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अल्मोड़ा के चिराग उप्रेती ने किया कमाल, 4 घंटे 17 मिनट में पूरी की लद्दाख हाई-एल्टीट्यूड मैराथन

अल्मोड़ा के चिराग उप्रेती ने किया कमाल, 4 घंटे 17 मिनट में पूरी की लद्दाख हाई-एल्टीट्यूड मैराथन

अल्‍मोड़ा, देश—विदेश
 हिमांतर वेब डेस्कलेह, लद्दाख: उत्तराखंड की पहाड़ियों में ट्रैकिंग और पहाड़ी रास्तों पर दौड़ने के शौकीन चिराग उप्रेती ने 13 सितंबर को प्रतिष्ठित लद्दाख मैराथन सफलतापूर्वक पूरी की। उन्होंने 4 घंटे 17 मिनट के आधिकारिक चिप टाइम के साथ फिनिश लाइन पार की। नैनीताल में जन्मे और पले-बढ़े चिराग ने अपनी स्कूली शिक्षा शेरवुड कॉलेज, नैनीताल से पूरी की। उनका परिवार मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के खेती गाँव का रहने वाला है। गाँव में उनका पैतृक घर भी है, जिसकी इन दिनों मरम्मत कराई जा रही है। स्कूल के दिनों में चिराग अक्सर अपने पैतृक गाँव जाया करते थे। वर्तमान में चिराग न्यूयॉर्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में न्यूरोसाइंटिस्ट हैं। उनकी रिसर्च का फोकस मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों को समझने पर है। ऐसे में अपनी रनिंग जर्नी की सबसे कठिन रेसों में से एक के लिए हिमालय लौटना उनके ल...
विश्व ओजोन दिवस 2026 : आसमान की अदृश्य ढाल और धरती के भविष्य का संकल्प

विश्व ओजोन दिवस 2026 : आसमान की अदृश्य ढाल और धरती के भविष्य का संकल्प

शिक्षा
 विज्ञान ने संकट पहचाना, दुनिया ने हाथ मिलाया; अब लक्ष्य है- ओजोन-सुरक्षित और जलवायु-अनुकूल शीतलन डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल विज्ञान शिक्षक पी एम श्री कमलाराम नौटियाल राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज, धौंतरी (उत्तरकाशी) (राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत द्वारा उत्कृष्ट विज्ञान शिक्षक सम्मान 2022)  कभी किसी शांत सुबह हिमालय की ऊंची पहाड़ी से आकाश की ओर देखिए। दूर तक फैला नीला विस्तार, बादलों की सफेद परतें और उनके बीच से उतरती सूर्य की सुनहरी किरणें हमें प्रकृति की विराटता का अनुभव कराती हैं। हम प्रकाश को देखते हैं, सूर्य की गर्माहट महसूस करते हैं और हवा के स्पर्श को अनुभव कर सकते हैं। किंतु इसी आकाश में प्रकृति ने जीवन की रक्षा के लिए एक ऐसी ढाल बना रखी है, जो न दिखाई देती है और न हाथों से छुई जा सकती है।  यही अदृश्य प्रहरी है—ओजोन परत।धरती पर जीवन की कहानी में ओजोन की मात्रा ब...
No Cap! Gen Z की भाषा समझनी है तो पहले उसकी ‘Vibe’ समझिए

No Cap! Gen Z की भाषा समझनी है तो पहले उसकी ‘Vibe’ समझिए

समसामयिक, सोशल-मीडिया
  Slay, Rizz, Delulu, Sus से लेकर Ghosting तक-नई पीढ़ी ने तैयार किया अपना शब्दकोश; शब्द कम हैं, एक्सप्रेशन ज्यादा और इमोजी भी कह देते हैं पूरी बातशशि मोहन रवांल्टा आर्ट डायरेक्टर पाञ्चजन्य एवं Organiser “भाई, ये तो बहुत sus है!” “उसका rizz देखा?” “Stop being delulu!” “आज तो तुम slay कर रहे हो!”इन वाक्यों को पढ़कर अगर आपके मन में पहला सवाल आया कि ‘आखिर ये बोल क्या रहे हैं?’, तो आप अकेले नहीं हैं। आज Gen Z की बातचीत सुनकर पिछली पीढ़ियों के बहुत से लोग कई बार खुद को किसी नई भाषा के सामने खड़ा पाते हैं। आए दिन सोशल मीडिया पर कोई नया शब्द ट्रेंड करता है और फिर उसका मतलब जानने के लिए हम गूगल का सहारा लेते नजर आते हैं।पीढ़ियां बदलती हैं तो वे अपने साथ सिर्फ नया फैशन, नई तकनीक और नई सोच ही नहीं लातीं, वह अपनी एक अलग भाषा भी गढ़ती है। कभी नए मुहावरे पैदा होते हैं, कभी पुराने...
42 वीं ऐतिहासिक पाँचवां धाम खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा

42 वीं ऐतिहासिक पाँचवां धाम खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा

टिहरी गढ़वाल
दिल्ली से अखोड़ी और वहां से सीमान्त गंगी गाँव तक साकार दिखा बडोनी का संकल्पहिमांतर ब्यूरो, टिहरीहिमालय गौरव स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी द्वारा 1983 में प्रवर्तित और पर्वतीय लोकविकास समिति द्वारा 2015 से नई दिल्ली से प्रतिवर्ष संचालित ऐतिहासिक पाँचवां धाम खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा का 42 वां संस्करण नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में “नेपाल की त्रासदी और हिमालय रक्षा की वैश्विक चिंता” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय गोष्ठी से प्रारम्भ हुआ। गोष्ठी से पूर्व नेपाल में आई जल प्रलय की त्रासदी में मृत निरीह लोगों को दो मिनट का मौन रखकर विनम्र श्रद्धांजलि प्रदान की गई। राष्ट्रीय गोष्ठी के मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य और टिहरी के विधायक श्री किशोर उपाध्याय थे,अतिविशिष्ट अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मीडिया सलाहकार श्री मदनमोहन सती थे और इस गोष्ठी की अध्यक्षता स...
गाल के आर-पार सुआ… न खून की बूंद, न घाव का निशान!

गाल के आर-पार सुआ… न खून की बूंद, न घाव का निशान!

उत्तरकाशी
  देवता अवतरित होते ही पश्वा ने गाल में आर-पार किया लोहे-चांदी का सुआ, अद्भुत परंपरा देखने उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाबनीरज उत्तराखंडी, पुरोला (उत्तरकाशी)उत्तरकाशी के रामा गांव में भाद्रपद मास की 22 गते को आयोजित पारंपरिक स्यूड़िया जातर में आस्था और लोक परंपरा का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। स्यूडिया देवता के पश्वा पर देवता अवतरित होने के बाद उन्होंने अपने गाल में लोहे-चांदी का सुआ स्वयं चुभाकर आर-पार कर लिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुआ गाल के आर-पार होने के बावजूद खून बहता दिखाई नहीं दिया। सुआ निकाले जाने के बाद भी गाल पर कोई स्पष्ट घाव नजर नहीं आया। इस दृश्य ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित कर दिया। स्थानीय लोग इसे स्यूडिया देवता से जुड़ी सदियों पुरानी देव परंपरा और अपनी गहरी आस्था का प्रतीक मानते हैं। देवता अवतरित होते ही बदल गया माहौल जैसे ही पश्वा पर...
तकनीकी जांच के बाद ही भवन को जर्जर घोषित करें: जिलाधिकारी

तकनीकी जांच के बाद ही भवन को जर्जर घोषित करें: जिलाधिकारी

देहरादून
  एसडीएम, नगर निकायों को जर्जर भवनों के सर्वेक्षण और चिन्हीकरण के निर्देशहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनजनपद में जर्जर एवं संभावित रूप से असुरक्षित भवनों के चिन्हीकरण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मंगलवार देर शाम वर्चुअल बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी भवन को जर्जर अथवा गिरासू घोषित करने से पहले उसके तकनीकी और संरचनात्मक पहलुओं की गहन जांच की जाए। उन्होंने कहा कि भवन की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन किए बिना कोई निर्णय न लिया जाए, ताकि जनसुरक्षा के साथ-साथ अनावश्यक कार्रवाई से भी बचा जा सके। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों, नगर निगम एवं नगर पालिका परिषदों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों का प्राथमिकता के आधार पर सर्वेक्षण एवं चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए। सर्वेक्षण के दौरान भवन की वर्तमान स्थिति, संरच...
शिक्षक दिनेश रावत को रोटरी क्लब कनखल ने किया ‘नेशन बिल्डर अवार्ड’ से सम्मानित

शिक्षक दिनेश रावत को रोटरी क्लब कनखल ने किया ‘नेशन बिल्डर अवार्ड’ से सम्मानित

हरिद्वार
  रवांई घाटी की मिट्टी से निकले शिक्षक एवं युवा साहित्यकार को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला सम्मानहिमांतर वेब डेस्कहरिद्वार। रोटरी क्लब-कनखल, हरिद्वार की ओर से शिक्षकों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चुनिंदा शिक्षकों को ‘नेशन बिल्डर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। इस दौरान करीब आधा दर्जन शिक्षकों को सम्मानित कर उनके शैक्षिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना की गई। सम्मानित होने वाले शिक्षकों में रवांई घाटी की माटी में जन्मे प्रसिद्ध शिक्षक एवं युवा साहित्यकार दिनेश रावत भी शामिल रहे। शिक्षा के क्षेत्र में अपने समर्पण, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा साहित्य के माध्यम से समाज को जागरूक करने के प्रयासों के लिए उन्हें रोटरी क्लब-कनखल की ओर से ‘Nation Builder Award’ प्र...
खबोऊ गांव से निकले जगमोहन को बड़ी जिम्मेदारी, आईबी के स्पेशल डायरेक्टर बने

खबोऊ गांव से निकले जगमोहन को बड़ी जिम्मेदारी, आईबी के स्पेशल डायरेक्टर बने

देहरादून
  अमेरिका में भारत की नुमाइंदगी के बाद अब देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अहम दायित्व की कमानहिमांतर वेब डेस्क | नीरज उत्तराखंडी, देहरादूनजौनसार-बावर की पहाड़ी वादियों के छोटे से गांव खबोऊ, खत तपलाड से निकलकर देश की सुरक्षा व्यवस्था में अपनी पहचान बनाने वाले 1995 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन को भारत सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 3 सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति को मंजूरी देते हुए उन्हें खुफिया ब्यूरो (आईबी) में स्पेशल डायरेक्टर नियुक्त किया है। इससे पहले वह आईबी में अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्यरत थे। जौनसार-बावर के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। जगमोहन को क्षेत्र का पहला आईपीएस अधिकारी माना जाता है। उनके पिता श्री खुशीराम भी जौनसार के पहले आईएएस अधिकारियों में शुमार रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदा...
बौल्याधार में गूंजा लोक संस्कृति का रंग, देव डोलियों के सानिध्य में थिरके कदम

बौल्याधार में गूंजा लोक संस्कृति का रंग, देव डोलियों के सानिध्य में थिरके कदम

उत्तरकाशी, लोक पर्व-त्योहार
  हर तीसरे वर्ष आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले में उमड़ा आस्था और परंपरा का सैलाबनीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशीगाजणा क्षेत्र के ठांडी गांव स्थित बौल्याधार में आयोजित तीन दिवसीय ऐतिहासिक एवं पौराणिक मेला रविवार को पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों और लोक संस्कृति के रंगों के बीच संपन्न हुआ। 4 से 6 सितंबर तक चले इस मेले में क्षेत्र की लोक आस्था, देव परंपरा, पशुपालन और पारंपरिक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। हर तीसरे वर्ष आयोजित होने वाला यह मेला गाजणा क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी माना जाता है। मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु पहुंचे तथा देवडोलियों के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।देवडोलियों के सानिध्य में हुए धार्मिक अनुष्ठान मेले में...
संविधान क्लब, नई दिल्ली में डॉ. चंद्र लाल भारती को मिला ‘राष्ट्र रत्न सम्मान 2026’

संविधान क्लब, नई दिल्ली में डॉ. चंद्र लाल भारती को मिला ‘राष्ट्र रत्न सम्मान 2026’

उत्तरकाशी
  सामाजिक सरोकार, मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के उत्थान में योगदान के लिए हुए सम्मानितनीरज उत्तराखंडी, पुरोलाजनपद उत्तरकाशी के नौगांव विकासखंड के ग्राम ब्यांली, पट्टी बनाल के मूल निवासी एवं वर्तमान में कुआंवाला निवासी डॉ. चंद्र लाल भारती को सामाजिक सरोकार, मानवाधिकार, सामाजिक न्याय तथा वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में आयोजित कार्यक्रम में ‘राष्ट्र रत्न सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।डॉ. चंद्र लाल भारती वर्तमान में लोक निर्माण विभाग, हरिद्वार में सिविल इंजीनियर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकारी दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ वे सामाजिक विषयों पर भी सक्रिय रहते हैं और समाज में समानता, न्याय, मानव गरिमा तथा नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।उत...