँ के देवालय नागर, कत्युरी, हिमान्द्री, नाग/गुर्जर प्रतिहार, हयूण, द्रविड, फास्णा, बलभी, पंचायण, राजस्थानी, दक्षिण भारतीय, केदार नाथ आदि मंदिर स्थापत्य मंदिर शैलियाँ है.टोंस-यमुना घाटी के जनवासों और देवालयों को यहाँ अलग तरह से देखा जा रहा है, इन घाटियों में देवदार की अधिकता के कारण जनवास और देवालयों में पत्थर ...
संकल्प दिवस: हम सब मिलकर लेंगे संकल्प,  उत्तराखंड को नंबर-1 राज्य बनाने का संकल्प होगा साकार

संकल्प दिवस: हम सब मिलकर लेंगे संकल्प,  उत्तराखंड को नंबर-1 राज्य बनाने का संकल्प होगा साकार

देहरादून
युवा नेतृत्व की युवा सोच से उत्तराखंड के विकास को मिली नयी दिशा और गति डॉ. रीमा पन्तदेहरादून. यह हमारा सौभाग्य है कि युवा उत्तराखण्ड का नेतृत्व युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथो में है जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की सहायता से लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने और अनुसन्धान और नवाचार के माध्यम से राज्य को अग्रणी बनाए के लिए कार्यरत हैं. उत्तराखंड राज्य की विकास की आवश्यकताएं हमेशा से ही अपनी विषम भौगोलिक एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों और अनूठी सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत के कारण भिन्न रही हैं. पर्वतीय समुदाय होने के कारण हमारे पास आजीविका, वृद्धि और विकास के सीमित विकल्प हैं. हमें अपने राज्य के सतत और सर्वांगीण विकास के लिए सम्यक वैज्ञानिक दृष्टिकोण, राज्य-विशिष्ट परियोजनाओं और नवाचार आधारित समाधानों की आवश्यकता है. आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के मौके को ह...
जन्मदिन स्पेशल : धामी के नेतृत्व का करिश्मा, प्रगति के पथ पर तेजी से बढ़ता उत्तराखंड 

जन्मदिन स्पेशल : धामी के नेतृत्व का करिश्मा, प्रगति के पथ पर तेजी से बढ़ता उत्तराखंड 

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनउत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री (Chief minister of Uttarakhand) पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) आज 47 साल के हो गए हैं. 16 सितम्बर 1975 को पिथौरागढ़ (Pithoragarh) में जन्मे पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिनकी अगुवाई में पार्टी की लगातार दूसरी बार because सत्ता में वापसी हुई. उत्तराखण्ड अपने इस लोकप्रिय मुख्यमंत्री का जन्मदिवस यानी 16 सितम्बर को संकल्प दिवस के रूप में मानने जा रहा है. संकल्प दिवस इसलिए क्योंकि स्वयं पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को वर्ष 2025 तक देश का अग्रणी राज्य बनाने के विकल्प रहित संकल्प पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं. स्वयं धामी का मानना है कि देवभूमि को सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने की यह यात्रा उनकी अकेली नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की है.ज्योतिषपुष्कर सिंह धामी सैनिक पुत्र हैं. उनके पिता शेर सिंह धामी भारतीय सेना के ...
हिन्दी भारत की आजादी और देश की एकता की प्रतीक

हिन्दी भारत की आजादी और देश की एकता की प्रतीक

देश—विदेश
हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीहिन्दी भाषा भारत के गौरव की प्रतीक भाषा है,देश की आजादी का सबसे बड़ा अस्त्र और हमारे स्वाधीनता सेनानियों की मुखर स्वर रही है. जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश गुलामी के प्रतीकों से मुक्त हो रहा है तो हमें पूर्ण विश्वास है कि हिन्दी भी अपनी संवैधानिक स्थिति और जन स्वीकार्यता की शक्ति से अंग्रेजी का प्रभाव कम कर देगी. मंत्रालयों और सरकारी विभागों में फाइलों पर हिन्दी की टिप्पणियों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए. ये विचार नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सतीश उपाध्याय ने हिन्दी सप्ताह कार्यक्रमों के उद्घाटन के अवसर पर पालिका केंद्र सभागार,नई दिल्ली में व्यक्त किए.समारोह के अतिविशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार और ऋतम डिजिटल नेटवर्क के कंटेंट हेड प्रो.सूर्य प्रकाश सेमवाल ने कहा कि आजादी की लड़ाई में हिन्दी को मुख्य ...
हिंदी राजभाषा दिवस : निज भाषा उन्नति अहै…

हिंदी राजभाषा दिवस : निज भाषा उन्नति अहै…

साहित्‍य-संस्कृति
सुनीता भट्ट पैन्यूली जिस देश को अपनी भाषा और साहित्य के गौरव का अनुभव नहीं है, वह उन्नत नहीं हो सकता..डा०राजेन्द्र प्रसादहिंदी भाषा विश्व की एक प्राचीन ,समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ ही हमारी राज्य भाषा भी है भारत की स्वतंत्रता के बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिंदी की खड़ी बोली ही भारत की because राजभाषा होगी.इस महत्त्वपूर्ण निर्णय के बाद ही हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु राष्ट्र भाषा प्रचार समिति,वर्धा के अनुरोध पर सन् 1953 से संपूर्ण भारत में १४सितंबर को प्रतिवर्ष हिंदी दिवस के रुप में मनाया जाता है.ज्योतिष दरअसल भाषा  की संस्कृति कोई बद्धमूल विषय नहीं, because कालांतर यह गतिमान होती रहनी चाहिए हमारी व्यवहारिकता हमारी बोली हमारे रहन-सहन में. संस्कृति तो यही कहती है जो हमने ग्रहण किया है उसे सतत रूप से प्रभावशील,सहेजा और संरक्षि...
संजीवनी बूटी खोज : पतंजलि आयुर्वेद NIM एवं IMF के संयुक्त ट्रैकिंग दल को मुख्यमंत्री ने किया फ्लैग ऑफ

संजीवनी बूटी खोज : पतंजलि आयुर्वेद NIM एवं IMF के संयुक्त ट्रैकिंग दल को मुख्यमंत्री ने किया फ्लैग ऑफ

उत्तरकाशी
गंगोत्री धाम : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगा की निर्मलता, अविरलता और स्वच्छता को लेकर दिलाई शपथनीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम, उत्तरकाशी में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए रक्तवन ग्लेशियर एवं अन्य तीन पर्वत चोटियों पर आरोहण हेतु जा रहे पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved), निम (Nehru Institute Of Mountaineering (NIM), Uttarkashi) एवं आई.एम.एफ. (IMF) के संयुक्त अभियान दल का फ्लैग ऑफ किया.  इस अवसर पर उन्होंने गंगोत्री धाम में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की एवं मां गंगा का आशीर्वाद लिया. मुख्यमंत्री ने करीब 1 किलोमीटर रक्तवन ग्लेशियर जा रहे दल के साथ ट्रैकिंग भी की. उन्होंने आयोजित कार्यक्रम में मां गंगा की निर्मलता,अविरलता और स्वच्छता को लेकर शपथ दिलाई.मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा की पतंजलि आयुर्वेद,...