
पोखरी गांव नहीं पहुंचे सड़क सुविधा के पांव
- नीरज उत्तराखंडी, मोरी उत्तरकाशी
जनपद उत्तरकाशी के सीमांत विकास खंड मोरी के पोखरी गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है. ग्रामीण दुर्गम पंगड़ी के सहारे सफर करने को मजबूर हैं. यही वजह है कि बीते वीरवार को गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने की मांग को ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला माध्यम से मुखमंत्री को ज्ञापन भेजा है, जिसमें ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सड़क स्वीकृत नहीं किए जाने पर आआंदोलन की चेतावनी दी है.
ज्ञापन में कहा गया है कि मोरी क्षेत्र के दूरदराज क्षेत्र के अधिकांश गांव सड़क मार्च से जुड़ गए है. लेकिन तहसील मुख्यालय मोरी से महज 16 किमी दूरी पर स्थित 470 आबादी वाला पोखरी गांव आज तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से बंचित है. जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

ज्ञापन में कहा गया है कि पड़ोसी गांव पासा तक सड़क निर्माण हो गया है, लेकिन पोखरी के ग्रामीणों को चार किमी पैदल रास्ता तय कर पासा गांव सड़क तक आवागमन करना पड़ता है.
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा न होने के कारण शिक्षा, रवास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं बीमारी और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंधाने में भारी कठिनाई झेलनी पड़ती है. क्षेत्र सेब फल पट्टी बाहुल्य है. लेकिन सड़क नहीं होने से कास्तकारों को सेब पेटियों को दुलाई पैदल तथा खच्चरों के माध्यम से करने में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
ज्ञापन में सड़क निर्माण को स्वीकृत नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी. ज्ञापन पर राकेश सिंह रावत, सोबन रावत, परमयान रावत, राज देव सिंह, दिनेश,अनिल, सुनील आदि के हस्ताक्षर है.
