Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
तीरथ सिंह रावत के नए मीडिया सलाहकार मानसेरा संघी या वामपंथी? दो धड़ों में बंटा ट्विटर

तीरथ सिंह रावत के नए मीडिया सलाहकार मानसेरा संघी या वामपंथी? दो धड़ों में बंटा ट्विटर

देश—विदेश
हिमांतर ब्यूरो, दिल्लीउत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के नए मीडिया सलाहकार दिनेश मानसेरा को लेकर सोशल मीडिया बहस गर्मा गई है. कई दक्षिणपंथी दिनेश मानसेरा को वामपंथी विचारधारा का because बताकर भाजपा सरकार में उनकी मीडिया सलाहकार के तौर पर नियुक्ति को लेकर संघ और पार्टी का घेराव कर रहे हैं. ट्विटर पर मानसेरा को निशाने में लेते हुए यूजर्स कह रहे हैं 'वाह..वाह.. जो बीजेपी को गाली दे. जो मोदी जी को गाली दे, उनको मीडिया सलाहकार बना दो!!!'मूलांक कई यूजर्स यहां तक पूछ रहे हैं कि इस because नियुक्ति के पीछे आखिर किसका हाथ है, जो सूबे में भारतीय जनता पार्टी की कब्र खोदने में जुटा है.दिनेश मानसेरा के कई ऐसे ट्वीट और सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्थानीय भाजपा नेताओं को निशाने पर रखकर चुटकी ले रहे हैं. because यहां तक की उनके बेटे के ट्...
वेदान्त-प्रवक्ता आचार्य शंकर का अवदान  

वेदान्त-प्रवक्ता आचार्य शंकर का अवदान  

साहित्‍य-संस्कृति
शंकराचार्य जयन्ती के पर विशेष प्रो. गिरीश्वर मिश्र‘वेदान्त’ यानी वेदों का सार भारतीय चिंतन की एक वैश्विक देन है और उसके अद्वितीय पुरस्कर्ता आचार्य शंकर हैं जो  ब्रह्म  को’ एकमेवाद्वितीयम्’  मानते है. अर्थात ब्रह्म एक ही है. ब्रह्म से अलग कोई भी चीज  वास्तविक नहीं है. और ब्रह्म के भाग या हिस्से नहीं हो सकते. अक्सर इस संसार  के दो कारण माने जाते हैं जड़ because और चेतन परन्तु  वेदान्त एक ही तत्व मानता है  जैसे मकड़ी अपना जाला बुनने के लिए किसी अन्य बाहरी  वस्तु पर निर्भर नहीं करती  वरन अपने ही पेट से तंतु निकाल निकाल कर जाला तैयार करती है. अपने दृष्टिकोण को दृढ़ता से रख आचार्य शंकर ने बौद्ध और मीमांसक मतों के सम्मुख बड़ी चुनौती रखी. उन्होंने वेद  को भी महत्त्व दिया और युक्ति का भी उपयोग किया.मूलांक प्रचलित अनुश्रुतियों, मिथकों और कथाओं के नायक आचार्य शंकर की जीवन गाथा वैचारिक नवोन...
उत्तरकाशी जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं— जिलाधिकारी

उत्तरकाशी जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं— जिलाधिकारी

उत्तरकाशी
कोरोना की तीसरी लहर आने की भी आशंका को देखते हुए पुख्ता इंतजाम, सीएचसी चिन्यालीसौड़ में 06 ऑक्सीजन बैड हैं, अगले तीन सप्ताह के भीतर 40-50 बैड बढ़ाने because का कार्य गतिमान है. उधर नौगाँव/बड़कोट में 24 ऑक्सीजन बैड व पुरोला में 12 ऑक्सीजन बैड हैंनीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशीकोरोना संक्रमण की बढ़ती आशंकाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुख्ता तैयारी की है. जिला अस्पताल के अलावा जनपद की सीएचसी चिन्यालीसौड़, पुरोला,नौगाँव व कोविड अस्पताल so गढ़वाल मंडल विकास निगम उत्तरकाशी में आक्सीजन बैंड की क्षमता को बढ़ाया गया है.मूलांक जिला अस्पताल में 95 ऑक्सीजन बैड है तो वहीं कोविड अस्पताल जीएमवीएन में 30 ऑक्सीजन बैड है. सीएचसी चिन्यालीसौड़ में 06 ऑक्सीजन बैड है अगले तीन सप्ताह के भीतर 40-50 बैड बढ़ाने का कार्य गतिमान है. उधर नौगाँव/बड़कोट में 24 ऑक्सीजन बैड व पुरोला में 12 ऑक्सीजन बैड वर्तमान में है....
हिमालयी प्रहरी थे राजेन्द्र धस्माना

हिमालयी प्रहरी थे राजेन्द्र धस्माना

स्मृति-शेष
पुण्यतिथि पर स्मरणचारु तिवारीउम्र का बड़ा फासला होने के बावजूद वे हमेशा अपने साथी जैसे लगते थे. उन्होंने कभी इस फासले का अहसास ही नहीं होने दिया. पहाड़ के कई कोनों में हम साथ रहे. एक बार हम उत्तरकाशी साथ गये. रवांई घाटी में. भाई शशि मोहन रवांल्टा के निमंत्रण पर. पर्यावरण दिवस पर उन्होंने एक आयोजन किया था नौगांव में. हमारे साथ बड़े भाई और कांग्रेस के नेता पूर्व मंत्री किशोर उपाध्याय भी थे. because रास्ते भर उन्होंने यमुना घाटी के बहुत सारे किस्से सुनाये. उन्होंने यमुना पुल की मच्छी-भात के बारे में बताया. खाते-खाते मछली के कई प्रकार और उसे बनाने की विधि भी बताते रहे. यहां की कई ऐतिहासिक बातें, लोकगाथाओं, लोककथाओं एवं लोकगीतों के माध्यम से कई अनुछुये पहलुओं के बारे में बताते रहे. टिहरी एक बार हम लोग टिहरी जा रहे थे. श्रीदेव सुमन की जयन्ती पर. यह आयोजन मैंने ही किया था. टिहरी के प...
हास्य, व्यंग्य नहीं, हमारे दर्द के कवि हैं शेरदा अनपढ़

हास्य, व्यंग्य नहीं, हमारे दर्द के कवि हैं शेरदा अनपढ़

साहित्‍य-संस्कृति
ललित फुलारा'कुमाउनी शब्द संपदा' पेज पर प्रसिद्ध कवि-गीतकार शेरदा "अनपढ़" की कविताओं के विभिन्न आयाम पर केंद्रित चर्चा 'हमार पुरुख' में वरिष्ठ पत्रकार चारु तिवारी, साहित्यकार because देवेन मेवाड़ी और डॉ दिवा भट्ट ने अपने विचार रखे. चारु तिवारी ने शेरदा अनपढ़ की कविता और जीवन यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शेरदा अनपढ़ हास्य, व्यंग्य नहीं, हमारे दर्द के कवि हैं.मूलांक उनका कविता संसार मानवीय संवेदनाओं का संसार है. हर गीत और कविता में जीवन का भोगा हुआ यथार्थ है. जो बोल नहीं सकते, शेरदा की कविताएं उनकी आवाज हैं. जनसंघर्ष, because आध्यात्म, प्रकृति और प्रेम के साथ ही समसामयिक विषयों को संबोधित करने वाले कवि हैं, शेरदा . उनके साहित्यिक अवदान को जितना समेटा जाए, उतना फैलता जाता है. अपनी कविता के बारे में वह कहते थे ... मैं कविता हंसकर भी लिखता हूं, रोकर भी, बीच बाजार में भी लिखता हूं और...
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने कोविड फ्री उत्तरकाशी ऐप किया लांच

जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने कोविड फ्री उत्तरकाशी ऐप किया लांच

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशी उत्तरकाशी में कोविड-19 संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा अच्छी पहल की गई है. जनपद को कोरोना से मुक्त करने हेतु आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एप जारी किया है. रविवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने कोविड फ्री उत्तरकाशी ऐप जारी किया. इस मोबाइल ऐप के माध्यम से शहरी व सुदरवर्ती क्षेत्रों में कोविड के लक्षण दिखने पर कोई भी नागरिक अपनी सूचना एप के माध्यम से कोविड कंट्रोल रूम को दे सकता है. तथा त्वरित उपचार, मेडिसिन प्राप्त कर सकता है. गांव में बुखार,जुकाम,खांसी से पीड़ित व्यक्ति अपनी सूचना एप के माध्यम से त्वरित दे सकता है जिसका संज्ञान तत्काल लिया जाएगा. जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि वैश्विक महामारी से निपटने के लिए यह एप बेहद उपयोगी साबित होगा. इस एप के माध्यम से सूचना मिलते ही कम समय में हम मरीज के पास पहुँच ...
गधेरों से उठता सिर्फ धुआँ…

गधेरों से उठता सिर्फ धुआँ…

समसामयिक
प्रकाश उप्रेतीपहाड़ के गाँव महामारी के कई रूपों से लड़ रहे हैं. स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का आलम सरकार दर सरकार दर जर्ज़र होता गया. तहसील और जिले के अस्पतालों में डॉ. के नाम रेफर बाबू हैं और दवा के नाम पर कैल्शियम की गोलियां. अखबारों में अस्पताल के अभाव में दम तोड़ते लोग, प्रसव पीड़ा में रास्ते में ही बच्चे को जन्म देती because माताओं की तस्वीरें छपती रही हैं लेकिन हमारे हुक्मरानों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. विधायक से लेकर सांसद तक दून और दिल्ली में मौज करते रहे . हमारे इलाके के सांसद महोदय को लोग पहचानते भी नहीं  है. वह भी इलाके को नहीं पहचानते हैं .सूर्य देवपिछले साल मेरी ईजा पर सुअर ने हमला कर दिया था. उनके इलाज के लिए मैं भिकियासैंण, चखुटिया और रानीखेत के सरकारी अस्पतालों में गया और वहाँ जो स्थिति देखी वह भयावह थी. उसके बाद कई तहसीलों में जाकर अस्पतालों पर लिखा भी लेकिन उससे किसको क्...
साप्ताहिक राशिफल: कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)

साप्ताहिक राशिफल: कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)

साप्ताहिक राशिफल
अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 16-22 मई, 2021 अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है. मूलांक ही जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है.आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख को होता है, जिसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक मिलता है, वह आपका मूलांक कहलाता है. मूलांक 1 से 9 अंक के because बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप – आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 1 + 0 यानी 1 होगा. इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख से लेकर 31 तारीख तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है. इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार साप्ताहिक राशीफल जान सकते हैं. मूलांक अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक राशिफल (16 से 22 मई 2021) अंक ज्योतिष का हमारे जीवन because पर सीधा प्रभाव पड़ता है, क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्...
वैदिक मंत्रोच्चार व विशेष पूजा अर्चना के साथ खुले विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट

वैदिक मंत्रोच्चार व विशेष पूजा अर्चना के साथ खुले विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंड, उत्तरकाशीवैदिक मंत्रोच्चार व विशेष पूजा अर्चना के साथ अक्षय तृतीया के मिथुन लग्न की शुभ बेला पर आज प्रातः 7 बजकर 31 मिनट पर विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट 6 माह के लिए खोल दिए है. कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार इस बार बिना श्रद्धालुओं के कपाट खोले गए. कपाट खुलते ही पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, व प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा भेजी गई भेंट स्वरूप धनराशि 1101-1101 रुपये के साथ हुई. कोविड नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया गया. कपाटोद्घाटन में सीएमओ डॉ डीपी जोशी,उप जिलाधिकारी देवेंद्र नेगी,ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत,अध्यक्ष मंदिर समिति सुरेश सेमवाल,सचिव दीपक सेमवाल, रविंद्र सेमवाल,सहित तीर्थ पुरोहित उपस्थित थे.आप भी मां गंगा के दर्शन करिए...
उत्तराखंड के लोक और देव परंपरा को समझने के लिए एक ज़रूरी क़िताब

उत्तराखंड के लोक और देव परंपरा को समझने के लिए एक ज़रूरी क़िताब

पुस्तक-समीक्षा
पुस्तक समीक्षाचरण सिंह केदारखंडीकोटी बनाल (बड़कोट उत्तरकाशी) में 7 जून 1981 को जन्मे दिनेश रावत पेशे से शिक्षक और प्रवृति से यायावर और प्रकृति की पाठशाला के अध्येता हैं जिन्हें because अपनी सांस्कृतिक विरासत से बेहद लगाव है. अंक शास्त्र “रवांई के देवालय एवं देवगाथाएं” नवम्बर 2020 में प्रकाशित लोक संस्कृति पर उनकी दूसरी किताब है इससे पहले रावत जी “रवांई क्षेत्र के लोकदेवता और लोकोत्सव” पुस्तक लिख चुके हैं जो because उनकी दूसरी किताब की प्रेरणा बनी है. समय साक्ष्य प्रकाशन देहरादून और संस्कृति विभाग उत्तराखंड के आर्थिक अनुदान से प्रकाशित 294 पृष्ठ की इस किताब में 5 अध्याय हैं और कवर पेज (महासू देवता) सोबन दास जी का बनाया हुआ है... अंक शास्त्र उत्तराखंड समूचे भारत के साथ साथ हिमालयी राज्यों में भी अपनी एक विशिष्ट सांस्कृतिक अस्मिता के लिए जाना जाता है. भावना के उदात्त स्फुरणों में...