
रंगमंच को जीवंत रखने का एक सुकून भरा प्रयास
चंद्रशेखर तिवारी
Doon Library & Research Centre
रंगकर्मी सुवर्ण रावत की संकल्पना और निर्देशन में कल शाम कला दर्पण बैनर तले सौरभ शुक्ला के हिंदी नाटक "बर्फ" का मंचन एक बार पुनः देखने का अवसर मिला. मूल हिन्दी के इस नाटक को रंगकर्मी व लेखक बद्रीश छाबड़ा 'पहाड़ी सरदार' ने नाटक के तीनों किरदारों पहाड़ी महिला उषा, उसके पति टैक्सी ड्राइवर जगदीश और डॉ. सिद्धान्त की बारीकियों को बखूबी पकड़ते हुए इस नाटक को गढ़वाली भाषा में रूपांतरित किया.
उल्लेखनीय है कि सुवर्ण रावत उत्तरकाशी के बंगाण क्षेत्र से राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), दिल्ली से परफॉर्मिंग आर्ट्स में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त तथा रंगमंच में पीएचडी प्राप्त हैं और संस्कृति मंत्रालय द्वारा रंगमंच में वरिष्ठ शोध फेलोशिप से सम्मानित हैं. वे लंदन (यू.के.), वारसॉ (पोलैंड) सहित कई अन्य देशों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच समा...









