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लोक पर्व-त्योहार

हरेला : कोरोना काल में एक दूसरे की मदद को प्रेरित करता त्योहार

सुख समृद्धि की कामना का पर्व हरेला ऋतु खंडूरी विधायक, यमकेश्वर हरेला. यानी हर्याव. सुख समृद्धि की कामना का पर्व. दूसरों को आशीवर्चन देने का पर्व. खिलखिलाने का पर्व. दूसरों को खुश देखकर खुद खुश होने का पर्व. ऐसे ही तो कई संदेश छिपे हैं because उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला में. इसे स्थानीय बोली में
लोक पर्व-त्योहार

बेटा! हरेला बोना कभी नहीं छोड़ना!

आज हरेला है, ईजा की बहुत याद आती है… डॉ. मोहन चंद तिवारी आज श्रावण संक्रांति के दिन हरेले का  त्योहार है. सुबह से ही ईजा (मां) की और कॉलेज की बहुत याद आ रही है.आज मुझे हरेला लगाने के लिए न तो मेरी मां जीवित है because और न ही कॉलेज जाने की कोई […]
लोक पर्व-त्योहार

“इजा मैंले नौणि निकाई, निखाई”

घृत संक्रान्ति 16 अगस्त पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी ‘घृत संक्रान्ति’ के अवसर पर समस्त देशवासियों और खास तौर से उत्तराखण्ड वासियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि कृषिमूलक हरित क्रान्ति से पलायन करके आधुनिक औद्योगिक क्रान्ति के लिए की गई दौड़ ने हमें इस योग्य तो बना दिया है कि हम पहाड़ों […]
लोक पर्व-त्योहार

च्यला! हर्याव बुण कभें झन छोड़िए!

डॉ. मोहन चंद तिवारी आज श्रावण संक्रांति के दिन हरेले का शुभ पर्व है. हमारे घर में नौ दिन पहले आषाढ़ के महीने में बोए गए हरेले को आज प्रातःकाल श्रावण संक्रांति के दिन काटा गया. कल रात हरेले की गुड़ाई की गई  उसे पतेशा भी गया.हरेला पतेशने के कुछ खास मंत्र होते हैं,जो हमें […]
लोक पर्व-त्योहार

हरेला पर्व, अँधेरे समय में विचार जैसा है

प्रकाश उप्रेती पहाड़ों का जीवन अपने संसाधनों पर निर्भर होता है. यह जीवन अपने आस-पास के पेड़, पौधे, जंगल, मिट्टी, झाड़ियाँ और फल-फूल आदि से बनता है. इनकी उपस्थिति में ही जीवन का उत्सव मनाया जाता है. पहाड़ के जीवन में प्रकृति अंतर्निहित होती है. दोनों परस्पर एक- दूसरे में घुले- मिले होते हैं. एक […]
साहित्‍य-संस्कृति

पर्यावरण को समर्पित उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला

अशोक जोशी देवभूमि, तपोभूमि, हिमवंत, जैसे कई  पौराणिक नामों से विख्यात हमारा उत्तराखंड जहां अपनी खूबसूरती, लोक संस्कृति, लोक परंपराओं धार्मिक तीर्थ स्थलों के कारण विश्व भर में प्रसिद्ध है,  तो वहीं यहां के लोक पर्व भी पीछे नहीं, जो इसे ऐतिहासिक दर्जा प्रदान करने में अपनी एक अहम भूमिका रखते हैं. हिमालयी, धार्मिक व […]
साहित्‍य-संस्कृति

हरेला : पहाड़ की लोक संस्कृति और हरित क्रांति का पर्व

डॉ. मोहन चंद तिवारी इस बार हरेला संक्रांति का पर्व उत्तराखंड में 16 जुलाई को मनाया जाएगा.अपनी अपनी रीति के अनुसार नौ या दस दिन पहले बोया हुआ हरेला इस श्रावण मास की संक्रान्ति को काटा जाता है.सबसे पहले हरेला घर के मन्दिरों और गृह द्वारों में चढ़ाया जाता है और फिर  माताएं, दादियां और […]