Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
अक्षय तृतीया : कृषि सभ्यता और मानसूनों के पूर्वानुमान का पर्व

अक्षय तृतीया : कृषि सभ्यता और मानसूनों के पूर्वानुमान का पर्व

पर्यावरण
अक्षय तृतीया पर विशेषडॉ . मोहन चंद तिवारीआज शुक्रवार,14 मई,2021 के दिन वैशाख शुक्ल तृतीया की तिथि को मनाया जाने वाला ‘अक्षय तृतीया’ का शुभ पर्व है. ‘अक्षय तृतीया’ जिसे स्थानीय भाषा में 'अखा तीज' भी कहा जाता है,भारत की कृषि सभ्यता because और मानसूनों के पूर्वानुमान का भी महत्त्वपूर्ण पर्व है. ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है जिसका कभी नाश नहीं होता.हेमाद्रि के कथनानुसार अक्षय तृतीया के दिन किए गए स्नान, दान,जप, होम,स्वाध्याय और पितृतर्पण का फल अक्षय हो जाता है. हेमाद्रि अक्षय तृतीया के साथ भारतीय सभ्यता और संस्कृति के अनेक माहात्म्य जुड़े हैं. सतयुग और त्रेतायुग की काल गणना इसी तिथि से होने के कारण इसे युगादि तिथि के रूप में भी जाना जाता है.विष्णु के अंशावतार माने जाने वाले परशुराम की जन्म जयंती इसी तिथि को मनाई जाती है तो बद्री नारायण धाम के कपाट खुलने because और वृन्दावन में बांके बिहार...
फैशन की बातें- बीते दौर की

फैशन की बातें- बीते दौर की

साहित्‍य-संस्कृति
भुवन चंद्र पंतजिन्दगी भले कितनी तंगहाली में गुजरे लेकिन फैशन को अपने अन्दाज में अपनाना हमारे शौक से ज्यादा मजबूरी बन जाती है. मजबूरी इसलिए कि यदि हम जमाने के अनुसार नहीं चलते तो गंवार व बुर्जुआ कहलायेंगें. बाजार भी इस नस को बखूबी जानता है और हरेक की सामर्थ्य के अनुकूल विकल्प तैयार कर लेता है. बात कर रहे हैं because पिछले 50-60 के बीच बदलते फैशन की, जिसके हम प्रत्यक्षदर्शी रहे. मुमकिन है कि आज की नई पीढ़ी को उस पर यकीन भी नहीं होगा कि कभी ऐसा भी वक्त रहा होगा, जब पैर का जूता भी आम इन्सान को नसीब नहीं था. आज तो पैदा हुए बच्चे को जूते पहना दिये जाते हैं, भले वो चलना न सीखा हो. एक दौर वो भी था, जब पांचवी दर्जे तक तो जूते पहनना अमीर शोहदों की चीज हुआ करती थी. अंक शास्त्र दर्जा 6 में जाने के बाद लाल अथवा सफेद रंग के कपडे़ के जूते मिला करते, जिनके तलवे यदि घिस कर सीधे पैर जमीन को छुए, इससे फ...
‘जाति की जड़ता जाये तो उसके जाने का जश्न मनायें’

‘जाति की जड़ता जाये तो उसके जाने का जश्न मनायें’

स्मृति-शेष
बलदेव सिंह आर्य:  जन्मदिन (12 मई) पर विशेषडॉ. अरुण कुकसालउत्तराखंड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992) का आज जन्मदिन है. सन् 1930 में 18 वर्ष की किशोरावस्था में निरंकुश बिट्रिश सत्ता का सार्वजनिक विरोध करके 18 महीने की जेल को सर्हष स्वीकार करना उनके अदम्य साहस और दीर्घगामी सोच because का ही परिणाम था. उन्होने ‘डोला पालकी आन्दोलन’ में भाग लेकर भेदभावपूर्ण तत्कालीन सामाजिक परम्परा को खुली चुनौती दी थी. सन् 1942 में उनके संपादन में तैयार ‘सवाल डोला पालकी’ रिपोर्ट देश भर में चर्चित हुई थी. इस रिर्पोट से प्रेरणा लेकर उस दौर में देश के अन्य क्षेत्रों और समुदायों के आम लोगों ने सामाजिक पक्षपात के विरुद्ध आवाज उठाई थी.कुशल राजनीतिज्ञ देश के स्वाधीन होने के बाद एक कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में उनकी ख्याति रही है. उत्तरा...
उत्तरकाशी में 18 से 44 वर्ष के 897 लोगों लगी पहले दिन पहली डोज

उत्तरकाशी में 18 से 44 वर्ष के 897 लोगों लगी पहले दिन पहली डोज

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशीजनपद में कोरोना संक्रमण महामारी से बचाव के लिये 10 मई 2021 से 18 से 45 वर्ष के नागरिकों हेतु कोविड-19 टीकाकरण का शुभारंभ हो चुका है. पहले दिन 1000 के सापेक्ष 897 नागरिकों द्वारा पहली डोज लगवायी गई. डा.  डी.पी. जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि युवाओं में कोविड वैक्सीनेशन लगाये जाने हेतु काफी जोश दिखाई दे रहा है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा समस्त 18 से 44 वर्ष के नागरिक से अपील की गई कि selfregistration.cowin.gov.in अथवा aarogya setu app के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर अपने नजदीकी टीकाकरण केन्द्र पर कोविड वैक्सीन लगाये जाने हेतु अग्रिम स्लाॅट अवश्य बुक करें l तदोपरान्त् ही उनको वैक्सीन लगायी जायेगी. जनपद मे दिनांक 13.05.2021 से प्रत्येक दिन अपराह्न 12 बजे के उपरान्त् टीकाकरण केन्द्रों के ऑनलाइन स्लॉट बुक किये जा सकेंगे. एक मोबाइल पर अधिकतम 04 ...
ग्रामपंचायत स्तर पर सैनिटाइजेशन का कार्य युद्ध स्तर पर निरंतर जारी, 923 व्यक्तियों का हुआ टीकाकरण

ग्रामपंचायत स्तर पर सैनिटाइजेशन का कार्य युद्ध स्तर पर निरंतर जारी, 923 व्यक्तियों का हुआ टीकाकरण

टिहरी गढ़वाल
कोविड-19 से सुरक्षा के लिए व्यवहार परिवर्तन को लेकर उपजजिलाधिकारियो के नेतृत्व में राजस्व उपनिरीक्षकों ने संभाली कमानहिमांतर ब्यूरो, नई टिहरीजिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव के दिशा निर्देशों में विकास विभाग के तत्वाधान में कोरोना वायरस (कोविड-19) के प्रति ग्राम पंचायत स्तर पर एक ओर जहां सैनिटाइजेशन का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है वहीं उपजिलाधिकारियो के नेतृत्व में गांव-गांव कोविड के प्रति जनजागरूकता को लेकर जनपद के राजस्व उपनिरीक्षकों ने भी कमर कस ली है.सोमवार को तहसील नैनबाग क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत सेंदुल में राजस्व विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को कोरोना के प्रति जागरूक किया गया वहीं ग्रामीणों को सामाजिक दूरी, मास्क के महत्व, साफ-सफाई सहित अन्य जानकारी जानकारी दी गई. इस दौरान राजस्व विभाग कर्मियों को अपने बीच पाकर ग्रामवासियों ने टीम को धन्यवाद भी ज्ञापित किया. इ...
टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने ऑक्सीजन प्लांट के लिए 50 लाख स्वीकृत किए

टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने ऑक्सीजन प्लांट के लिए 50 लाख स्वीकृत किए

टिहरी गढ़वाल
हिमांतर ब्यूरो, नई टिहरीलोकसभा सांसद टिहरी गढ़वाल श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह ने आज अपनी सांसद निधि से विकासखंड प्रतापनगर के समुदायक स्वास्थ्य केंद्र चौण्ड में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना हेतु 50 लाख रुपये स्वीकृत किये गए है। जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए इस बहुमूल्य योगदान के लिए जिला प्रशासन द्वारा भूरी-भूरी माननीय सांसद की प्रशंसा की गई है। जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि माननीय सांसद के योगदान से स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक दुरुस्त किया जा सकेगा, जिसका लाभ जनपद की संभ्रांत जनता को मिलेगा।...
कोरोना महामारी और हमारा हेल्थ सिस्टम

कोरोना महामारी और हमारा हेल्थ सिस्टम

समसामयिक
कमलेश चंद्र जोशीकभी-कभी यूँ लगता है जैसे एक स्वप्न सा चल रहा है. जिसमें एक महामारी दुनिया भर में फैली है जिस वजह से लोग घरों में कैद है. ऐसा लगता है जैसे अभी सपना टूटेगा, आँख खुलेगी because और एक गहरी साँस भरते हुए दिल के किसी कोने से आवाज आएगी उफ़्फ क्या भयानक सपना था. सपने सपने में कई-कई बार तो यही होता है हमारे साथ कि हम खुद को बचाने के लिए छटपटा रहे होते हैं और आँख खुलते ही राहत महसूस करते हैं कि यह हकीकत नहीं है. becauseकाश कि यह महामारी सपना होती! लेकिन सपनों सी यह बीमारी जानलेवा हकीकत बन गई है जिस पर इंसान का बस नहीं चल रहा. हमारे पूरे सिस्टम की पोल इस बीमारी ने खोलकर रख दी है. साथ ही यह भी कि इंसानियत अभी मरी नहीं है. हजारों लोग हैं जो रात-दिन एक कर अपनी पूरी मदद लोगों तक पहुँचा रहे हैं. सपनेआपको शायद याद न हो लेकिन जब चीन में महामारी फैलने की चटकारेदार खबरें भारतीय मीडि...
उत्तरकाशी में सख्त कोविड कर्फ्यू लगाने का निर्णय

उत्तरकाशी में सख्त कोविड कर्फ्यू लगाने का निर्णय

उत्तरकाशी
अध्यक्ष जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण/जिलाधिकारी so मयूर दीक्षित ने शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जनपद में 11 मई से 18 मई के बीच कोविड कर्फ्यू प्रभावी किया है.नीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशीजनपद में कोविड के बढ़ते प्रकोप के because मद्देनजर जनपद वासियों के हित में सरकार द्वारा आगामी 11 से 18 मई तक प्रथम फेज में संपूर्ण जनपद में सख्त कोविड कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है. अंक शास्त्र वैक्सीन लगाने के लिए 18 से 45 वर्ष के व्यक्ति घरों के बाहर निकल रहे हैं तो उन्हें अपना पंजीकरण दिखाना होगा. इसी तरह 45 से ऊपर के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जाने की अनुमति होगी. अब केवल 7 से 10 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानें (फल, सब्जी, दूध, मीट की दुकानें) खुलेंगी. इसके साथ ही  मंडियों में केवल किसान और रिटेलर को ही आने की अनुमति होगी. इसके अलावा किसी और को अनुमति नहीं होगी. जनपद में सभी शिक्षण ...
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर उनकी मानव-दृष्टि

गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर उनकी मानव-दृष्टि

साहित्‍य-संस्कृति
प्रो. गिरीश्वर मिश्रकवि, चिन्तक और सांस्कृतिक नायक गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य और कला के क्षेत्र में नव जागरण के सूत्रधार थे. आध्यात्म, साहित्य, संगीत और नाटक के परिवेश में पले बढे और यह सब उनकी स्वाभाविक प्रकृति और रुचि के अनुरूप भी था. बचपन से ही उनकी रुचि सामान्य और साधारण का अतिक्रमण करने में रही पर वे because ऋषि परम्परा, उपनिषद, भक्ति साहित्य, कबीर जैसे संत ही नहीं, सूफी और बाउल की लोक परम्परा आदि से भी ग्रहण करते रहे. कवि का मन मनुष्य, प्रकृति, सृष्टि और परमात्मा  के बीच होने वाले संवाद की ओर आकर्षित होता रहा. प्रकृति के क्रोड़ में जल, वायु, आकाश, और धरती की भंगिमाएं उन्हें सदैव कुछ कहती सुनाती सी रहीं. तृण-गुल्म, तरु-पादप, पर्वत-घाटी, नदी-नद और पशु-पक्षी को निहारते और गुनते कवि को सदैव विराट की आहट सुनाई पड़ती थी. अंक शास्त्रविश्वात्मा की झलक पाने के लिए कवि अपने को तै...