Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
मुख्यमंत्री ने किया तीन दिवसीय “नंदा देवी लोकजात मेले” का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने किया तीन दिवसीय “नंदा देवी लोकजात मेले” का शुभारंभ

चमोली
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चमोली स्थित कुरुड़ पहुंचकर तीन दिवसीय नन्दा देवी लोकजात मेले का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने मां नंदा के दर्शन कर पूजा अर्चना की एवं प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणा भी की. मुख्यमंत्री घोषणा में नंदानगर, नारायणबगड़ और देवाल में खेल मैदान निर्माण, प्राणमती नदी के दोनों तटों पर सुरक्षा कार्य, थराली के ढाडरबगड़ में बाढ़ सुरक्षा कार्य शामिल हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नंदा देवी लोकजात मेले को राजकीय मेला घोषित करने, नंदानगर चिकित्सालय को उप जिला चिकित्सालय में उच्चीकृत करने की घोषणा भी की.सीएम धामी ने कार्यक्रम में स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक मेले हमें हमारी संस्कृति के साथ अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के पौराणिक मेलों को संरक्षण करत...
हमारी लोक संस्कृति, आस्था और परंपराओं का संगम हैं बग्वाल मेला : सीएम धामी

हमारी लोक संस्कृति, आस्था और परंपराओं का संगम हैं बग्वाल मेला : सीएम धामी

चम्‍पावत
रक्षाबंधन के अवसर पर देवीधुरा स्थित मां वाराही धाम में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध बग्वाल मेले में प्रतिभाग कर विश्व प्रसिद्ध पाषाण युद्ध के साक्षी बने मुख्यमंत्री रक्षाबंधन के अवसर पर चंपावत जिले के देवीधुरा स्थित मां वाराही धाम में लगने वाले बगवाल मेले में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां वाराही मंदिर में घंटी चढ़ाई तथा राज्य की खुशहाली एवं तरक्की की कामना की. मुख्यमंत्री, मां वाराही धाम में चार खाम सात थोक के बीच फलों फूलों से खेले जाने वाले विश्व प्रसिद्ध पाषाण युद्ध के साक्षी बने. इस वर्ष पाषाण युद्ध करीब 11 मिनट तक चला.इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि रीठा में रतिया नदी में बाढ़ सुरक्षा का निर्माण कार्य एवं वैकल्पिक एप्रोच रोड का निर्माण कार्य किया जायेगा एवं मानसखण्ड कॉरीडोर के अन्तर्गत वाराही मंदिर के छूटे हुये अवस्थापना कार्यों क सम्मिलित किया जायेगा. मुख्यमंत्री न...
अटल राष्ट्रनायक तो बडोनी उत्तराखंड के लाडले : डॉ. हरि सिंह पाल

अटल राष्ट्रनायक तो बडोनी उत्तराखंड के लाडले : डॉ. हरि सिंह पाल

दिल्ली-एनसीआर
नई दिल्ली में इंडिया टाइम 24 न्यूज के कार्यालय में पर्वतीय लोकविकास समिति और भिलंगना क्षेत्र विकास समिति द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी और हिमालय गौरव इंद्रमणि बडोनी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. स्वाधीनता के गुमनाम नायकों  को देश के इतिहास में स्थापित करने विषयक विचार गोष्ठी में सम्मिलित साहित्यकारों,इतिहासकारों, विद्वानों और शिक्षाविदों ने अपने विचार रखे. समारोह के मुख्य अतिथि आकाशवाणी के पूर्व निदेशक, नागरी लिपि परिषद के महासचिव और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हरि सिंह पाल ने कहा कि देश के निर्माण में अटल जी का और देवभूमि को पृथक राज्य बनाने में बडोनी जी की अद्वितीय भूमिका रही है. अटल जी ने कविता,पत्रकारिता और हिन्दी की वैश्विक सेवा के माध्यम से तो बडोनी जी ने पहाड़ की लोक संस्कृति और सिद्ध पीठों की ऐतिहासिक यात्राओं के माध्यम से समाज जागरण का कार्य किया है. बडोनी जी के ...
मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की बधाई

मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की बधाई

उत्तराखंड हलचल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं. इस अवसर पर जारी अपने संदश में मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार भाई-बहन के एक-दूसरे के प्रति स्नेह, विश्वास और कर्त्तव्य का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि हमारी समृद्ध, सांस्कृतिक परम्पराओं से जुड़े इस पर्व का ऐतिहासिक महत्व भी है.उन्होंने कहा कि रक्षा बन्धन का पर्व सामाजिक सद्भाव के साथ ही महिलाओं के प्रति आदर एवं सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ बनाता है. रक्षा बन्धन का पर्व महिलाओं के सम्मान से जुड़ा पर्व भी है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है एवं उनके कल्याण के लिए कई योजनाएं एवं कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति हमारा प्रयास निरन्तर जारी है. महिलाओं को सशक्त किए बिना हम एक समृद्...
लोक परंपरा का उत्सव : घी संक्रान्ति यानी ओलगिया त्यार  

लोक परंपरा का उत्सव : घी संक्रान्ति यानी ओलगिया त्यार  

लोक पर्व-त्योहार
चन्द्रशेखर तिवारी उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है. यहां के लोक जीवन के कई रंग और कई उत्सव हैं. ऐसा ही एक पारंपरिक उत्सव है घी संक्रांति. उत्तराखण्ड में घी संक्रान्ति पर्व को घ्यू संग्यान, घिया संग्यान और ओलगिया के नाम से भी जाना जाता है. पहाड़ में यह मान्यता व्याप्त है कि पुराने राजाओं के समय शिल्पी लोग अपने हाथों से बनी कलात्मक वस्तुओं को राजमहल में राजा के समक्ष प्रस्तुत  किया करते थे. इन शिल्पियों को तब राजा-महराजों  से इस दिन पुरस्कार मिलता था.कुमाऊं में चन्द शासकों के काल में भी यहां के किसानों व पशुपालकों द्वारा शासनाधिकारियों को विशेष भेंट ‘ओलग’ दी जाती थी. गाँव के काश्तकार  लोग भी अपने खेतों में उगे फल, शाक-सब्जी, दूध-दही तथा अन्य खाद्य-पदार्थ आदि राज-दरबार में भेंट करते थे. यह ओलग की प्रथा कहलाती थी. अब भी यह त्यौहार कमोबेश इसी तरह मनाया जाता है. इसी कारणवश इस ...
स्वतंत्रता दिवस : लाल किला में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड प्रवासियों के दल ने पारम्परिक वेशभूषा में किया प्रतिभाग

स्वतंत्रता दिवस : लाल किला में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड प्रवासियों के दल ने पारम्परिक वेशभूषा में किया प्रतिभाग

दिल्ली-एनसीआर
78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित लाल किले में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड प्रवासियों के दल ने उत्तराखण्ड के पारम्परिक वेशभूषा में प्रतिभाग किया. कार्यक्रम में उत्तराखण्ड की संस्कृति एवं वेशभूषा का प्रदर्शन दल द्वारा किया गया. इस वर्ष लाल किले में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में सभी राज्यों के प्रवासी निवासियों के दलों को आमंत्रित किया गया. उत्तराखण्ड स्थानिक आयुक्त कार्यालय, नई दिल्ली के तत्वाधान में दिल्ली में निवास कर रहे उत्तराखण्डवासियों को लाल किला में आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया. जिसमें 20 प्रवासी उत्तराखण्डवासियों के दल द्वारा स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया. दल में शामिल सदस्यों ने कहा कि लाल किले में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य की ओर से प्रतिनिधित्व कर गौरवान्वित एवं प्रफुल्लित महसूस कर रहे है. इस अवसर पर नोडल अधिक...
देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री

देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड हलचल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सुभाष रोड स्थित होटल में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर देश के विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों को नमन करते हुए विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया. उन्होने कहा कि देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को जब हम आजादी का जश्न मना रहे थे वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का भी हमने दुःख सहा है. भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के कारण सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए भारत दो टुकड़ों में विभक्त हुआ. लाखों लोग इधर से उधर हुए उनका घर-बार छूटा, परिवार छूटा, लाखों की जानें गईं. भारत के लिए यह घटना किसी विभीषिका से कम नहीं थी. वर्ष 2021 में इसी दर्द को याद करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को ’’विभाजन विभीषिका स्मृति दिव...
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अमर शहीदों, राज्य आंदोलनकारियों सहित राष्ट्र निर्माण के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ एवं अग्रणी राज्य बनाने का हमारा संकल्प ह. समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाने के लिए हमारे प्रयास निरन्तर जारी है. अनुकूल औद्योगिक नीति, शांत औद्योगिक वातावरण, दक्ष मानव संसाधन और उदार कर लाभों तथा पूंजी निवेश में वृद्धि के कारण उत्तराखंड भारत में तेजी से विकास करने वाले राज्यों में से एक बन गया है. नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा जारी 2023-24 की एसडीजी रिपोर्ट में उत्तराखण्ड ने सतत विकास लक्ष्यों की कसौटी पर खरा उतरते हुए पूरे देश में पहल...
उत्तराखंड में भूस्खलन और बारिश से भारी तबाही!

उत्तराखंड में भूस्खलन और बारिश से भारी तबाही!

उत्तराखंड हलचल
सुनील नेगी, वरिष्ठ पत्रकार उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और वायनाड के विभिन्न भागों में हो रही ग्लोबल वार्मिंग और पारिस्थितिकी आपदाओं के कारण सैकड़ों लोगों की जान जाने का खतरा वास्तव में एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न बन गया है, जिसे केंद्र और राज्यों की सरकारों की सक्रिय भागीदारी से शीघ्रता से हल करने की आवश्यकता है, जिसमें बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों, भूकंप विज्ञानियों, पृथ्वी वैज्ञानिकों, लेखकों, पत्रकारों, विचारकों और सबसे बढ़कर विभिन्न विचारों और विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को शामिल किया जाना चाहिए. आप इस बात को समझेंगे कि गंगा के बढ़ते प्रदूषण,और ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिमालय की अवनति हम सबकी, पूरे देश और विश्व की है, इसलिए यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि उत्तराखंड के जंगलों में बड़े पैमाने पर लगने वाली आग, जो वहां की वनस्पतियों और ...
संयोग नहीं है स्वाधीनता, उसे सुयोग बनाएं!

संयोग नहीं है स्वाधीनता, उसे सुयोग बनाएं!

लोक पर्व-त्योहार
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त, 2024) पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र  यह संयोग मात्र नहीं है कि भारत में लोकतंत्र न केवल सुरक्षित है बल्कि प्रगति पथ पर अग्रसर हो रहा है. यह तथ्य आज की तारीख में विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि पड़ोसी देश एक-एक कर लोकतंत्र से विमुख हो रहे हैं. वहाँ अराजकता के चलते घोर राजनीतिक अस्थिरता का माहौल व्याप रहा है. अफ़ग़ानिस्तान, म्यांमार, मालदीव और पाकिस्तान आदि में लोकतंत्र मुल्तबी है. कई आकलनों में श्रीलंका और बांग्लादेश को भारत की तुलना में कभी अच्छा घोषित किया गया था पर अब वहाँ के हालात नाज़ुक हो रहे हैं. बांग्ला देश की ताज़ा घटनाएँ बता रही हैं वहाँ किस तरह चुनी हुई सरकार और प्रधानमंत्री को बर्खास्त कर दिया गया. इन सभी देशों में लोकतंत्र को बड़ा आघात लग रहा है और जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है. आज अंतरराष्ट्रीय परिवेश में हर तरफ़ उथल-पुथल मची है. समुद्र पार इं...