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बागेश्‍वर लोक पर्व-त्योहार

स्याल्दे बिखौती : कत्युरीकाल की  सांस्कृतिक विरासत का मेला

स्याल्दे बिखौती मेला : 13-14-15 अप्रैल पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी सांस्कृतिक नगरी द्वाराहाट (Dwarahat) में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला स्याल्दे-बिखौती (Syalde Bikhauti Mela) का ऐतिहासिक मेला पिछले दो वर्षों से कोरोना (Corona Virus) प्रकोप के चलते प्रतीकात्मक रूप से ही मनाया जा रहा था. किन्तु
धर्मस्थल

सुखादेवी: शुकवती का उद्गम व सरस्वती का संगम स्थल

कुमाऊं क्षेत्र के उपेक्षित मन्दिर – 4  डॉ. मोहन चंद तिवारी द्वाराहाट में गर्ग आश्रम से निकलने वाली गार्गी नदी गगास के पौराणिक इतिहास के बारे में तो सब जानते हैं किंतु ‘सुखादेवी’ (Sukhadevi) आश्रम से निकलने वाली इस नदी की बड़ी बहिन गुमनाम ‘शुकवती’ के बारे में कोई नहीं जानता. आजकल महावतार बाबा की गुफा […]
धर्मस्थल

द्वाराहाट क्षेत्र का ‘बागेश्वर’ : सदियों से उपेक्षित पांडवकालीन तीर्थ

कुमाऊं क्षेत्र के उपेक्षित मन्दिर-1 डॉ. मोहन चंद तिवारी उत्तराखंड देव संस्कृति का उद्गम स्थल है और वहां के मन्दिरों के स्थापत्य और अद्भुत मूर्तिकला ने भारत के ही नहीं विश्व के कला प्रेमियों को भी अपनी ओर आकर्षित किया है. किंतु पुरातत्त्वविदों और स्थापत्यकला के विशेषज्ञों द्वारा द्वाराहाट,जागेश्वर, because बैजनाथ के मन्दिरों के स्थापत्य […]
धर्मस्थल

फेसबुक सर्वेक्षण : कुमाऊं में मन्या अवशेष…

कुमाऊं में मनिया मंदिर: एक पुनर्विवेचना -3 डॉ. मोहन चंद तिवारी द्वाराहाट के ‘मनिया मंदिर समूह’ के सन्दर्भ में पिछली दो पोस्टों में विस्तार से चर्चा की गई है.किंतु मन्याओं के बारे में इतिहास और पुरातत्त्व के विद्वानों द्वारा कोई खास जानकारी नहीं दी गई है. because इसी सन्दर्भ में फेसबुक के माध्यम से कुमाऊं […]
धर्मस्थल

द्वाराहाट, सुरेग्वेल और जालली क्षेत्र की मन्याओं का इतिहास

कुमाऊं में मनिया मंदिर : एक पुनर्विवेचना-2 डॉ. मोहन चंद तिवारी द्वाराहाट के ऐतिहासिक स्थलों से सम्बंधित शोध योजना के अंतर्गत मैंने वर्ष 2017 के 30 मई से 3 जून, की अवधि में सुरेग्वेल  और जालली के मंदिर और वहां स्थित विलुप्त ‘मन्याओं’ का सर्वेक्षण किया, तो इस क्षेत्र के मन्या मंदिरों के बारे में […]
धर्मस्थल

द्वाराहाट के ‘मन्या’ मंदिर : एक पुनर्विवेचना

डॉ. मोहन चंद तिवारी बीस-पच्चीस वर्ष पूर्व जब मैं अपनी पुस्तक ‘द्रोणगिरि:इतिहास और संस्कृति’ के लिए द्वाराहाट के मंदिर समूहों के सम्बंध में जानकारी जुटा रहा था, तो उस समय मेरे लिए ‘मन्या’ या ‘मनिया’because नामक मंदिर समूह के नामकरण का औचित्य ज्यादा स्पष्ट नहीं हो पाया था. द्वाराहाट के इतिहास के बारे में जानकार […]
लोक पर्व-त्योहार

कुमाऊं,गढ़वाल में गणपति गणेश की मूर्तिकला का इतिहास

गणेश चतुर्थी पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी आज गणेश चतुर्थी है. हिंदू धर्म में भगवान गणेश जी को प्रथम पूज्य माना गया है. गणेशजी के जन्म के बारे में अनेक पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं. उस सन्दर्भ में कुमाऊं स्थित देवभूमि उत्तराखंड के पाताल भुवनेश्वर में भगवान गणेश के आदिकालीन इतिहास के सांस्कृतिक और पुरातात्त्विक […]
लोक पर्व-त्योहार

स्याल्दे बिखौती मेला : उत्तराखण्ड की लोक सांस्कृतिक धरोहर

डॉ. मोहन चन्द तिवारी द्वाराहाट की परंपरागत लोक संस्कृति से जुड़ा उत्तराखण्ड का प्रसिद्ध स्याल्दे बिखौती का मेला पाली पछाऊँ क्षेत्र का सर्वाधिक लोकप्रिय रंग रंगीला  त्योहार है. चैत्र मास की अन्तिम रात्रि ‘विषुवत्’ संक्रान्ति 13 या 14 अप्रैल को प्रतिवर्ष द्वाराहाट से 8 कि.मी.की दूरी पर स्थित विमांडेश्वर महादेव में बिखौती का मेला लगता […]
स्मृति-शेष

धर्म को आडम्बरों से मुक्त करने वाले परमहंस

श्रीरामचन्द्र दास की जन्मजयंती पर विशेष  डॉ. मोहन चंद तिवारी “धार्मिक मूल्यों के इस विप्लवकारी युग में जिस तरह से परमहंस श्री रामचन्द्रदास जी महाराज ने अपने त्याग और तपस्या के आदर्श मूल्यों से समाज का सही दिशा में मार्गदर्शन किया because तथा धार्मिक सहिष्णुता एवं कौमी एकता का प्रोत्साहन करते हुए श्री रामानन्द सम्प्रदाय […]
स्मृति-शेष

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के जननायक

विपिन त्रिपाठी की पुण्यतिथि (30 अगस्त) पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी “गांव से नेतृत्व पैदा होने तक मैं गांव में रहना पसंद करूंगा. सत्ता पगला देती है. समाजवादी बौराई सत्ता से दूर रहें.”                                 -विपिन त्रिपाठी 30 अगस्त को उत्तराखंड […]